
Bihar बिहार: रक्सौल पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए भारत-नेपाल सीमा पर सक्रिय एक अंतरराष्ट्रीय बाइक चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने गिरोह के दो नेपाली नागरिकों समेत कुल पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से चोरी की चार मोटरसाइकिलें, पांच मोबाइल फोन, बाइक चोरी में उपयोग होने वाली मास्टर चाबी तथा भारतीय और नेपाली मुद्रा बरामद की गई है।
इस संबंध में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) मनीष आनंद ने मंगलवार को आयोजित प्रेसवार्ता में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रक्सौल और आसपास के क्षेत्रों में लगातार बढ़ रही मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं को देखते हुए पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया था, जिसे इस गिरोह को पकड़ने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
एसडीपीओ ने बताया कि जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली थी कि यूनियन बैंक के पास एक संदिग्ध युवक चोरी की मोटरसाइकिलों की रेकी कर रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तुरंत सत्यापन किया और मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। मौके से संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया गया, जिसके बाद पूरे गिरोह का खुलासा हुआ।
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ने अपनी पहचान विकास कुमार, पिता जवाहरलाल शाह, निवासी बेला मुरला, थाना रामगढ़वा के रूप में बताई। इसके बाद पूछताछ को आगे बढ़ाया गया, जिसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय इस गिरोह की कड़ी सामने आई।
जांच में सामने आया कि यह गिरोह भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में सक्रिय था और मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं को अंजाम देकर उन्हें सीमा पार ले जाकर खपाने का काम करता था। गिरोह के सदस्य सुनियोजित तरीके से काम करते थे और एक-दूसरे के संपर्क में रहकर चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार दो नेपाली नागरिकों की भूमिका भी इस गिरोह में महत्वपूर्ण पाई गई है। वे चोरी की मोटरसाइकिलों को नेपाल ले जाकर बेचने या अन्य माध्यमों से ठिकाने लगाने में शामिल थे। इस नेटवर्क के माध्यम से लंबे समय से सीमावर्ती क्षेत्रों में चोरी की घटनाएं बढ़ रही थीं।
बरामद सामान में चार चोरी की मोटरसाइकिलें, पांच मोबाइल फोन, मास्टर चाबी और भारतीय-नेपाली मुद्रा शामिल है। पुलिस ने सभी सामान को जब्त कर लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
एसडीपीओ मनीष आनंद ने बताया कि इस कार्रवाई से बाइक चोरी की घटनाओं पर काफी हद तक अंकुश लगने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि पुलिस अब इस गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और उनके नेटवर्क की जांच कर रही है, ताकि पूरे गिरोह का पूरी तरह से सफाया किया जा सके।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस गिरोह का नेटवर्क सीमावर्ती इलाकों में फैला हुआ था और यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था। चोरी की गई मोटरसाइकिलों को अलग-अलग तरीकों से ठिकाने लगाया जाता था, ताकि उनकी पहचान न हो सके।
इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। रक्सौल और आसपास के क्षेत्रों में पिछले कुछ समय से लगातार बाइक चोरी की घटनाएं सामने आ रही थीं, जिससे लोग परेशान थे। पुलिस की इस सफलता को बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे अपने वाहनों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
फिलहाल पुलिस पूरे गिरोह के नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।





