
x
मुजफ्फरपुर में खादी संघ की संपत्ति की जांच
मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर में खादी ग्रामोद्योग संघ की जमीन पर कथित अनियमितताओं और अवैध निर्माण के मामले में प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं। प्रमंडलीय आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एसडीओ पूर्वी और मुशहरी के अंचलाधिकारी को निष्पक्ष जांच करने का निर्देश दिया है। दोनों अधिकारियों को 12 अक्टूबर 2026 तक रिपोर्ट सौंपनी है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि संघ की जमीन पर हो रहे निर्माण वैध हैं या नहीं और इनके लिए किस स्तर पर अनुमति दी गई।
खादी की जमीन पर व्यावसायिक निर्माण के आरोप
संघ की जमीन पर विवाह भवन, मैरिज हॉल और व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स बनाए जाने को लेकर सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता मुक्तेश्वर प्रसाद सिंह ने आयुक्त को आवेदन देकर कथित अवैध निर्माण पर रोक लगाने की मांग की थी। आवेदन में परिसर में निजी स्कूल के संचालन को लेकर भी आपत्ति जताई गई। खादी ग्रामोद्योग संघ की जमीन का इस्तेमाल निर्धारित उद्देश्यों से अलग गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। इन आरोपों की सच्चाई और निर्माण की वैधता का पता लगाने के लिए प्रशासनिक जांच कराई जा रही है।
बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण का मामला
मामले में नगर निगम की जांच रिपोर्ट का भी उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, संघ की जमीन पर निर्माण के लिए स्वीकृत नक्शा नहीं पाया गया था। यहां लगभग 24 दुकानों और करीब 4,600 वर्गफीट क्षेत्र में गोदाम बनाने का काम किए जाने की जानकारी सामने आई है। अब प्रशासनिक अधिकारी निर्माण से संबंधित दस्तावेजों, नक्शे की स्वीकृति और जमीन के इस्तेमाल की अनुमति की जांच करेंगे। इसके आधार पर तय किया जाएगा कि किन निर्माण कार्यों में नियमों का उल्लंघन हुआ है।
आयुक्त ने अवैध निर्माण पर कार्रवाई के दिए संकेत
प्रमंडलीय आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि खादी ग्रामोद्योग संघ की जमीन का उपयोग खादी से संबंधित गतिविधियों के लिए किया जाना चाहिए। यदि जांच में व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स या अन्य निर्माण नियमों के विरुद्ध पाए जाते हैं, तो उन्हें हटाने की कार्रवाई की जा सकती है। जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि संबंधित जमीन पर निर्माण की अनुमति किसने दी और इसके पीछे जिम्मेदार अधिकारी या पदाधिकारी कौन हैं। हालांकि, किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी और कथित भ्रष्टाचार की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
संघ की संपत्ति को लेकर पहले भी उठे हैं सवाल
बिहार खादी ग्रामोद्योग संघ की संपत्तियों और इसके प्रबंधन को लेकर पहले भी विवाद सामने आ चुके हैं। संघ की जमीन के नियंत्रण, प्रबंधन समितियों की वैधता और संपत्ति के व्यावसायिक इस्तेमाल को लेकर अलग-अलग स्तर पर शिकायतें की गई हैं। हाल के दिनों में इस मामले में मानवाधिकार आयोग के समक्ष भी शिकायत पहुंची थी, जिसे आवश्यक कार्रवाई के लिए बिहार सरकार के उद्योग विभाग को भेजा गया था।
अब प्रमंडलीय आयुक्त के निर्देश के बाद प्रशासनिक जांच आगे बढ़ेगी। 12 अक्टूबर तक रिपोर्ट सौंपे जाने के निर्देश के बाद संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में तथ्यों और दस्तावेजों की जांच करनी है। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य संघ की जमीन पर निर्माण की स्थिति स्पष्ट करना, संपत्ति के इस्तेमाल में संभावित अनियमितताओं का पता लगाना और जिम्मेदारी निर्धारित करना है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
Next Story





