
Bihar बिहार: जिले के खानपुर थाना क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक 24 अवतार धाम चकोटी मठ में शनिवार देर रात चोरों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया। बदमाश मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश कर भगवान राम, माता सीता और भगवान लक्ष्मण की करीब 150 से 200 वर्ष पुरानी अष्टधातु की मूर्तियां चोरी कर ले गए। इसके अलावा मंदिर से कई अन्य बहुमूल्य धार्मिक वस्तुएं भी गायब मिली हैं।
घटना की जानकारी रविवार सुबह उस समय हुई, जब मंदिर के पुजारी नियमित पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे। गर्भगृह का दरवाजा खुला देखकर उन्हें संदेह हुआ। अंदर जाकर देखा तो भगवान की प्राचीन मूर्तियां अपने स्थान पर नहीं थीं। इसके बाद उन्होंने तुरंत इसकी सूचना मंदिर प्रबंधन और पुलिस को दी।
गर्भगृह से गायब मिलीं प्राचीन मूर्तियां
जानकारी के अनुसार, चोरों ने रात के समय मंदिर परिसर में प्रवेश किया और गर्भगृह तक पहुंचकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। बदमाश भगवान राम, सीता और लक्ष्मण की अष्टधातु से बनी प्राचीन मूर्तियों को लेकर फरार हो गए।
मंदिर से धनुष-बाण, छत्र, चेन और अन्य धार्मिक सामग्री भी चोरी होने की बात सामने आई है। चोरी गई मूर्तियों का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व काफी अधिक बताया जा रहा है।
इन मूर्तियों को श्रद्धालु वर्षों से आस्था के केंद्र के रूप में पूजते आ रहे थे। घटना के बाद मंदिर परिसर में शोक और आक्रोश का माहौल है।
सुबह श्रद्धालुओं में फैली सनसनी
रविवार सुबह जैसे ही चोरी की खबर क्षेत्र में फैली, बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर पहुंच गए। लोगों ने प्राचीन मूर्तियों की चोरी पर नाराजगी जताई और जल्द से जल्द बरामदगी की मांग की।
श्रद्धालुओं का कहना है कि यह केवल चोरी की घटना नहीं है, बल्कि धार्मिक आस्था से जुड़ा मामला है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने और चोरी गई मूर्तियों को वापस लाने की अपील की है।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद खानपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मंदिर परिसर का निरीक्षण किया। पुलिस ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जांच के तहत मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चोरी में कितने लोग शामिल थे और वे किस रास्ते से मंदिर तक पहुंचे।
चोरों ने पहले की होगी रेकी
पुलिस को आशंका है कि वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों ने पहले मंदिर की गतिविधियों और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी जुटाई होगी। प्राचीन मूर्तियों की कीमत और महत्व को देखते हुए यह भी संभावना जताई जा रही है कि चोरी सुनियोजित तरीके से की गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।
मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद मंदिरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले मंदिरों में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से ऐसी घटनाओं का खतरा बना रहता है।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि ऐतिहासिक मंदिरों में सुरक्षा बढ़ाई जाए और विशेष निगरानी की व्यवस्था की जाए।
प्राचीन धरोहर को नुकसान से चिंता
अष्टधातु की मूर्तियां केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। 150 से 200 वर्ष पुरानी इन मूर्तियों का चोरी होना क्षेत्र के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है।
धार्मिक संगठनों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन से अपील की है कि मूर्तियों की जल्द बरामदगी के लिए विशेष टीम गठित की जाए।
मामले में आगे की कार्रवाई जारी
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मंदिर प्रबंधन और श्रद्धालुओं को उम्मीद है कि चोरी गई भगवान राम, सीता और लक्ष्मण की प्राचीन मूर्तियां जल्द बरामद कर ली जाएंगी और उन्हें दोबारा मंदिर में स्थापित किया जाएगा।





