
Sadhguru Visits Bihar Museum: सद्गुरु ने पटना संग्रहालय को बताया भारतीय इतिहास और परंपरा का उत्कृष्ट केंद्र| आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु ने रविवार को पटना स्थित बिहार संग्रहालय का भ्रमण कर यहां संरक्षित ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों की खुलकर सराहना की। उन्होंने संग्रहालय में मौजूद टेराकोटा कलाकृतियों, यक्षिणी प्रतिमा और ब्राह्मी लिपि से जुड़े प्रदर्शों में विशेष रुचि दिखाई। सद्गुरु ने बिहार संग्रहालय को भारतीय इतिहास और समृद्ध परंपरा का एक उत्कृष्ट केंद्र बताया।
संग्रहालय में करीब डेढ़ घंटे का भ्रमण
सद्गुरु ने लगभग डेढ़ घंटे तक संग्रहालय का विस्तार से अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने ऐतिहासिक और क्षेत्रीय कला दीर्घाओं को देखा। बिहार संग्रहालय के महानिदेशक अंजनी कुमार सिंह ने उन्हें विभिन्न प्रदर्शों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और संरक्षण से जुड़े प्रयासों की जानकारी दी। इस मौके पर अपर निदेशक अशोक कुमार सिन्हा और प्रभारी अपर निदेशक रणबीर सिंह राजपूत भी मौजूद रहे।
टेराकोटा और यक्षिणी प्रतिमा ने खींचा ध्यान
भ्रमण के दौरान सद्गुरु ने टेराकोटा से बनी प्राचीन कलाकृतियों, मानव निर्मित पुराने औजारों और यक्षिणी की भव्य प्रतिमा को ध्यान से देखा। उन्होंने इनकी कलात्मकता और ऐतिहासिक महत्व की सराहना की। ब्राह्मी लिपि से जुड़े प्रदर्श में भी उन्होंने विशेष रुचि दिखाई और उसकी एक मुद्रित प्रति स्मृति के रूप में अपने पास रखी।
आधुनिक प्रस्तुति की सराहना
भ्रमण के बाद सद्गुरु ने कहा कि बिहार संग्रहालय भारतीय इतिहास, संस्कृति और सभ्यता की समृद्ध परंपरा को आधुनिक और प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करता है। उन्होंने संग्रहालय में धरोहरों के संरक्षण और प्रस्तुति की व्यवस्था की भी प्रशंसा की।





