बिहार

Re-NEET घोटाले: पावापुरी मेडिकल कॉलेज से जुड़ा सरगना

Saba Naaz
23 Jun 2026 3:48 PM IST
Re-NEET घोटाले: पावापुरी मेडिकल कॉलेज से जुड़ा सरगना
x

Bihar: नीट 2026 परीक्षा रद्द होने से पहले नालंदा से जुड़े पेपर लीक और फर्जीवाड़े के मामले में अब बड़ा खुलासा सामने आया है। इस मामले में पावापुरी मेडिकल कॉलेज के छात्र रवि उर्फ रविशंकर उर्फ सम्राट का नाम सामने आने से जांच और तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि वही इस पूरे फर्जीवाड़े गिरोह का सरगना है।

जानकारी के अनुसार, 3 मई को पेपर लीक के कारण नीट 2026 की परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी। इससे पहले नालंदा से अवधेश कुमार, पंकज कुमार और अमन कुमार को गिरफ्तार किया गया था। वहीं इस पूरे नेटवर्क में पावापुरी मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस सेकंड ईयर छात्र उज्ज्वल उर्फ राजा बाबू का नाम भी पहले सामने आ चुका है।

अब री-नीट परीक्षा के दौरान लखीसराय में पकड़े गए एक फर्जी अभ्यर्थी ने पूछताछ में बड़ा खुलासा किया है। उसने बताया कि इस पूरे गिरोह का संचालन पावापुरी मेडिकल कॉलेज का छात्र रवि कर रहा था। आरोप है कि असली अभ्यर्थियों की जगह डमी उम्मीदवार बैठाने के लिए लाखों रुपये की डील की गई थी।

लखीसराय के हसनपुर उच्च विद्यालय परीक्षा केंद्र पर जांच के दौरान मंतोष कुमार नाम के एक फर्जी परीक्षार्थी को पकड़ा गया, जो मधेपुरा का रहने वाला है और एक मेडिकल कॉलेज का छात्र बताया जा रहा है। उसने पूछताछ में कई अन्य छात्रों और सहयोगियों के नाम उजागर किए।

इसी तरह एक अन्य मामले में विवेक कुमार नाम के छात्र को भी गिरफ्तार किया गया, जो कथित तौर पर दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा दे रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि इस गिरोह में कई मेडिकल कॉलेज के छात्र शामिल हैं, जो स्कॉलर के रूप में काम करते थे।

जांच एजेंसियों के अनुसार, यह गिरोह बेहद संगठित तरीके से काम करता था। इसमें असली अभ्यर्थियों की जगह फर्जी छात्रों को परीक्षा केंद्र में बैठाया जाता था। इसके लिए फर्जी आधार कार्ड और दस्तावेज तैयार किए जाते थे। कुछ मामलों में परीक्षा केंद्रों पर तैनात बायोमेट्रिक कर्मियों की मिलीभगत की भी आशंका जताई गई है।

लखीसराय में 21 जून को आयोजित री-नीट परीक्षा के दौरान चार केंद्रों पर गड़बड़ी की सूचना मिली थी, जिसके बाद प्रशासन ने विशेष टीम बनाकर जांच शुरू की। जांच के बाद केआरके कॉलेज, केंद्रीय विद्यालय और हसनपुर उच्च विद्यालय से कई गिरफ्तारियां की गईं।

अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की गहन जांच जारी है और जल्द ही इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार किया जा सकता है।

Next Story