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खेती में नई तकनीक की एंट्री अब फोटो से तैयार होगा फसलों का डिजिटल रिकॉर्ड
भागलपुर: बिहार के भागलपुर जिले में रबी सीजन को लेकर कृषि विभाग ने बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। इस बार जिले के करीब 6 लाख खेतों का डिजिटल क्रॉप सर्वे कराया जाएगा। सर्वे के दौरान खेतों की तस्वीर के साथ फसलों का ऑनलाइन रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा, जिससे कृषि योजनाओं की निगरानी और किसानों को मिलने वाली सुविधाओं को बेहतर बनाया जा सके।
डिजिटल क्रॉप सर्वे के तहत खेतों की वास्तविक स्थिति, बोई गई फसल, फसल का क्षेत्रफल और अन्य जरूरी जानकारियां ऑनलाइन दर्ज की जाएंगी। सर्वे करने वाली टीम खेत पर जाकर फसलों की फोटो खींचेगी और संबंधित जानकारी को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड करेगी।
कृषि विभाग का उद्देश्य इस प्रक्रिया के जरिए फसलों का सटीक आंकड़ा तैयार करना है। इससे जिले में किस क्षेत्र में कौन सी फसल कितने रकबे में लगाई गई है, इसकी सही जानकारी उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही सरकार को कृषि योजनाएं बनाने और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन में मदद मिलेगी। अधिकारियों के अनुसार, डिजिटल सर्वे से फसल उत्पादन का अनुमान लगाने में भी आसानी होगी। पहले फसलों से जुड़े आंकड़े तैयार करने में समय लगता था और कई बार वास्तविक स्थिति का सही आकलन नहीं हो पाता था। नई व्यवस्था से यह प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तेज हो जाएगी।
इस सर्वे में गेहूं, मक्का, दलहन, तेलहन समेत अन्य रबी फसलों की जानकारी जुटाई जाएगी। खेतों की जियो टैगिंग और फोटो रिकॉर्ड के माध्यम से फसलों की स्थिति को सुरक्षित रखा जाएगा। किसानों के लिए भी डिजिटल क्रॉप सर्वे कई मायनों में लाभकारी माना जा रहा है। इससे फसल नुकसान, सरकारी सहायता, बीमा योजना और अन्य कृषि सेवाओं में सही जानकारी के आधार पर निर्णय लेने में मदद मिलेगी।
कृषि विभाग ने सर्वे से जुड़े कर्मचारियों और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्हें समय पर खेतों का निरीक्षण कर सही जानकारी ऑनलाइन दर्ज करने को कहा गया है। भागलपुर में शुरू होने वाला यह डिजिटल क्रॉप सर्वे कृषि क्षेत्र में तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे खेती से जुड़े आंकड़ों को आधुनिक तरीके से तैयार करने और किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में मदद मिलेगी।
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