
Bihar:कदमकुआं थाना क्षेत्र में प्रिंस यादव की मौत से जुड़े मामले ने नया मोड़ ले लिया है। ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद बुधवार को एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर थाना परिसर पहुंच गए और वहीं धरने पर बैठ गए। उन्होंने पुलिस पर आवेदन स्वीकार नहीं करने और कार्रवाई में देरी करने का गंभीर आरोप लगाया है।
थाने में FIR की मांग पर धरना
रौशन आनंद का कहना है कि वह अपने भाई प्रिंस यादव की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर एफआईआर दर्ज कराने पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने उनका आवेदन लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मामला एक साजिश का परिणाम है और इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।
पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप
रौशन आनंद ने दावा किया कि वह शाम चार बजे से थाना परिसर में मौजूद हैं, लेकिन कई घंटों बाद भी उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनके अनुसार थाना प्रभारी ने एफआईआर दर्ज करने से साफ इनकार कर दिया है।
“न्याय मिलने तक नहीं हटूंगा”
उन्होंने कहा कि जब तक उनके भाई की मौत के मामले में एफआईआर दर्ज नहीं होगी, वह थाना परिसर से नहीं हटेंगे। उन्होंने इसे न्याय की लड़ाई बताते हुए मीडिया और आम लोगों से समर्थन की अपील की।
समर्थकों की भीड़ और नारेबाजी
थाने के बाहर रौशन आनंद के समर्थकों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिन्होंने पुलिस कार्रवाई की मांग को लेकर नारेबाजी की। इस दौरान उनके अधिवक्ता भी मौके पर पहुंचे और कानूनी पहलुओं पर चर्चा की।
अदालती कार्रवाई और जमानत याचिका
इस मामले से जुड़े अन्य पक्षों को भी राहत नहीं मिली है। अभिषेक और गौरव की जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी है। अब वे जिला जज की अदालत में नई याचिका दायर करने की तैयारी में हैं।
राजनीतिक संपर्क और आगे की कार्रवाई
रौशन आनंद ने पहले जदयू नेता संजय झा से भी मुलाकात कर निष्पक्ष जांच की मांग की थी। फिलहाल पूरे मामले में पुलिस कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।





