बिहार

नाव हादसे के दोषियों को नहीं बख्शेंगे संजय सरावगी का बड़ा बयान

Ratna Netam
15 Oct 2026 9:14 PM IST
नाव हादसे के दोषियों को नहीं बख्शेंगे संजय सरावगी का बड़ा बयान
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पटना। बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर में हुए दर्दनाक नाव हादसे के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की आलोचना करते हुए उनके कार्यकाल पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राघोपुर में रिंग बांध का निर्माण आवश्यक है, लेकिन तेजस्वी यादव एक दशक से अधिक समय तक इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने और उपमुख्यमंत्री रहने के बावजूद इसे बनवाने में सफल नहीं हुए।सरावगी ने तेजस्वी यादव से इस त्रासदी का राजनीतिकरण नहीं करने की अपील की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार घटना को गंभीरता से ले रही है और हादसे के लिए जिम्मेदार पाए जाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
राघोपुर नाव हादसे में 13 लोगों की मौत
वैशाली जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत रामपुर श्यामचंद पंचायत के पास 13 अक्टूबर की रात गंगा नदी में एक नाव पलट गई थी। इस हादसे में 13 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिनमें अधिकांश बच्चे थे।हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन, पुलिस और आपदा राहत दल ने बचाव अभियान चलाया। कई लोगों को नदी से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया।घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। मृतकों के परिजनों ने हादसे की परिस्थितियों और राहत कार्यों को लेकर सवाल उठाए हैं।
तेजस्वी यादव पर संजय सरावगी का पलटवार
बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि राघोपुर में रिंग बांध का निर्माण किया जाना चाहिए, लेकिन इसकी मांग कर रहे तेजस्वी यादव को अपने कार्यकाल का भी हिसाब देना चाहिए।सरावगी ने सवाल किया कि तेजस्वी यादव लंबे समय तक राघोपुर के विधायक रहे और बिहार के उपमुख्यमंत्री भी रहे, इसके बावजूद क्षेत्र में आवश्यक बुनियादी ढांचा क्यों विकसित नहीं किया गयाउन्होंने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव अब हादसे को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि उन्हें अपने कार्यकाल के दौरान किए गए कार्यों की जानकारी भी जनता के सामने रखनी चाहिए।भाजपा नेता ने कहा कि ऐसी दुखद घटना पर राजनीतिक आरोप लगाने के बजाय पीड़ित परिवारों की सहायता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
संजय सरावगी ने कहा कि राज्य सरकार राघोपुर नाव हादसे को गंभीरता से ले रही है। घटना की जांच की जा रही है और जिम्मेदारी तय होने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने भरोसा दिलाया कि हादसे के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।घटना के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है। मामले की जांच के लिए समिति गठित की गई है, जो हादसे की परिस्थितियों और संभावित लापरवाही की पड़ताल करेगी।सरावगी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराना और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना है।
तेजस्वी यादव ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
इससे पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राघोपुर नाव हादसे को लेकर राज्य सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए थे।उन्होंने दावा किया कि राहत एवं बचाव कार्यों में देरी हुई और घायलों को समय पर पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिल सकीं।तेजस्वी ने एंबुलेंस में ऑक्सीजन की उपलब्धता और अस्पतालों में इलाज की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए।उन्होंने हादसे की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
रिंग बांध को लेकर फिर शुरू हुई बहस
राघोपुर में रिंग बांध के निर्माण की मांग लंबे समय से चर्चा का विषय रही है। गंगा नदी से घिरे इस क्षेत्र में बाढ़ और आवागमन से जुड़ी चुनौतियों के कारण स्थायी बुनियादी ढांचे की आवश्यकता बताई जाती रही है।तेजस्वी यादव ने दावा किया कि रिंग बांध के निर्माण से संबंधित कार्य को पूर्व में रोका गया था। वहीं, भाजपा नेता संजय सरावगी ने इस परियोजना के पूरा नहीं होने के लिए तेजस्वी के कार्यकाल पर सवाल उठाए हैं।दोनों पक्षों के दावों के बीच परियोजना की वास्तविक प्रगति और उसमें हुई देरी के कारणों का स्पष्ट होना महत्वपूर्ण है।
पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे की घोषणा
नाव हादसे के बाद बिहार सरकार ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने की बात कही।प्रशासन की ओर से घटना की जांच और राहत संबंधी कार्रवाई जारी है।राघोपुर नाव हादसे ने जहां कई परिवारों को गहरा दुख पहुंचाया है, वहीं इस घटना के बाद स्थानीय विकास, नाव परिवहन की सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।फिलहाल भाजपा और राजद के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। इस बीच पीड़ित परिवारों की सहायता और हादसे की निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण बनी हुई है।
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