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पटना। बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर दियारा इलाके में गंगा नदी में नाव पलटने से बच्चों सहित कई लोगों की मौत के बाद राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता, बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राघोपुर के विधायक तेजस्वी यादव ने बुधवार, 14 अक्टूबर को इस दर्दनाक घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए राज्य सरकार की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नाव हादसे की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि यह पता लगाया जा सके कि रात के समय नाव किस वजह से दुर्घटनाग्रस्त हुई और उसमें इतनी बड़ी संख्या में लोग कैसे सवार थे। तेजस्वी यादव ने स्थानीय अस्पतालों में चिकित्सा सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उठाया और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई।
वैशाली जिले के राघोपुर दियारा क्षेत्र में मंगलवार, 13 अक्टूबर की रात गंगा नदी में यात्रियों से भरी एक नाव पलट गई थी। हादसा रामपुर श्यामचंद गांव के आसपास हुआ। नाव में बड़ी संख्या में बच्चे और अन्य लोग सवार थे। जानकारी के अनुसार, नाव पर सवार लोग एक धार्मिक भोज कार्यक्रम से जुड़े थे। इसी दौरान नदी में नाव पलटने से कई लोग पानी में डूब गए।हादसे के बाद स्थानीय लोगों और प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमों को भी बचाव अभियान में लगाया गया। शुरुआती रिपोर्टों में 13 लोगों की मौत की पुष्टि हुई, जबकि कुछ अन्य रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 14 बताई गई। अधिकतर मृतक बच्चे थे।तेजस्वी यादव ने घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खोया है, उनके दुख की भरपाई संभव नहीं है। इस हादसे ने कई परिवारों को गहरा आघात पहुंचाया है।
उन्होंने सवाल उठाया कि रात के समय यात्रियों से भरी नाव नदी में कैसे दुर्घटनाग्रस्त हो गई। नाव पर कितने यात्री सवार थे और सुरक्षित परिवहन की व्यवस्था क्यों नहीं हो सकी, इन सभी पहलुओं की जांच होनी चाहिए। तेजस्वी यादव ने कहा कि इतनी बड़ी दुर्घटना होने के बाद इसकी परिस्थितियों और जिम्मेदारियों का पता लगाना जरूरी है।राष्ट्रीय जनता दल के नेता ने स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी राज्य सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि राघोपुर जैसे दियारा क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। हादसे के बाद सामने आई परिस्थितियों ने एक बार फिर स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता पर सवाल खड़े किए हैं।
तेजस्वी यादव ने कहा कि क्षेत्र में अस्पतालों की व्यवस्था बेहतर होनी चाहिए, ताकि किसी आपात स्थिति में लोगों को समय पर उपचार मिल सके। उन्होंने कहा कि सरकार को केवल हादसे के बाद राहत पहुंचाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए भी ठोस व्यवस्था करनी चाहिएघटना के बाद राघोपुर के स्थानीय अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने की शिकायतें सामने आई थीं। कुछ स्थानीय लोगों ने अस्पताल में ऑक्सीजन, चिकित्सकों और एंबुलेंस की उपलब्धता को लेकर सवाल उठाए। हालांकि, इन शिकायतों की पूरी परिस्थितियां और प्रशासनिक जिम्मेदारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
तेजस्वी यादव ने बताया कि हादसे की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने स्थानीय प्रशासन और वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत की थी। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने और प्रभावित लोगों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि आरजेडी के कार्यकर्ता भी प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए मौके पर पहुंच रहे हैं।राज्य सरकार ने भी इस दुर्घटना पर दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। जिला प्रशासन की ओर से घटना की जांच और पीड़ित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
इस बीच नाव हादसे में बचे कुछ बच्चों ने बताया कि नाव में पानी भरने लगा था, जिसके बाद वह पलट गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नाव में क्षमता से अधिक लोग सवार होने की आशंका भी है। हालांकि, हादसे का वास्तविक कारण आधिकारिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।राघोपुर दियारा इलाके में हुई इस घटना ने नदी परिवहन की सुरक्षा और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था से जुड़े सवालों को सामने ला दिया है। तेजस्वी यादव ने सरकार से मामले की जांच कराने और प्रभावित परिवारों को उचित सहायता देने की मांग की है।
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