
सीतामढ़ी: नीट पेपर लीक के विरोध में आयोजित बिहार बंद के दौरान हुए उपद्रव, तोड़फोड़ और आगजनी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस मामले में 35 नामजद लोगों के अलावा करीब 3000 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। वहीं, सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस ने अब तक 15 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि सरकारी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
जानकारी के अनुसार, शनिवार को नीट पेपर लीक मामले के विरोध में बिहार बंद का आह्वान किया गया था। सीतामढ़ी में बंद के दौरान प्रदर्शनकारियों की भीड़ उग्र हो गई और कई जगहों पर तोड़फोड़ तथा आगजनी की घटनाएं सामने आईं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को मौके पर तैनात किया गया था। लेकिन प्रदर्शन के दौरान भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया।
डुमरा थाना में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, डुमरा थानाध्यक्ष मुकेश कुमार के आवेदन पर मामला दर्ज किया गया है। आवेदन में बताया गया कि छात्रों के प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला दंडाधिकारी के आदेश पर पुलिस बल की तैनाती शंकर चौक पर की गई थी। प्रदर्शनकारी शंकर चौक से समाहरणालय की ओर बढ़े, इसी दौरान बड़ी संख्या में अन्य लोग भी भीड़ में शामिल हो गए।
पुलिस के अनुसार, समाहरणालय परिसर के आसपास करीब 3000 लोगों की भीड़ ने उग्र प्रदर्शन किया। इस दौरान सरकारी योजनाओं के प्रचार के लिए लगाए गए बैरिकेड, होर्डिंग, ट्रैफिक पुलिस के पोस्टर और नगर निगम द्वारा रखे गए डस्टबिन समेत कई सामानों को तोड़कर क्षतिग्रस्त कर दिया गया। कुछ स्थानों पर आगजनी की घटना भी हुई, जिससे इलाके में तनाव की स्थिति बन गई।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए वीडियो फुटेज और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगालनी शुरू की। जांच के दौरान कई लोगों की पहचान की गई और उन्हें गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपितों में बथनाहा थाना क्षेत्र के खैरवी निवासी गौरव कुमार और गौतम कुमार शामिल हैं। इसके अलावा गाढ़ा थाना क्षेत्र के धनखी निवासी प्रशांत प्रियदर्शी, रीगा थाना क्षेत्र के हरिहरपुर निवासी सर्वेश कुमार और पुपरी थाना क्षेत्र के आवापुर निवासी मोहम्मद ऐहतेशाम को भी पकड़ा गया है।
इसके अलावा पुलिस ने पुनौरा थाना क्षेत्र के मधुबन निवासी मोहम्मद अमानत, मेहसौल थाना क्षेत्र के राजोपट्टी निवासी आकीब अली और मोहम्मद अब्दुल्ला अंसारी को भी गिरफ्तार किया है। डुमरा थाना क्षेत्र के विश्वनाथपुर टोला निवासी मनीष कुमार और सुहई निवासी नितेश कुमार के साथ सीतामढ़ी थाना क्षेत्र के मोहनपुर निवासी अमन कुमार को भी पुलिस हिरासत में लिया गया है।
पुलिस कार्रवाई में बेला थाना क्षेत्र के धनहा तिवारी टोला निवासी विकास कुमार और सन्नी कुमार भी पकड़े गए हैं। वहीं बैरगनिया निवासी और वर्तमान में नाहर चौक क्षेत्र में रहने वाले रोहित कुमार तथा पुनौरा थाना क्षेत्र के रामपुर परोरी गांव निवासी दिवाकर कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है।
सदर एसडीपीओ राजीव कुमार सिंह ने बताया कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस वायरल वीडियो और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अन्य आरोपितों की पहचान कर रही है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन हिंसा, आगजनी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और फरार आरोपितों की तलाश जारी है।





