बिहार

मधुबनी में बाइक खरीदना हुआ महंगा

Saba Naaz
26 July 2026 6:05 PM IST
मधुबनी में बाइक खरीदना हुआ महंगा
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बिहार: मधुबनी में नई बाइक, स्कूटी और तिपहिया वाहन खरीदने वालों को बड़ा झटका लगने वाला है। बिहार सरकार के परिवहन विभाग ने मोटर वाहन कर की नई दरों को अधिसूचित कर दिया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद जिले में दोपहिया और तिपहिया वाहनों की खरीदारी महंगी हो जाएगी। खासतौर पर एक लाख रुपये तक की बाइक खरीदने वालों को अब पहले की तुलना में अधिक टैक्स चुकाना होगा।

बिहार मोटरवाहन करारोपण अधिनियम, 1994 में संशोधन के बाद सरकार ने वाहनों पर एकमुश्त कर की नई व्यवस्था लागू की है। यह नई कर प्रणाली बिहार गजट में प्रकाशित होने के सात कार्य दिवस बाद जिले में प्रभावी हो जाएगी। इसके बाद सभी नए वाहनों का निबंधन नई टैक्स दरों के आधार पर किया जाएगा।

नई अधिसूचना के अनुसार, अब दोपहिया वाहनों पर टैक्स उनकी एक्स शोरूम कीमत के आधार पर लिया जाएगा। यानी वाहन की कीमत जितनी अधिक होगी, टैक्स की राशि भी उतनी ही बढ़ जाएगी। एक लाख रुपये तक कीमत वाली बाइक और स्कूटी पर अब खरीदारों को एक्स शोरूम कीमत का 9 प्रतिशत एकमुश्त टैक्स देना होगा।

उदाहरण के तौर पर यदि किसी बाइक की एक्स शोरूम कीमत एक लाख रुपये है तो उस पर करीब 9 हजार रुपये टैक्स देना होगा। वहीं, पहले की तुलना में यह राशि बढ़ने से खरीदारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। इसी वजह से वाहन खरीदने वालों को अब बजट बनाते समय टैक्स राशि को भी ध्यान में रखना होगा।

नई व्यवस्था में महंगी बाइकों पर टैक्स की दर और ज्यादा रखी गई है। एक लाख रुपये से आठ लाख रुपये तक कीमत वाले दोपहिया वाहनों पर 10 प्रतिशत टैक्स लगेगा। वहीं, आठ लाख रुपये से 15 लाख रुपये तक कीमत वाले वाहनों पर 11 प्रतिशत कर निर्धारित किया गया है। अगर किसी दोपहिया वाहन की कीमत 15 लाख रुपये से अधिक है तो उस पर 13 प्रतिशत तक टैक्स देना होगा।

व्यावसायिक उपयोग में आने वाली नई मोटरसाइकिलों पर भी यही टैक्स व्यवस्था लागू होगी। इन वाहनों के लिए 15 वर्षों की अवधि के लिए एकमुश्त कर लिया जाएगा। इससे बाइक से व्यवसाय करने वाले लोगों को भी अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा।

इसके अलावा ऑटो रिक्शा और अन्य तिपहिया वाहनों पर भी टैक्स बढ़ाया गया है। चार यात्रियों की क्षमता वाले नए ऑटो रिक्शा पर अब 15 वर्षों के लिए 11 हजार रुपये का एकमुश्त टैक्स निर्धारित किया गया है। वहीं, सात यात्रियों की क्षमता वाले बड़े तिपहिया वाहनों पर 15 वर्षों के लिए 16 हजार रुपये का कर देना होगा।

पुराने तिपहिया वाहनों के लिए भी उनकी उम्र के अनुसार अगले पांच वर्षों के लिए अलग-अलग टैक्स दरें तय की गई हैं। इससे पुराने व्यावसायिक वाहन चलाने वाले संचालकों पर भी असर पड़ेगा।

नई कर व्यवस्था का प्रभाव वाहन डीलरों और निर्माताओं पर भी पड़ेगा। डीलरों के पास रखे गए वाहनों के वार्षिक कर में भी बदलाव किया गया है। अब डीलर के पास मौजूद मोटरसाइकिल पर 600 रुपये और भारी वाहनों के चेसिस पर 1000 रुपये का सालाना कर देना होगा।

जिला परिवहन पदाधिकारी श्रीराम बाबू ने बताया कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद सभी वाहनों का निबंधन संशोधित दरों के अनुसार किया जाएगा। उन्होंने वाहन खरीदारों से अपील की है कि वे नई टैक्स व्यवस्था की जानकारी लेकर ही वाहन खरीदने की योजना बनाएं।

सरकार का कहना है कि मोटर वाहन कर की नई दरों से परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने और राजस्व बढ़ाने में मदद मिलेगी। हालांकि वाहन खरीदारों के लिए इसका सीधा असर उनकी जेब पर पड़ेगा। मधुबनी में अब नई बाइक, स्कूटी या ऑटो खरीदने से पहले ग्राहकों को बढ़े हुए टैक्स को भी अपने खर्च में शामिल करना होगा।

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