
BIHAR: केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपनी पार्टी के विस्तार की तैयारी तेज कर दी है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी यूपी की सभी 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की रणनीति के साथ काम कर रही है। चिराग पासवान ने इसके लिए 'पंडित-पासी-पासवान' फॉर्मूले का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी सभी वर्गों और समुदायों को साथ लेकर आगे बढ़ने की नीति पर काम करेगी।
हाजीपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान चिराग पासवान ने कहा कि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) अब बिहार तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि दूसरे राज्यों में भी अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी उत्तर प्रदेश के साथ-साथ पंजाब, उत्तराखंड और अन्य राज्यों में भी संगठन का विस्तार करेगी।
चिराग पासवान ने कहा कि उनकी राजनीति किसी एक जाति या समुदाय तक सीमित नहीं है। उन्होंने 'ए टू जेड' समावेशी राजनीति की बात करते हुए कहा कि उनकी पार्टी समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलना चाहती है। उन्होंने कहा कि जब वह बिहार में 'बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट' की बात करते हैं तो उनका उद्देश्य प्रदेश के सभी लोगों के विकास को प्राथमिकता देना है।
उत्तर प्रदेश के लिए बनाए गए 'पंडित-पासी-पासवान' फॉर्मूले पर चिराग पासवान ने कहा कि यह केवल तीन जातियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें समाज के सभी वर्गों को शामिल करने की सोच है। उन्होंने कहा कि समाज में लंबे समय से अलग-अलग वर्गों के बीच दूरी पैदा करने की राजनीति होती रही है, लेकिन उनकी पार्टी सभी समुदायों के बीच संतुलन और भागीदारी की बात करती है।
उन्होंने कहा कि समाज में यह धारणा बनाई जाती है कि कोई वर्ग हमेशा मजबूत है और कोई हमेशा पिछड़ा हुआ है, जबकि वास्तविकता यह है कि हर समुदाय के सामने अलग-अलग समस्याएं हैं। उन्होंने अनुसूचित जाति के साथ होने वाले भेदभाव और उत्पीड़न का जिक्र करते हुए कहा कि समाज के अन्य वर्गों के लोग भी कई बार परेशानियों का सामना करते हैं।
चिराग पासवान ने बिहार के कुछ मामलों का उदाहरण देते हुए कहा कि अपराध और सामाजिक समस्याएं किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं होतीं। इसलिए राजनीति को जातीय सीमाओं से ऊपर उठकर सभी लोगों के हितों पर केंद्रित होना चाहिए।
उत्तर प्रदेश के बाद पंजाब और उत्तराखंड में पार्टी के विस्तार को लेकर भी चिराग पासवान ने जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वह जल्द पंजाब जाएंगे और स्वर्ण मंदिर में माथा टेककर वहां चुनावी अभियान की शुरुआत करेंगे। इसके अलावा उत्तराखंड में भी पार्टी की राज्य इकाई ने चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने कहा कि बिहार से शुरू हुई पार्टी की यात्रा अब झारखंड, नागालैंड, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब तक पहुंचाने की योजना है।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए चिराग पासवान ने कहा कि चुनाव नजदीक आते ही विपक्ष कई मुद्दों को लेकर सक्रिय हो जाता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन राजनीतिक लाभ के लिए किसी मुद्दे का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।
नीट पेपर लीक मामले पर उन्होंने कहा कि सरकार ने तुरंत कार्रवाई की और परीक्षा व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के कदम उठाए गए। उन्होंने कहा कि दोषियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है।
धार्मिक भावनाओं से जुड़े मुद्दों पर भी चिराग पासवान ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति या समुदाय की आस्था को ठेस पहुंचाने वाली भाषा का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक समाज में सभी धर्मों और मान्यताओं का सम्मान जरूरी है।
केंद्रीय मंत्री ने अपने मंत्रालय की योजनाओं का जिक्र करते हुए बिहार में देश का तीसरा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट (निफ्टेम) खोलने की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि इसके लिए जमीन आवंटन सहित कई प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं और जल्द ही इसका शिलान्यास किया जाएगा।
चिराग पासवान ने कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब सहित देश के हर राज्य, जिले और गांव का विकास जरूरी है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इसी विकास और समावेशी राजनीति के एजेंडे के साथ आगे बढ़ रही है।





