
पटना। बिहार की राजधानी पटना में बुधवार को राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हो गई। छात्रों की समस्याओं, बेरोजगारी, परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और सिवान में AK-47 फायरिंग मामले जैसे मुद्दों को लेकर RJD नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राजभवन की ओर मार्च करने की कोशिश की। पुलिस द्वारा रोके जाने के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
प्रदर्शनकारी बड़ी संख्या में सड़क पर उतरे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए राजभवन की ओर बढ़ने लगे। पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पहले से ही सुरक्षा इंतजाम किए थे। प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए JP गोलंबर से डाक बंगला क्रॉसिंग तक बैरिकेडिंग की गई थी।
जब RJD कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स हटाने और आगे बढ़ने का प्रयास किया, तो पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते मामला धक्का-मुक्की तक पहुंच गया। दोनों पक्षों के बीच हुई झड़प के बाद मौके पर तनाव का माहौल बन गया।
प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने अतिरिक्त बल तैनात किया। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने भीड़ को पीछे हटाने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। पुलिस की कार्रवाई के बाद भी प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते रहे।
प्रदर्शनकारियों के हाथों में तिरंगा और छात्रों से जुड़े मुद्दों को दर्शाने वाले पोस्टर दिखाई दिए। वे बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारे लगा रहे थे। RJD नेताओं का कहना था कि राज्य में युवाओं और छात्रों की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।
RJD कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि बिहार में बेरोजगारी एक बड़ी समस्या बनी हुई है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के कारण युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। पार्टी ने सरकार से इन मामलों में जवाबदेही तय करने की मांग की।
प्रदर्शन में सिवान में AK-47 से हुई फायरिंग के मुद्दे को भी उठाया गया। RJD नेताओं का कहना था कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं और सरकार को इस पर जवाब देना चाहिए।
वहीं, पुलिस प्रशासन का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को निर्धारित मार्ग और नियमों के अनुसार प्रदर्शन करने की अनुमति दी गई थी। लेकिन राजभवन की ओर बढ़ने की कोशिश के कारण सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होने लगी, जिसके चलते उन्हें रोकना पड़ा।
प्रदर्शन के कारण पटना के कई इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ। डाक बंगला चौराहा और आसपास के क्षेत्रों में लोगों को जाम की स्थिति का सामना करना पड़ा। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए यातायात व्यवस्था में बदलाव भी किया।
RJD नेताओं ने कहा कि उनका प्रदर्शन जनता और छात्रों की आवाज उठाने के लिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है। पार्टी ने आगे भी जनहित के मुद्दों पर आंदोलन जारी रखने की बात कही।
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई बार तनाव की स्थिति बनी। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई के बाद धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हुई।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बिहार में विधानसभा चुनावों से पहले विपक्षी दल सरकार को घेरने के लिए जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठा रहे हैं। बेरोजगारी, परीक्षा व्यवस्था और कानून व्यवस्था जैसे विषय आने वाले समय में राजनीतिक बहस के केंद्र में रह सकते हैं।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प को लेकर आगे की कार्रवाई और बयानबाजी जारी रहने की संभावना है।





