बिहार

सम्राट चौधरी बोले- अब नहीं मिलेगी राहत अपराधियों को

Saba Naaz
4 July 2026 7:35 PM IST
सम्राट चौधरी बोले- अब नहीं मिलेगी राहत अपराधियों को
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बिहार: सरकार राज्य में आपराधिक मामलों के तेजी से निपटारे और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 100 नए फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू करने जा रही है। इस फैसले की जानकारी राज्य के मुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से दी है। सरकार का कहना है कि इस कदम से लंबे समय से लंबित चल रहे गंभीर आपराधिक मामलों का जल्द निपटारा किया जा सकेगा और न्याय प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।

सरकार के अनुसार, इन फास्ट ट्रैक कोर्ट का उद्देश्य ऐसे मामलों की सुनवाई को तेज करना है जिनमें देरी होने से पीड़ितों को न्याय के लिए वर्षों तक इंतजार करना पड़ता है। इन अदालतों के शुरू होने से हत्या, दुष्कर्म, महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध, घरेलू हिंसा, लैंगिक हिंसा और पॉक्सो (POCSO) एक्ट से जुड़े मामलों की सुनवाई प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी। इसके अलावा एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामलों और अन्य गंभीर अपराधों की सुनवाई भी इन विशेष अदालतों में की जाएगी।

सरकार का मानना है कि फास्ट ट्रैक कोर्ट बनने से न्याय प्रक्रिया में तेजी आएगी और अदालतों पर मामलों का बोझ कम होगा। इससे लंबित मामलों की संख्या घटेगी और पीड़ित पक्ष को समय पर न्याय मिल सकेगा। सरकार ने यह भी कहा है कि जब अपराधियों को उनके किए गए अपराध की सजा जल्द मिलेगी तो समाज में कानून का डर और अधिक मजबूत होगा, जिससे अपराधों पर नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी। इस योजना के तहत 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि ये अदालतें कब तक पूरी तरह से काम करना शुरू करेंगी और इन्हें राज्य के किन-किन जिलों में स्थापित किया जाएगा। सरकार का कहना है कि स्थान और समय को लेकर आगे निर्णय लिया जाएगा।

फास्ट ट्रैक कोर्ट की कार्यप्रणाली को लेकर बताया गया है कि ये अदालतें विशेष रूप से निर्धारित गंभीर मामलों की सुनवाई के लिए बनाई जाती हैं। इनमें मामलों की रोजाना सुनवाई की जाती है ताकि फैसले में अनावश्यक देरी न हो। हर फास्ट ट्रैक कोर्ट का स्वरूप अलग हो सकता है और यह इस बात पर निर्भर करता है कि उसे किस प्रकार के मामलों की सुनवाई के लिए गठित किया गया है। सरकार का उद्देश्य न्याय व्यवस्था को तेज, सरल और अधिक प्रभावी बनाना है ताकि आम लोगों का भरोसा अदालतों और कानून व्यवस्था पर और मजबूत हो सके। इसके साथ ही प्रशासन का मानना है कि त्वरित न्याय से राज्य में अपराधों पर रोक लगाने में भी मदद मिलेगी।

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