
पटना। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को कथित तौर पर जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आने के बाद पार्टी ने गंभीर चिंता जताई है। बुधवार को पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) से मुलाकात की और मामले की उच्चस्तरीय तथा गंभीरता से जांच कराने की मांग की। पार्टी नेताओं ने धमकी देने वाले व्यक्ति या लोगों की जल्द पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग भी उठाई।
प्रतिनिधिमंडल ने DGP को इस संबंध में एक पत्र सौंपा। इसमें कहा गया कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री को इस तरह की धमकी मिलना बेहद गंभीर मामला है और इसे सामान्य घटना मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। पार्टी नेताओं ने पुलिस प्रशासन से पूरे मामले की तह तक जाने और धमकी के पीछे मौजूद लोगों की पहचान करने का आग्रह किया है।
पार्टी प्रतिनिधिमंडल ने चिराग पासवान की सुरक्षा व्यवस्था की तत्काल समीक्षा किए जाने की मांग भी की। नेताओं का कहना है कि धमकी को देखते हुए उनकी मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था का आकलन किया जाना चाहिए और आवश्यकता के अनुसार उसे और मजबूत किया जाए। प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री को उचित और पुख्ता सुरक्षा उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।
LJP(R) नेताओं ने कहा कि धमकी देने वाला व्यक्ति कोई भी हो, पुलिस को जल्द से जल्द उसका पता लगाना चाहिए। इसके साथ ही यह भी जांच की जानी चाहिए कि धमकी के पीछे किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत मंशा है या इसके पीछे कोई बड़ा षड्यंत्र अथवा संगठित गतिविधि जुड़ी हुई है। पार्टी ने मांग की कि जांच के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जाए।
प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि चिराग पासवान एक राष्ट्रीय राजनीतिक दल के अध्यक्ष होने के साथ केंद्र सरकार में मंत्री भी हैं। वह लगातार राजनीतिक और सार्वजनिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेते हैं तथा बड़ी संख्या में लोगों से मिलते हैं। ऐसे में उन्हें मिली कथित जान से मारने की धमकी को सुरक्षा की दृष्टि से बेहद गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
पार्टी नेताओं ने स्पष्ट किया कि मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। उनका कहना है कि धमकी देने वालों तक जल्द पहुंचना जरूरी है, ताकि इस घटना के पीछे की वास्तविक वजह सामने आ सके। पुलिस को तकनीकी और अन्य उपलब्ध माध्यमों का इस्तेमाल कर आरोपियों की पहचान करनी चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस प्रशासन से यह भी आग्रह किया कि धमकी किस माध्यम से दी गई, इससे संबंधित सभी पहलुओं की विस्तृत जांच की जाए। धमकी के स्रोत का पता लगने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि इसके पीछे कौन लोग हैं और उनका उद्देश्य क्या था।
चिराग पासवान बिहार की राजनीति के प्रमुख चेहरों में शामिल हैं। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में वह बिहार के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार राजनीतिक गतिविधियों और कार्यक्रमों में शामिल होते रहे हैं। केंद्रीय मंत्री होने के कारण उनका देश के अलग-अलग हिस्सों में भी दौरा होता रहता है। ऐसे में पार्टी ने उनकी सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की मांग की है।
पार्टी नेताओं के अनुसार सार्वजनिक जीवन में सक्रिय किसी नेता को धमकी मिलना केवल संबंधित व्यक्ति की सुरक्षा का मामला नहीं है बल्कि कानून-व्यवस्था से जुड़ा गंभीर विषय भी है। उन्होंने कहा कि धमकी देने वालों के खिलाफ समय रहते कार्रवाई होने से भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
LJP(R) प्रतिनिधिमंडल ने DGP के सामने अपनी चिंताओं को विस्तार से रखा। पार्टी की मुख्य मांग है कि पुलिस मामले की जांच में तेजी लाए और धमकी देने वालों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाए। इसके अलावा चिराग पासवान के सार्वजनिक कार्यक्रमों और यात्राओं के दौरान भी पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
पार्टी नेताओं ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में समर्थक और कार्यकर्ता शामिल होते हैं। ऐसे में किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है। सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि जब तक धमकी देने वाले की पहचान और उसके उद्देश्य का खुलासा नहीं हो जाता, तब तक सुरक्षा से जुड़े सभी संभावित पहलुओं पर गंभीरता से काम किया जाना चाहिए। पार्टी का कहना है कि जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि धमकी वास्तविक खतरे से जुड़ी है या किसी ने डर पैदा करने के उद्देश्य से ऐसा किया है।
इस मामले के सामने आने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच भी चिंता का माहौल है। पार्टी नेतृत्व चाहता है कि पुलिस जल्द कार्रवाई करे ताकि मामले की वास्तविकता सामने आ सके और किसी तरह की आशंका की स्थिति समाप्त हो।
चिराग पासवान की राजनीतिक सक्रियता बिहार के साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी बनी हुई है। वह विभिन्न मुद्दों पर लगातार अपनी बात रखते हैं और पार्टी संगठन के कार्यक्रमों में शामिल होते हैं। इसे देखते हुए पार्टी नेताओं का कहना है कि उनकी सुरक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिससे सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान किसी तरह का जोखिम पैदा न हो।
प्रतिनिधिमंडल ने DGP से आग्रह किया कि पुलिस इस मामले को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए जांच आगे बढ़ाए। धमकी से जुड़े डिजिटल या अन्य सबूत उपलब्ध होने की स्थिति में उनकी तकनीकी जांच कर आरोपी तक पहुंचने की कोशिश की जाए। साथ ही जरूरत पड़ने पर संबंधित सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित किया जाए।
पार्टी ने यह भी कहा कि दोषियों की पहचान होने के बाद उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी सार्वजनिक प्रतिनिधि को इस तरह धमकाने की कोशिश करने वालों को स्पष्ट संदेश मिल सके।
फिलहाल LJP(R) ने पूरे मामले में बिहार पुलिस से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद जताई है। पार्टी की प्रमुख मांग धमकी देने वाले की जल्द पहचान, निष्पक्ष जांच और चिराग पासवान की सुरक्षा की तत्काल समीक्षा है। अब पुलिस जांच के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि धमकी कहां से और किस उद्देश्य से दी गई तथा इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।





