बिहार

सारण शिक्षक चुनाव में आफाक अहमद के लिए प्रशांत किशोर ने मांगा समर्थन

Kavita2
3 Oct 2026 5:30 PM IST
सारण शिक्षक चुनाव में आफाक अहमद के लिए प्रशांत किशोर ने मांगा समर्थन
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छपरा। बिहार विधान परिषद के सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। जन सुराज प्रत्याशी आफाक अहमद के नामांकन के अवसर पर शनिवार को हेमनगर स्थित एचएस सिटी गार्डन में आयोजित सभा में जन सुराज के प्रमुख नेता और बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर शामिल हुए। उन्होंने शिक्षकों से आफाक अहमद के पक्ष में मतदान की अपील की और शिक्षक हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी पार्टी की प्राथमिकताएं बताईं। सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना निर्धारित है।

सभा को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने शिक्षकों के वेतनमान को प्रमुख मुद्दा बनाया। उन्होंने दावा किया कि आफाक अहमद को चुनाव में जीत मिलने पर लोकसभा चुनाव से पहले शिक्षकों को सातवें वेतनमान का लाभ दिलाने के लिए जन सुराज जिम्मेदारी के साथ प्रयास करेगा। यह जन सुराज की ओर से किया गया चुनावी वादा है। पार्टी ने इससे पहले भी सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को शिक्षकों के लिए लागू कराने को अपनी प्रमुख मांगों में शामिल किया था।

पिछले चुनाव का किया जिक्र

प्रशांत किशोर ने अपने संबोधन में पिछले सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय उनके पास न कोई राजनीतिक दल था और न ही मौजूदा स्वरूप जैसा संगठन। इसके बावजूद शिक्षक और स्नातक मतदाताओं ने आफाक अहमद का समर्थन किया था।

आफाक अहमद वर्तमान में सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद सदस्य हैं और इस चुनाव में फिर से मैदान में हैं। सारण जिला प्रशासन की वेबसाइट पर भी उन्हें शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद सदस्य के रूप में दर्ज किया गया है।

प्रशांत किशोर ने कहा कि इस बार परिस्थितियां अलग हैं। अब जन सुराज एक राजनीतिक संगठन के रूप में चुनावी मैदान में है और उसके पास कार्यकर्ताओं का नेटवर्क भी मौजूद है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से शिक्षकों के बीच जाकर पार्टी की प्राथमिकताओं और प्रत्याशी के पक्ष को रखने का आह्वान किया।

शिक्षकों के मुद्दों को बनाया चुनावी एजेंडा

सभा में शिक्षकों की समस्याओं और मांगों को चुनाव का प्रमुख मुद्दा बनाने की कोशिश दिखाई दी। प्रशांत किशोर ने वेतनमान के अलावा शिक्षकों से जुड़े दूसरे विषयों पर भी जन सुराज की प्राथमिकताओं की चर्चा की।

जन सुराज ने विधान परिषद चुनाव से पहले शिक्षकों से संबंधित तीन प्रमुख मुद्दे सामने रखे हैं। इनमें सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू कराने, सहायता प्राप्त संस्थानों के शिक्षकों से जुड़े नियमितीकरण के सवाल और शिक्षकों को दिए जाने वाले गैर-शैक्षणिक कार्यों के लिए स्पष्ट मानदंड बनाने जैसे विषय शामिल हैं।

प्रशांत किशोर ने कहा कि विधान परिषद में शिक्षक प्रतिनिधि की भूमिका केवल सदन में मौजूद रहने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि शिक्षकों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाना भी जरूरी है।

सातवें वेतनमान को लेकर बड़ा वादा

सभा में सबसे ज्यादा जोर सातवें वेतनमान के मुद्दे पर रहा। प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर आफाक अहमद को जीत मिलती है तो जन सुराज शिक्षकों को सातवां वेतनमान दिलाने के सवाल को प्राथमिकता देगा।

उन्होंने इसके लिए लोकसभा चुनाव से पहले की समयसीमा का भी उल्लेख किया। हालांकि इस तरह के वेतनमान संबंधी निर्णय संबंधित सरकारों, नियमों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर निर्भर करते हैं। ऐसे में प्रशांत किशोर का बयान फिलहाल एक चुनावी प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है।

जन सुराज की रणनीति शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की दिखाई दे रही है। पार्टी पहले भी शिक्षक संगठनों को एक मंच पर लाने और उनकी मांगों को लेकर संयुक्त प्रयास करने की बात कह चुकी है।

23 अक्टूबर को होगा मतदान

सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है। नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्टूबर को होगी और 9 अक्टूबर तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे।

इसके बाद 23 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को होगी। निर्वाचन प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक पूरी की जानी है।

सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में हजारों शिक्षक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। चुनाव के लिए विभिन्न मतदान केंद्रों पर तैयारियां की जा रही हैं।

नामांकन के साथ चुनाव प्रचार ने पकड़ी रफ्तार

आफाक अहमद के नामांकन के अवसर पर आयोजित सभा को जन सुराज के चुनाव अभियान के महत्वपूर्ण कार्यक्रम के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी के नेता और कार्यकर्ता अब शिक्षक मतदाताओं के बीच अपनी प्राथमिकताएं लेकर पहुंच रहे हैं।

प्रशांत किशोर ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे चुनाव को केवल प्रत्याशी की जीत-हार तक सीमित न रखें, बल्कि शिक्षकों के मुद्दों को लेकर संवाद करें। उन्होंने आफाक अहमद के पिछले चुनावी प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए इस बार संगठन की मौजूदगी को अतिरिक्त ताकत बताया।

दूसरी तरफ सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में अन्य प्रत्याशी और राजनीतिक दल भी अपनी चुनावी तैयारियों में जुटे हैं। ऐसे में मतदान की तारीख करीब आने के साथ प्रचार और तेज होने की संभावना है।

शिक्षक मतदाताओं पर नजर

शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की प्रकृति सामान्य विधानसभा या लोकसभा चुनाव से अलग होती है। यहां पंजीकृत शिक्षक मतदाता अपने प्रतिनिधि का चुनाव करते हैं। इसलिए उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों के चुनावी एजेंडे में वेतन, सेवा शर्तें, नियमितीकरण और शैक्षणिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से सामने आते हैं।

जन सुराज ने भी इन्हीं मुद्दों पर अपना अभियान केंद्रित किया है। सातवें वेतनमान का सवाल पार्टी के चुनाव प्रचार का महत्वपूर्ण हिस्सा बनकर सामने आया है।

शनिवार की सभा में प्रशांत किशोर ने आफाक अहमद के लिए समर्थन मांगते हुए पिछले चुनाव की याद दिलाई और कहा कि इस बार जन सुराज के पास संगठन तथा कार्यकर्ताओं की ताकत भी है।

अब सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता विभिन्न प्रत्याशियों के दावों और वादों के बीच 23 अक्टूबर को अपना फैसला मतदान के जरिए देंगे। चुनाव परिणाम 27 अक्टूबर को मतगणना के बाद सामने आएगा।

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