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अररिया। बिहार के अररिया जिले में मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची एसटीएफ की टीम पर हमले का गंभीर मामला सामने आया है। रविवार दोपहर नरपतगंज-फारबिसगंज फोरलेन हाईवे पर नरपतगंज थाना क्षेत्र के थलहा नहर के समीप एसटीएफ जवानों पर लाठी-डंडों और लोहे की रड से हमला कर दिया गया। इस घटना में छह जवानों के घायल होने की जानकारी सामने आई है, जिनमें चार की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के दौरान 10 राउंड से अधिक गोली चलने की भी सूचना मिली है। हालांकि, फायरिंग किन परिस्थितियों में हुई और इसमें कौन-कौन शामिल था, इसकी जांच पुलिस कर रही है। घटना के बाद पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य की तलाश में छापेमारी जारी है।
जानकारी के अनुसार, एसटीएफ की टीम मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ी गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करने पहुंची थी। शुरुआती कार्रवाई में दो आरोपितों को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उनकी निशानदेही पर मादक पदार्थों की बरामदगी के लिए टीम आगे बढ़ रही थी। इसी दौरान आरोप है कि कुछ लोगों ने एकजुट होकर एसटीएफ जवानों पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से मौके पर अफरातफरी मच गई।
गुप्त सूचना पर छापेमारी करने पहुंची थी एसटीएफ
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, एसटीएफ को नरपतगंज क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी से संबंधित सूचना मिली थी। इसके आधार पर टीम खैरा पंचायत के देवीगंज स्टेशन के समीप छापेमारी करने पहुंची।कार्रवाई के दौरान एसटीएफ ने दयानंद साह और अनिल साह को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद टीम ने उनसे मिली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई शुरू की।
बताया गया कि गिरफ्तार आरोपितों की निशानदेही पर खैरा गढ़िया पंचायत के समीप फोरलेन हाईवे पर मादक पदार्थों की बरामदगी के लिए कार्रवाई की जा रही थी। इसी दौरान एसटीएफ की टीम को विरोध का सामना करना पड़ा।
पुलिस के अनुसार, आगे की कार्रवाई के दौरान कुछ लोग मौके पर एकत्र हो गए और जवानों के साथ मारपीट शुरू कर दी। घटना में शामिल लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
मुखिया प्रतिनिधि समेत अन्य लोगों पर हमले का आरोप
इस मामले में खैरा पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि उमर फारूक और उसके सहयोगियों पर एसटीएफ टीम पर हमला करने का आरोप लगा है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोप है कि उमर फारूक और उसके सहयोगियों ने अन्य लोगों के साथ मिलकर एसटीएफ जवानों को घेर लिया। इसके बाद लाठी-डंडों और लोहे की रड से मारपीट की गई।अचानक हुए हमले के कारण जवानों को संभलने का मौका नहीं मिला। बताया जा रहा है कि जवानों ने मौके से निकलने का प्रयास किया, लेकिन हमलावरों ने उनका पीछा कर मारपीट की।हालांकि, घटना में नाम सामने आने वाले सभी व्यक्तियों की भूमिका और आरोपों की सत्यता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
छह जवान घायल, चार की हालत गंभीर
एसटीएफ टीम पर हुए हमले में छह जवानों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। इनमें चार जवानों की हालत गंभीर बताई जा रही है।लाठी-डंडों और लोहे की रड से किए गए कथित हमले के कारण जवानों को चोटें आई हैं। घटना के बाद घायल जवानों की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई।फिलहाल उपलब्ध जानकारी में घायल जवानों के नाम, उन्हें किस अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी चोटों के विस्तृत विवरण का उल्लेख नहीं है।
हमले में घायल जवानों की संख्या छह बताई गई है। इनमें चार की हालत गंभीर होने की सूचना है। घटना से जुड़े चिकित्सकीय विवरण और अन्य परिस्थितियों की पुष्टि होना अभी बाकी है।
10 राउंड से अधिक फायरिंग की सूचना
इस घटना के दौरान गोली चलने की भी सूचना सामने आई है। बताया जा रहा है कि घटनास्थल पर 10 राउंड से अधिक फायरिंग हुई।गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के इलाके में दहशत का माहौल बन गया। नरपतगंज-फारबिसगंज फोरलेन हाईवे के थलहा नहर के समीप हुई इस घटना से अफरातफरी मच गई।
हालांकि, फायरिंग किसने की, गोली चलाने की परिस्थितियां क्या थीं और इसमें किन लोगों की भूमिका रही, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।पुलिस इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है। इसलिए फायरिंग को लेकर किसी व्यक्ति या पक्ष की भूमिका को फिलहाल निश्चित नहीं माना जा सकता।
तीन आरोपित गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
एसटीएफ जवानों पर हमले के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है।इससे पहले मादक पदार्थों की तस्करी से संबंधित कार्रवाई में दयानंद साह और अनिल साह को पकड़े जाने की जानकारी सामने आई थी। हमले के बाद हुई गिरफ्तारियों में शामिल तीन आरोपितों की पहचान और पहले पकड़े गए व्यक्तियों से उनका संबंध उपलब्ध विवरण में स्पष्ट नहीं है।
पुलिस अन्य आरोपितों की तलाश में छापेमारी कर रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हमले में कितने लोग शामिल थे और उनकी अलग-अलग भूमिकाएं क्या थीं।घटना के दौरान इस्तेमाल किए गए लाठी-डंडों, लोहे की रड और फायरिंग से संबंधित परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है।
मादक पदार्थों की बरामदगी के दौरान हुआ विवाद
पूरे घटनाक्रम की शुरुआत मादक पदार्थों की तस्करी से संबंधित गुप्त सूचना से हुई थी। एसटीएफ ने पहले देवीगंज स्टेशन के समीप कार्रवाई की और दो आरोपितों को गिरफ्तार किया।इसके बाद टीम गिरफ्तार आरोपितों की निशानदेही पर खैरा गढ़िया पंचायत के समीप फोरलेन हाईवे पर पहुंची थी। यहां मादक पदार्थों की बरामदगी के लिए आगे की कार्रवाई की जानी थी।
इसी दौरान एसटीएफ टीम पर हमले की घटना हुई। हालांकि, कार्रवाई में कितनी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद हुए या बरामदगी हो सकी अथवा नहीं, इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं है।पुलिस की जांच में मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े आरोपों के साथ एसटीएफ जवानों पर हमले के मामले की भी पड़ताल की जा रही है।
हमले के बाद पुलिस की कार्रवाई जारी
नरपतगंज थाना क्षेत्र में एसटीएफ टीम पर हुए हमले ने मामले को गंभीर बना दिया है। छह जवानों के घायल होने, चार की हालत गंभीर बताए जाने और 10 राउंड से अधिक फायरिंग की सूचना के कारण घटना चर्चा में है।
पुलिस ने तीन आरोपितों की गिरफ्तारी की जानकारी दी है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। खैरा पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि उमर फारूक और उनके सहयोगियों पर लगाए गए आरोपों की भी जांच की जा रही है।
फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। जांच पूरी होने के बाद ही हमले में शामिल लोगों, फायरिंग की परिस्थितियों और मादक पदार्थों की कथित तस्करी से जुड़े अन्य तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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