बिहार

नल-जल योजना में बिजली संकट से दिक्कत

Ashish verma
27 Jun 2026 7:50 PM IST
नल-जल योजना में बिजली संकट से दिक्कत
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मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के बंदरा प्रखंड में बिजली कटौती के कारण नल-जल योजना की पेयजल आपूर्ति बार-बार बाधित हो रही है। इस समस्या को लेकर स्थानीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है और अब इसे दूर करने के लिए सौर ऊर्जा आधारित समाधान की मांग की जा रही है। बंदरा प्रखंड के रामपुरदयाल निवासी युवा सामाजिक कार्यकर्ता धीरज कुमार ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि जिले की सभी पंचायतों में नल-जल योजना के तहत स्थापित जलमीनारों, पंपों और बोरिंग स्थलों पर सोलर पैनल लगाए जाएं। उनका कहना है कि बिजली गुल होने पर भी लोगों को निर्बाध रूप से पेयजल उपलब्ध हो सके, इसके लिए यह व्यवस्था जरूरी है। धीरज कुमार ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में बताया कि नल-जल योजना ग्रामीण क्षेत्रों में हजारों परिवारों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध करा रही है और यह योजना लोगों के लिए काफी लाभकारी साबित हुई है। लेकिन लगातार बिजली कटौती के कारण कई बार मोटर बंद हो जाती है, जिससे जलापूर्ति पूरी तरह ठप हो जाती है और ग्रामीणों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ता है।

उन्होंने सुझाव दिया कि यदि सभी जलमीनारों और पंपिंग सिस्टम को सौर ऊर्जा से जोड़ा जाए, तो बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में भी जलापूर्ति सुचारू रूप से चलती रहेगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की समस्या काफी हद तक खत्म हो सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मी और अन्य मौसमों में बिजली की अनियमित आपूर्ति के कारण उन्हें रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पानी की भारी किल्लत झेलनी पड़ती है। कई बार उन्हें दूर-दराज के स्रोतों से पानी लाना पड़ता है, जिससे समय और मेहनत दोनों की बर्बादी होती है।

सोलर पैनल लगाने की मांग पर सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा कि यह कदम न केवल पेयजल संकट को दूर करेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होगा। इससे बिजली पर निर्भरता कम होगी और सरकारी नल-जल योजना और अधिक प्रभावी बन सकेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार इस प्रस्ताव को लागू करती है, तो ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति स्थिर और नियमित हो जाएगी। इससे आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था भी मजबूत होगी।

फिलहाल यह मांग प्रशासन और सरकार के स्तर पर विचाराधीन है, और स्थानीय लोग इसके जल्द समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।

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