
पटना। वर्ष 2023 की बिहार सिपाही भर्ती लिखित परीक्षा में हुए फर्जीवाड़े के मामले में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी ने नालंदा जिले के एक परीक्षा केंद्र पर सेटर की भूमिका निभाने के आरोप में श्रवण कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी पटना जिले के सिगोड़ी थाना क्षेत्र के हादीनगर गांव का निवासी है। उसकी गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल में जुट गई है।
बिहार सिपाही बहाली 2023 की लिखित परीक्षा में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया था। इसके कारण भर्ती परीक्षा रद्द कर दी गई थी। इस मामले में जांच एजेंसियां लगातार आरोपियों की भूमिका और परीक्षा में गड़बड़ी के तरीके का पता लगाने का प्रयास कर रही हैं। अब नालंदा के परीक्षा केंद्र पर सेटर की भूमिका निभाने के आरोप में श्रवण कुमार की गिरफ्तारी को जांच की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
ईओयू के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां मिली हैं। इन जानकारियों के आधार पर जांच एजेंसी अब मामले की आगे की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। हालांकि, पूछताछ में सामने आई जानकारियों का विस्तृत ब्योरा फिलहाल सार्वजनिक नहीं किया गया है।
नालंदा के परीक्षा केंद्र पर निभाई थी सेटर की भूमिका
जांच के दायरे में आए श्रवण कुमार पर वर्ष 2023 की बिहार सिपाही भर्ती लिखित परीक्षा के दौरान नालंदा जिले के एक परीक्षा केंद्र पर सेटर की भूमिका निभाने का आरोप है। वह पटना जिले के सिगोड़ी थाना अंतर्गत हादीनगर गांव का रहने वाला है। ईओयू ने उसे गिरफ्तार करने के बाद जेल भेज दिया है।
परीक्षा में सेटर की भूमिका को लेकर जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी की जिम्मेदारी क्या थी और वह किन लोगों के संपर्क में था। भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े की जांच के दौरान आरोपियों के बीच संपर्क, परीक्षा केंद्रों पर हुई गतिविधियों और गड़बड़ी से जुड़े तथ्यों की पड़ताल महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि श्रवण कुमार ने कथित तौर पर किस तरह फर्जीवाड़े को अंजाम दिया या उसके साथ इस मामले में कौन-कौन लोग शामिल थे। इन बिंदुओं पर जांच आगे बढ़ने के बाद ही तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
फर्जीवाड़े के कारण रद्द करनी पड़ी थी भर्ती परीक्षा
बिहार सिपाही बहाली 2023 की लिखित परीक्षा के दौरान फर्जीवाड़े का मामला सामने आने के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई थी। इस घटनाक्रम का असर भर्ती प्रक्रिया पर पड़ा और मामले की जांच शुरू की गई। जांच एजेंसी अब परीक्षा में गड़बड़ी से जुड़े लोगों की भूमिका का पता लगाने में जुटी है।
भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच के तहत यह जानना जरूरी है कि गड़बड़ी किस तरीके से की गई, इसमें किन लोगों की भूमिका थी और अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर क्या गतिविधियां हुई थीं। इसी क्रम में नालंदा के परीक्षा केंद्र पर सेटर की भूमिका निभाने के आरोप में श्रवण कुमार की गिरफ्तारी हुई है।
परीक्षा रद्द होने के बाद से इस मामले में जांच एजेंसियां तथ्यों और सबूतों के आधार पर कार्रवाई कर रही हैं। श्रवण कुमार की गिरफ्तारी भी इसी जांच का हिस्सा है। एजेंसी पूछताछ से मिली जानकारियों के आधार पर मामले के अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
पूछताछ में मिली अहम जानकारियां
ईओयू ने श्रवण कुमार से पूछताछ की, जिसमें जांच से संबंधित कई अहम जानकारियां मिलने की बात कही गई है। इन जानकारियों के आधार पर एजेंसी आगे की जांच कर रही है। हालांकि, पूछताछ के दौरान किस तरह के तथ्य सामने आए और उनसे मामले में किन अन्य लोगों की भूमिका का पता चला है, इसका विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है।
जांच एजेंसी के लिए पूछताछ से मिले तथ्यों का मिलान दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों से करना महत्वपूर्ण होगा। इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि भर्ती परीक्षा में हुए कथित फर्जीवाड़े की कड़ियां किस तरह जुड़ी हुई थीं। फिलहाल, ईओयू इस मामले में आगे की पड़ताल में जुटी है।
आरोपी को जेल भेजे जाने के बाद भी जांच की प्रक्रिया जारी है। एजेंसी मामले से संबंधित जानकारी जुटाकर आगे की कार्रवाई कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा सकती है।
भर्ती परीक्षा फर्जीवाड़े की जांच जारी
वर्ष 2023 की बिहार सिपाही भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े के मामले में श्रवण कुमार की गिरफ्तारी से जांच का एक और पहलू सामने आया है। नालंदा के परीक्षा केंद्र पर सेटर की भूमिका निभाने के आरोप में गिरफ्तार किए गए श्रवण कुमार से पूछताछ के दौरान मिली जानकारियों को जांच एजेंसी आगे की पड़ताल के लिए आधार बना रही है।
फिलहाल, आर्थिक अपराध इकाई ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और मामले की जांच जारी है। भर्ती परीक्षा रद्द होने के पीछे रहे फर्जीवाड़े की पूरी कड़ी का पता लगाने के लिए एजेंसी संबंधित तथ्यों की जांच कर रही है।
अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि आरोपी की भूमिका कितनी व्यापक थी और पूछताछ में मिली जानकारियां मामले के अन्य पहलुओं को उजागर करने में किस तरह मदद करती हैं। जांच पूरी होने और आधिकारिक रूप से अधिक तथ्य सामने आने के बाद ही इस मामले की विस्तृत तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।





