
पटना। बिहार की राजधानी पटना में 15 वर्षीय नाबालिग के साथ दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि मोबाइल के जरिए करीब दस महीने पहले दोस्त बने एक युवक ने नाबालिग को शादी का झांसा देकर अपने जाल में फंसाया और पटना जंक्शन के पास स्थित एक गेस्ट हाउस में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना की जानकारी मिलने के बाद पीड़िता के परिजन शुक्रवार को कोतवाली थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस मामले की जांच के साथ पीड़िता की मेडिकल जांच और अदालत में बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरी कर रही है। आरोपी फिलहाल फरार बताया जा रहा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर तलाश की जा रही है।
दस महीने पहले मोबाइल के जरिए हुई दोस्ती
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार नाबालिग और आरोपी युवक की जान-पहचान करीब दस महीने पहले मोबाइल के माध्यम से हुई थी। बातचीत के दौरान दोनों के बीच दोस्ती बढ़ी। आरोप है कि इसी दौरान युवक ने नाबालिग का भरोसा हासिल किया और उससे शादी करने की बात कही।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि युवक ने शादी का भरोसा दिलाकर नाबालिग को अपने प्रेम जाल में फंसाया। किशोरी उसकी बातों पर विश्वास करने लगी। इसी भरोसे का फायदा उठाकर आरोपी ने उसे मिलने के लिए बुलाया।
गेस्ट हाउस ले जाकर दुष्कर्म का आरोप
आरोप के मुताबिक युवक नाबालिग को पटना जंक्शन के पास स्थित एक गेस्ट हाउस में लेकर गया। वहां उसके साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया गया। घटना के बाद मामला परिवार तक पहुंचा तो परिजनों ने पुलिस से संपर्क करने का फैसला किया।
शुक्रवार को पीड़िता के परिजन उसे लेकर कोतवाली थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और युवक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तत्काल मामले की कानूनी प्रक्रिया शुरू की।
दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत FIR
पीड़िता की उम्र 15 साल होने के कारण मामला पॉक्सो एक्ट के दायरे में आता है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर दुष्कर्म के साथ बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण देने वाले पॉक्सो कानून की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
पुलिस अब आरोपी और नाबालिग के बीच हुई बातचीत तथा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर सकती है। मोबाइल फोन से जुड़ी जानकारी भी मामले की जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। दोनों के बीच कब से बातचीत हो रही थी, आरोपी ने पीड़िता को कब और कहां बुलाया और गेस्ट हाउस तक दोनों कैसे पहुंचे, इन सभी बिंदुओं की पड़ताल की जा रही है।
आरोपी फरार तलाश में जुटी पुलिस
मामला दर्ज होने के बाद आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। आरोपी फिलहाल पुलिस की पकड़ से बाहर है। उसकी तलाश के लिए संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस आरोपी के संपर्क में रहने वाले लोगों से भी जानकारी हासिल कर सकती है।
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ के जरिए घटनाक्रम की अन्य कड़ियों को स्पष्ट किया जाएगा। पुलिस यह भी पता लगाएगी कि आरोपी ने नाबालिग को गेस्ट हाउस में किस तरह ठहराया और वहां कमरा लेने के दौरान किन दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया।
गेस्ट हाउस की भूमिका की भी हो सकती है जांच
पटना जंक्शन के पास स्थित जिस गेस्ट हाउस में कथित घटना होने की बात सामने आई है, उससे संबंधित जानकारी भी जांच के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। पुलिस गेस्ट हाउस के रजिस्टर, उपलब्ध पहचान संबंधी रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल कर सकती है।
इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि आरोपी और पीड़िता गेस्ट हाउस में कब पहुंचे थे और वहां कितने समय तक मौजूद रहे। यदि सीसीटीवी रिकॉर्ड उपलब्ध हैं तो वे घटनाक्रम की पुष्टि करने में अहम डिजिटल साक्ष्य साबित हो सकते हैं।
पीड़िता की मेडिकल जांच की प्रक्रिया
पुलिस पीड़िता की मेडिकल जांच कराने की प्रक्रिया भी पूरी कर रही है। यौन अपराध से जुड़े मामलों में मेडिकल जांच और अन्य फॉरेंसिक साक्ष्यों का विशेष महत्व होता है। जांच के दौरान प्राप्त साक्ष्यों को आगे की कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बनाया जाएगा।
इसके अलावा नाबालिग का बयान अदालत में दर्ज कराने की प्रक्रिया भी की जा रही है। पीड़िता के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आगे की जांच करेगी।
मोबाइल रिकॉर्ड से मिल सकते हैं अहम सुराग
चूंकि दोनों के बीच दोस्ती मोबाइल के जरिए शुरू होने की बात सामने आई है, इसलिए डिजिटल रिकॉर्ड मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। पुलिस जरूरत के अनुसार चैट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कर सकती है। इनसे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि आरोपी और नाबालिग के बीच किस तरह की बातचीत होती थी।
पुलिस के सामने फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण चुनौती फरार आरोपी को गिरफ्तार करना है। गिरफ्तारी के बाद उसका बयान और डिजिटल साक्ष्यों की जांच पूरे घटनाक्रम को स्पष्ट करने में मदद कर सकती है।
फिलहाल पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता की मेडिकल जांच और अदालत में बयान दर्ज कराने की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। वहीं फरार आरोपी की तलाश जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले से जुड़े सभी तथ्य स्पष्ट हो सकेंगे।





