
बिहार: बिहार बंद के दौरान सिवान जिले में हुए हिंसक प्रदर्शन के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। शहर में हुए बवाल, पथराव और गोलीबारी के बाद पुलिस ने अब तक 102 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में तीन अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन की आड़ में कुछ असामाजिक तत्वों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की और पुलिस पर भी हमला किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आत्मरक्षा में हवाई फायरिंग करनी पड़ी।
घटना शनिवार को बिहार बंद के दौरान सामने आई। सिवान शहर के गांधी मैदान, जेपी चौक और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में लोग प्रदर्शन के लिए जुटे थे। पुलिस के अनुसार, शुरुआत में प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन बाद में कुछ शरारती तत्व भीड़ में शामिल हो गए और उन्होंने पथराव शुरू कर दिया। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बन गई।
पुलिस प्रशासन के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर ईंट-पत्थर फेंके और फायरिंग भी की। इसके बाद पुलिस ने कई बार लोगों को समझाने और भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया। जब हालात काबू में नहीं आए तो पुलिस ने आत्मरक्षा और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हवाई फायरिंग की।
सिवान के पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा ने बताया कि हिंसा के मामले में तीन प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। पहली प्राथमिकी मुफ्फसिल थाने में पदस्थापित सहायक अवर निरीक्षक निलेश कुमार सिंह के आवेदन पर नगर थाने में दर्ज की गई है। दूसरी प्राथमिकी नगर थाने में पदस्थापित पुलिस अवर निरीक्षक प्रशांत कुमार और तीसरी प्राथमिकी कार्यपालक दंडाधिकारी सदर रविंद्र कुमार की ओर से दर्ज कराई गई है।
पुलिस के अनुसार, शनिवार दोपहर करीब 12:30 बजे सूचना मिली कि गांधी मैदान इलाके में उपद्रव हो रहा है। इसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। बताया गया कि जेपी चौक की ओर करीब पांच सौ लोगों की भीड़ बढ़ रही थी। भीड़ में शामिल कुछ लोग पथराव कर रहे थे और फायरिंग भी कर रहे थे।
पुलिस की प्राथमिकी में बताया गया है कि अस्पताल मोड़ की तरफ से आ रही भीड़ थाना गली की ओर बढ़ रही थी। पुलिस को आशंका थी कि भीड़ थाने और आसपास के व्यापारिक प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचा सकती है। इसके बाद पुलिस ने स्थिति संभालने की कोशिश की।
पुलिस के मुताबिक, सब्जी मंडी के पास पहुंचते ही कुछ लोगों ने मस्जिद और आसपास की गलियों से पुलिस पर ईंट-पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। इसी दौरान फायरिंग भी की गई। पुलिस ने उपद्रवियों को रोकने के लिए चेतावनी दी, लेकिन जब भीड़ पीछे नहीं हटी तो एएसआई निलेश कुमार सिंह ने सरकारी पिस्टल से दो राउंड हवाई फायरिंग की।
फायरिंग के बाद भीड़ कुछ पीछे हटी। मौके पर एक युवक घायल अवस्था में मिला, जिसकी पहचान बुलेट कुमार गोड़ के रूप में हुई। उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया। वहीं हिंसा में पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। एएसआई निलेश कुमार सिंह, एक सिपाही और चौकीदार मनदीप कुमार को चोटें आईं, जिनका इलाज कराया गया।
पुलिस ने बताया कि घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है और हिंसा में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य माध्यमों से उपद्रवियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हिंसा के पीछे कौन लोग शामिल थे और फायरिंग की शुरुआत किस ओर से हुई। मामले की जांच जारी है।





