बिहार

नवादा के मेजर अंशुमान रंजन को सेना मेडल, आतंकियों के खिलाफ दिखाया साहस

Kavita2
19 Aug 2026 2:26 PM IST
नवादा के मेजर अंशुमान रंजन को सेना मेडल, आतंकियों के खिलाफ दिखाया साहस
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नवादा। बिहार के नवादा जिले के लिए गर्व का क्षण सामने आया है। जिले की मिट्टी में पले-बढ़े मेजर अंशुमान रंजन को भारतीय सेना के प्रतिष्ठित सेना मेडल से सम्मानित किया गया है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ चलाए गए एक महत्वपूर्ण अभियान में अदम्य साहस, नेतृत्व क्षमता और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए देश की सुरक्षा में अहम योगदान दिया था।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मेजर अंशुमान रंजन को सेना मेडल प्रदान किया गया। यह सम्मान उनके उस वीरतापूर्ण प्रदर्शन के लिए दिया गया, जिसमें उन्होंने अपनी टीम का नेतृत्व करते हुए आतंकियों के खिलाफ सफल ऑपरेशन को अंजाम दिया था। उनके इस सम्मान से परिवार, रिश्तेदारों और पूरे नवादा जिले में खुशी और गर्व का माहौल है।

जानकारी के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में फरवरी महीने में चलाए गए एक आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान मेजर अंशुमान रंजन ने अपनी टीम का नेतृत्व किया था। इस अभियान में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े दो आतंकियों को मार गिराने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कठिन परिस्थितियों के बीच उन्होंने जिस साहस और सूझबूझ का परिचय दिया, वह भारतीय सेना की वीर परंपरा को दर्शाता है।

आतंकवाद विरोधी अभियान हमेशा बेहद चुनौतीपूर्ण होते हैं। ऐसे अभियानों में सैनिकों को हर पल जोखिम का सामना करना पड़ता है। दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखते हुए रणनीति बनाना और टीम का सुरक्षित नेतृत्व करना किसी भी सैन्य अधिकारी के लिए बड़ी जिम्मेदारी होती है। मेजर अंशुमान रंजन ने इस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा के साथ निभाया।

उनके नेतृत्व में जवानों ने सफल ऑपरेशन को अंजाम दिया और देश विरोधी गतिविधियों में शामिल आतंकियों को ढेर किया। उनके साहस और निर्णय लेने की क्षमता को देखते हुए सेना ने उन्हें इस सम्मान के लिए चुना।

मेजर अंशुमान रंजन की इस उपलब्धि से नवादा जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन हुआ है। जिले के लोगों ने कहा कि यह सम्मान केवल एक सैनिक की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। लोगों ने उनके साहस और देश सेवा के जज्बे की सराहना की है।

मेजर अंशुमान के परिवार के लिए भी यह पल बेहद भावुक और गर्व से भरा है। परिवार के सदस्यों ने कहा कि उन्हें अपने बेटे की उपलब्धि पर गर्व है। देश की सेवा करते हुए उन्होंने जिस बहादुरी का परिचय दिया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा।

भारतीय सेना में वीरता पुरस्कार और सम्मान सैनिकों के साहस, बलिदान और कर्तव्य के प्रति समर्पण को पहचान देते हैं। सेना मेडल भी ऐसा ही एक प्रतिष्ठित सम्मान है, जो युद्ध या सैन्य अभियानों में असाधारण साहस और नेतृत्व के लिए दिया जाता है।

मेजर अंशुमान रंजन की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो देश सेवा का सपना देखते हैं। उन्होंने साबित किया है कि कठिन परिस्थितियों में भी साहस, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के साथ बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।

नवादा जिले में उनकी उपलब्धि को लेकर लोगों में उत्साह है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मेजर अंशुमान ने न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे जिले का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। उनकी वीरता और सम्मान की खबर मिलने के बाद लोगों ने उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

देश की सुरक्षा में तैनात ऐसे वीर जवान और अधिकारी अपने साहस से राष्ट्र की रक्षा करते हैं। मेजर अंशुमान रंजन को मिला सेना मेडल उनके पराक्रम और समर्पण का प्रमाण है। उनका यह सम्मान नवादा के इतिहास में एक गौरवपूर्ण अध्याय के रूप में याद किया जाएगा।

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