
Bihar: बिहार में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत 30 जून तक लाइफ सर्टिफिकेशन का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य सभी पेंशनधारकों का समय पर सत्यापन पूरा करना है, ताकि लाभुकों को योजना का लाभ बिना किसी बाधा के मिलता रहे। लेकिन इस प्रक्रिया में बड़ी संख्या में बुजुर्गों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
लाइफ सर्टिफिकेशन के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य किया गया है, जिसमें फिंगरप्रिंट और आइरिस स्कैन के माध्यम से पहचान की जाती है। लेकिन कई बुजुर्ग, जो लंबे समय से खेती या मजदूरी से जुड़े रहे हैं, उनके हाथों की रेखाएं घिस जाने के कारण मशीनें फिंगरप्रिंट पहचान नहीं पा रही हैं। वहीं कई बुजुर्गों की आंखों की रोशनी कमजोर होने से आइरिस स्कैन में भी दिक्कत आ रही है। इससे सत्यापन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
राज्यभर में चल रहे विशेष शिविरों में बड़ी संख्या में बुजुर्ग पहुंच रहे हैं, लेकिन तकनीकी समस्याओं के कारण कई लोगों को बार-बार प्रयास करना पड़ रहा है। इससे शिविरों में भीड़ बढ़ रही है और प्रक्रिया में देरी हो रही है।
जानकारी के अनुसार, वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत राज्य में लगभग 1 करोड़ 15 लाख लाभुकों का लाइफ सर्टिफिकेशन किया जाना है। अब तक करीब 94 लाख लोगों का सत्यापन पूरा हो चुका है, जबकि शेष लाभुकों का सत्यापन 30 जून तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
राज्य सरकार ने पिछले वर्ष बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों की पेंशन राशि 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये कर दी थी। इसके बाद योजना का लाभ लेने वालों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। इसी कारण इस वर्ष लाइफ सर्टिफिकेशन अभियान का दायरा पहले से अधिक बड़ा हो गया है।
अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी दिक्कतों को दूर करने के लिए अतिरिक्त प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि सभी पात्र लाभुक समय पर सत्यापन पूरा कर सकें और पेंशन लाभ से वंचित न रहें।





