
भागलपुर: बिहार के भागलपुर जिले के हबीबपुर थाना क्षेत्र से रविवार की सुबह एक बेहद दर्दनाक, खौफनाक और रूह कंपा देने वाली बड़ी खबर सामने आई है। यहाँ इमरानपुर पंचायत की पूर्व मुखिया जाहिदा खातून के जनाजे के दौरान बिजली विभाग की घोर लापरवाही के कारण एक बहुत बड़ा और भयानक हादसा हो गया। अंतिम यात्रा (जनाजे) में शामिल सैकड़ों लोग अचानक हाईटेंशन बिजली के नंगे और खतरनाक तार की चपेट में आ गए, जिससे पूरे इलाके में अचानक कोहराम मच गया। इस दर्दनाक हादसे में एक दर्जन से अधिक लोग बुरी तरह झुलस गए हैं, जबकि दो दर्जन से ज्यादा लोगों को बिजली का जोरदार झटका लगा है। घायलों में सरपंच के पुत्र अल्ताफ इमरान भी शामिल हैं, जिनकी हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, रविवार की सुबह जब पूर्व मुखिया जाहिदा खातून के जनाजे की नमाज़ के बाद उनकी अंतिम यात्रा निकाली जा रही थी, तब रास्ते में बिजली का एक नंगा तार लटक रहा था। जनाजे में सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल थे और भारी भीड़ होने के कारण किसी का ध्यान उस लटकते हुए खतरनाक तार पर नहीं गया। जैसे ही जनाजा उस जगह से गुजरा, बिजली का वह चालू तार जनाजे की खाट या उसमें शामिल लोगों से छू गया। करंट लगते ही चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। मौत के इस लाइव करंट की चपेट में आते ही जनाजे को कंधा दे रहे और उनके ठीक पीछे चल रहे कई लोग तड़पकर सीधे सड़क पर गिर पड़े।
करंट के जोरदार झटके लगते ही वहाँ मौजूद लोगों में अपनी जान बचाने के लिए भारी भगदड़ मच गई। लोग बदहवास होकर इधर-उधर भागने लगे। ग़मगीन माहौल पल भर में चीख-पुकार और दहशत के मंज़र में तब्दील हो गया। सड़क पर चारों तरफ लोग तड़प रहे थे। इस भीषण आपातकालीन स्थिति के बीच स्थानीय साहसी युवकों ने सूझबूझ दिखाई और अपनी जान जोखिम में डालकर तुरंत नजदीकी पावर हाउस में फोन किया, जिसके बाद बिजली की आपूर्ति को पूरी तरह से बंद कराया गया। अगर बिजली काटने में थोड़ी भी देरी होती, तो यह हादसा एक बड़े नरसंहार का रूप ले सकता था।
बिजली कटने के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने आनन-फानन में सभी घायलों को उठाकर इलाज के लिए मायागंज अस्पताल पहुँचाया। अस्पताल में डॉक्टरों की विशेष टीम सभी झुलसे हुए लोगों के इलाज में जुटी हुई है। घायलों में इमरानपुर पंचायत के सरपंच के पुत्र अल्ताफ इमरान की स्थिति सबसे गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों के अनुसार, वह करंट की वजह से काफी ज्यादा झुलस चुके हैं और उनकी हालत पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। हादसे की खबर मिलते ही मायागंज अस्पताल परिसर में भी पीड़ित परिवारों और शुभचिंतकों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे वहाँ का माहौल बेहद ग़मगीन हो गया।
इस रूह कंपा देने वाले हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों में बिजली विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का साफ तौर पर कहना है कि हबीबपुर इलाके में बिजली के नंगे तार काफी समय से नीचे लटक रहे हैं, जिसकी शिकायत कई बार संबंधित अधिकारियों से की गई थी, लेकिन विभाग की घोर लापरवाही के कारण समय रहते इन तारों को ठीक नहीं किया गया। इसी का नतीजा है कि आज एक पूर्व मुखिया की अंतिम यात्रा में मौत का करंट दौड़ गया और कई निर्दोष लोग अस्पताल के बेड पर ज़िंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। पुलिस और स्थानीय प्रशासन मामले की जांच में जुट गए हैं।





