
बांका: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला को लेकर जिला प्रशासन ने कांवरियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। इस बार बांका जिले से होकर गुजरने वाले 54 किलोमीटर लंबे कांवरिया पथ पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पूरे मार्ग पर 21 अस्थायी थाने स्थापित करने का निर्णय लिया है।
इन सभी अस्थायी थानों पर मेडिकल कैंप भी संचालित किए जाएंगे, जहां कांवरियों को चौबीसों घंटे स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रशासन का उद्देश्य है कि लंबी पैदल यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी न हो और जरूरत पड़ने पर उन्हें तुरंत चिकित्सा सहायता मिल सके।
श्रावणी मेला 30 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। इस दौरान देशभर से लाखों श्रद्धालु अजगैबीनाथ धाम, सुल्तानगंज से जल लेकर देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम तक की यात्रा करते हैं। करीब 105 किलोमीटर लंबी इस कांवर यात्रा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बांका जिले से होकर गुजरता है। इस मार्ग का लगभग 54 किलोमीटर हिस्सा बांका जिले में आता है, जो कटोरिया, बेलहर और चांदन प्रखंडों के अंतर्गत आता है।
कांवरियों की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष योजना तैयार की है। पुलिस अधीक्षक अमितेश कुमार ने हाल ही में कांवरिया पथ का निरीक्षण कर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
एसपी के निरीक्षण के बाद अस्थायी थानों की व्यवस्था को अंतिम रूप दिया गया है। इन थानों में पुलिस अधिकारियों और जवानों के रहने की व्यवस्था भी की जाएगी। शिफ्ट के आधार पर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी, ताकि पूरे यात्रा मार्ग पर 24 घंटे सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे।
प्रशासन की योजना के अनुसार, कांवरिया पथ के संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। भीड़ नियंत्रण, श्रद्धालुओं की सहायता, किसी भी आपात स्थिति से निपटने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल लगातार तैनात रहेगा।
श्रावणी मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल यात्रा करते हैं। गर्मी, थकान और लंबी दूरी के कारण कई बार कांवरियों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसे देखते हुए मेडिकल कैंपों में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती की जाएगी। प्राथमिक उपचार के साथ जरूरत पड़ने पर गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था भी रहेगी।
अस्थायी थानों पर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के बीच बेहतर तालमेल बनाया जाएगा, ताकि किसी भी घटना या आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को समय रहते तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
कांवरिया पथ पर साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर भी काम किया जा रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान अधिकतम सुविधाएं मिल सकें और मेला शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो।
श्रावणी मेला बिहार और झारखंड के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है। हर साल लाखों श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल होते हैं। बांका जिले से गुजरने वाला कांवरिया मार्ग इस यात्रा का अहम हिस्सा है, इसलिए यहां सुरक्षा व्यवस्था को विशेष महत्व दिया जाता है।
जिला प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी तरह की समस्या से निपटने के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने को कहा गया है।
पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं से भी अपील की है कि वे यात्रा के दौरान प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और किसी भी परेशानी की स्थिति में नजदीकी सहायता केंद्र या पुलिस कर्मियों से संपर्क करें।
इस बार श्रावणी मेले में बेहतर सुरक्षा व्यवस्था, मेडिकल सुविधाओं और प्रशासनिक निगरानी के साथ कांवरियों को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव देने की तैयारी की जा रही है। 54 किलोमीटर लंबे कांवरिया पथ पर 21 अस्थायी थानों और चौबीसों घंटे पुलिस एवं स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था से प्रशासन को उम्मीद है कि मेला शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न होगा।





