
बिहार: आधुनिक और तेज परिवहन व्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य में अब रैपिड रेल कॉरिडोर विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में पटना से चार प्रमुख शहरों को जोड़ने वाले रैपिड रेल प्रोजेक्ट के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार करने को मंजूरी दे दी गई है। इस परियोजना के तहत रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) के चार कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य पटना और आसपास के प्रमुख शहरों के बीच यात्रा को आसान, तेज और सुविधाजनक बनाना है। सरकार का मानना है कि रैपिड रेल नेटवर्क शुरू होने से राज्य में कनेक्टिविटी मजबूत होगी और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
इन चार रूटों पर चलेगी रैपिड ट्रेन: कैबिनेट की मंजूरी के बाद जिन रूटों पर रैपिड रेल कॉरिडोर बनाने की योजना है, उनमें शामिल हैं—
पटना से मुजफ्फरपुर (हाजीपुर और सोनपुर होते हुए)
पटना से बेगूसराय
पटना से आरा
पटना से गया जी
इन रूटों के तैयार होने के बाद यात्रियों को लंबी दूरी का सफर कम समय में पूरा करने की सुविधा मिलेगी। खासतौर पर पटना से जुड़े शहरों के बीच रोजाना यात्रा करने वाले लोगों को इसका सबसे अधिक फायदा मिलने की उम्मीद है।
NCRTC तैयार करेगा परियोजना की रिपोर्ट
रैपिड रेल परियोजना के लिए अल्टरनेटिव एनालिसिस रिपोर्ट (AAR) और विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार करने की जिम्मेदारी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) को दी गई है। NCRTC पहले से ही दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में रैपिड रेल परियोजनाओं पर काम कर रहा है। अब बिहार में भी उसी तर्ज पर आधुनिक परिवहन नेटवर्क तैयार करने की दिशा में काम आगे बढ़ाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया विकास का बड़ा कदम
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कैबिनेट फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि रैपिड रेल परियोजना बिहार में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नई पहचान देगी। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्रीय संपर्क बेहतर होगा और शहरों के विकास को नई गति मिलेगी। सरकार का कहना है कि यह परियोजना सिर्फ परिवहन सुविधा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि रोजगार, व्यापार और शहरी विकास के नए अवसर भी पैदा करेगी।
यात्रियों को मिलेगी तेज और सुरक्षित सुविधा
RRTS कॉरिडोर शुरू होने के बाद पटना से जुड़े शहरों के बीच यात्रा का समय कम होने की संभावना है। रैपिड ट्रेन तेज रफ्तार, बेहतर सुरक्षा व्यवस्था और आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की परियोजनाएं बड़े शहरों पर बढ़ते यातायात दबाव को कम करने में मदद करती हैं। साथ ही आसपास के शहरों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में भी अहम भूमिका निभाती हैं।
पटना AIIMS विस्तार को भी मिली मंजूरी
कैबिनेट बैठक में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ा एक बड़ा फैसला भी लिया गया। पटना AIIMS के विस्तार को मंजूरी दे दी गई है। इसके लिए दानापुर के भूसौला में 26.76 एकड़ जमीन अधिग्रहित की जाएगी। इस योजना पर करीब 348.90 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार के मुताबिक, AIIMS विस्तार से स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल शिक्षा को मजबूती मिलेगी। मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा मिलेगी और चिकित्सा क्षेत्र में नई संभावनाएं विकसित होंगी।
बिहार में रैपिड रेल कॉरिडोर और AIIMS विस्तार जैसे फैसलों को राज्य के बुनियादी ढांचे और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में इन परियोजनाओं से राज्य की परिवहन और स्वास्थ्य व्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।





