बिहार

प्रशांत किशोर के 4 मास्टरस्ट्रोक, चुनावी मैदान में बढ़ी हलचल

Saba Naaz
9 July 2026 2:57 PM IST
प्रशांत किशोर के 4 मास्टरस्ट्रोक, चुनावी मैदान में बढ़ी हलचल
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पटना। बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाला उपचुनाव इस बार बेहद दिलचस्प हो गया है। बीजेपी के मजबूत गढ़ माने जाने वाले इस क्षेत्र में पहली बार चुनावी मैदान में उतरे प्रशांत किशोर (PK) ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने चुनाव जीतने के लिए जातीय समीकरणों के बजाय स्थानीय मुद्दों, युवाओं और महिला मतदाताओं पर फोकस करते हुए नई रणनीति तैयार की है। बांकीपुर सीट पर इस बार मुकाबला त्रिकोणीय नजर आ रहा है। बीजेपी ने अभिषेक कुमार को मैदान में उतारा है, जबकि आरजेडी ने रेखा गुप्ता पर भरोसा जताया है। वहीं, प्रशांत किशोर खुद जन सुराज के उम्मीदवार के तौर पर पहली बार चुनावी मैदान में हैं। ऐसे में यह उपचुनाव बिहार की राजनीति में नए समीकरणों की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है।

बीजेपी के मजबूत किले में PK की चुनौती

बांकीपुर विधानसभा सीट लंबे समय से बीजेपी का प्रभाव वाला क्षेत्र रही है। वर्ष 1995 के बाद से बीजेपी यहां लगातार मजबूत स्थिति में रही है। इस सीट का राजनीतिक इतिहास पूर्व विधायक नितिन नवीन और उनके परिवार से भी जुड़ा रहा है। नितिन नवीन कई बार इस सीट से विधायक रह चुके हैं, जबकि उनके पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा भी यहां से प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। ऐसे में प्रशांत किशोर के सामने सबसे बड़ी चुनौती बीजेपी के मजबूत संगठन और पुराने राजनीतिक प्रभाव को तोड़ने की है। उन्हें न सिर्फ चुनावी मुकाबले का सामना करना है, बल्कि दशकों से कायम बीजेपी की पकड़ को भी चुनौती देनी है।

स्थानीय मुद्दों को बनाया चुनावी हथियार

प्रशांत किशोर ने बांकीपुर में अपना चुनाव अभियान स्थानीय समस्याओं के इर्द-गिर्द केंद्रित किया है। वह लगातार क्षेत्र की गलियों में पहुंचकर लोगों से सीधा संवाद कर रहे हैं। जन सुराज की ओर से सड़क, पानी, ट्रैफिक, जलजमाव और ड्रेनेज जैसी समस्याओं को प्रमुख मुद्दा बनाया जा रहा है। PK अपने प्रचार में यह सवाल उठा रहे हैं कि पटना जैसे राजधानी क्षेत्र का हिस्सा होने के बावजूद बांकीपुर के कई इलाकों में मूलभूत समस्याएं क्यों बनी हुई हैं। वह मतदाताओं को भरोसा दिलाने की कोशिश कर रहे हैं कि जन सुराज को मौका मिलने पर स्थानीय समस्याओं के स्थायी समाधान पर काम किया जाएगा।

युवा ब्रिगेड ने संभाली प्रचार की कमान

प्रशांत किशोर ने चुनाव प्रचार को मजबूत बनाने के लिए बड़ी संख्या में युवाओं को मैदान में उतारा है। जन सुराज के कार्यकर्ता सुबह से ही इलाके में सक्रिय होकर लोगों से संपर्क कर रहे हैं। युवा टीम पार्कों, बाजारों, चाय की दुकानों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों से बातचीत कर रही है। नौकरीपेशा लोगों, बुजुर्गों और युवाओं से संपर्क कर उनकी समस्याओं को समझने की कोशिश की जा रही है। जन सुराज का संदेश है कि यह चुनाव केवल राजनीतिक दलों के बीच मुकाबला नहीं, बल्कि बांकीपुर के विकास और बदलाव का चुनाव है।

महिला मतदाताओं पर भी विशेष नजर

प्रशांत किशोर की रणनीति में महिला मतदाताओं को भी खास महत्व दिया गया है। जन सुराज की महिला कार्यकर्ता घर-घर जाकर संपर्क अभियान चला रही हैं। महंगाई, महिलाओं की सुरक्षा, बच्चों की शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों के जरिए महिला वोटरों तक पहुंच बनाने की कोशिश की जा रही है। पार्टी का लक्ष्य है कि महिलाओं के साथ सीधा संवाद स्थापित कर चुनावी माहौल को अपने पक्ष में किया जाए।

सोशल मीडिया और नुक्कड़ नाटक से प्रचार

PK के चुनाव अभियान में आधुनिक तकनीक के साथ पारंपरिक प्रचार तरीकों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। सोशल मीडिया कैंपेन के अलावा नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए लोगों तक राजनीतिक संदेश पहुंचाया जा रहा है। जन सुराज की ओर से आरोप लगाया जा रहा है कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद बिहार की कई समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया। पार्टी खुद को एक नए राजनीतिक विकल्प के रूप में पेश कर रही है।

PK के सामने बड़ी चुनौती

हालांकि, प्रशांत किशोर के लिए बांकीपुर की राह आसान नहीं है। बीजेपी का मजबूत संगठन, पारंपरिक वोट बैंक और पुराना राजनीतिक प्रभाव उनके सामने बड़ी चुनौती है। लेकिन PK युवाओं, नए मतदाताओं और बदलाव की चाह रखने वाले लोगों को जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

अब देखने वाली बात होगी कि बांकीपुर की जनता इस बार पुराने राजनीतिक भरोसे पर कायम रहती है या फिर प्रशांत किशोर के नए प्रयोग को मौका देती है। यह उपचुनाव सिर्फ एक सीट की लड़ाई नहीं, बल्कि बिहार की बदलती राजनीतिक दिशा का संकेत भी माना जा रहा है।

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