
Bihar:गोपालगंज में सांसद और फिल्म अभिनेता रवि किशन के नाम पर पैरवी करने पहुंचे तीन युवकों को उस समय मुश्किलों का सामना करना पड़ा, जब जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया। इस घटना की पूरे जिले में चर्चा हो रही है।
बैंक मामले को लेकर पहुंचे थे डीएम कार्यालय
जानकारी के अनुसार, यह मामला बैंक से जुड़े एक विवाद से संबंधित था। सरफेसी एक्ट के तहत एक संपत्ति को लेकर बासु गारमेंट नामक संस्था से जुड़ा मामला चल रहा था। इसी सिलसिले में तीन युवक जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे थे।
पूछताछ में सामने आई संदिग्ध बात
जब जिलाधिकारी ने युवकों से उनकी पहचान और मामले में भूमिका के बारे में पूछा, तो वे रवि किशन का नाम लेकर प्रभाव जमाने की कोशिश करने लगे। इस पर अधिकारियों को मामला संदिग्ध लगा और जांच शुरू कर दी गई।
एसडीओ ने पुलिस को सौंपा
स्थिति को देखते हुए एसडीओ अनिल कुमार ने तीनों युवकों को हिरासत में लेकर नगर थाना पुलिस को सौंप दिया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें थाना ले जाकर विस्तृत पूछताछ की।
पूछताछ के बाद नहीं मिला आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस जांच में युवकों के खिलाफ किसी प्रकार की आपराधिक गतिविधि या आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उन्हें पीआर बांड पर रिहा कर दिया गया।
रिहाई के बाद परिजनों ने ली राहत की सांस
रिहाई के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली और बताया कि गलतफहमी के कारण युवकों को पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा। मामले के शांत होने के बाद परिवार ने संतोष जताया।
प्रशासन का सख्त संदेश
इस घटना के बाद प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसी भी जनप्रतिनिधि या प्रभावशाली व्यक्ति के नाम का इस्तेमाल कर दबाव बनाने की कोशिश को गंभीरता से लिया जाएगा। सभी मामलों का निपटारा नियम और कानून के तहत ही किया जाएगा।





