बिहार
दिनदहाड़े 50 अपराधियों का तांडव, बम और गोलियों से दहला इलाका
Rajeshwari Nishad
25 Oct 2026 12:32 PM IST

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गयाजी। बिहार के गयाजी जिले में जमीन विवाद को लेकर दिनदहाड़े बमबाजी और फायरिंग की सनसनीखेज घटना सामने आई है। चंदौती थाना क्षेत्र के गांधीनगर मोहल्ले में 50 से अधिक नकाबपोश बदमाशों ने हथियारों के साथ धावा बोलकर जमकर उत्पात मचाया। आरोप है कि जमीन से जुड़े मुकदमे में अदालत से फैसला अपने पक्ष में नहीं आने के बाद भू-माफिया से जुड़े लोगों ने इस वारदात को अंजाम दिया। हमलावरों ने स्थानीय निवासियों के घरों को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ बमबाजी, गोलीबारी और ईंट-पत्थर से हमला किया। इस दौरान घरों के बाहर रखी कुर्सियों और अन्य सामान को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। घटना का वीडियो सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गया है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।
जमीन विवाद में कोर्ट के फैसले के बाद बढ़ा तनाव
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांधीनगर मोहल्ले में जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि विवाद अदालत तक पहुंच गया था। आरोप है कि अदालत में जमीन से संबंधित मुकदमा हारने के बाद दूसरे पक्ष से जुड़े लोगों ने हिंसक रास्ता अपनाया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जमीन पर कब्जा जमाने की नीयत से बड़ी संख्या में हथियारबंद बदमाशों को बुलाया गया। इसके बाद मोहल्ले में दहशत फैलाने के उद्देश्य से हमला किया गया। हालांकि, जमीन विवाद से संबंधित अदालती फैसले और हमलावरों के कथित संबंधों की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
50 से ज्यादा नकाबपोश बदमाशों ने मचाया उत्पात
बताया जा रहा है कि घटना के समय 50 से अधिक लोग एक साथ गांधीनगर मोहल्ले में पहुंचे। इनमें कई लोगों ने अपने चेहरे कपड़े से ढक रखे थे, ताकि उनकी पहचान नहीं हो सके। आरोप है कि हमलावरों के पास हथियार और विस्फोटक सामग्री थी।
मोहल्ले में पहुंचते ही बदमाशों ने घरों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। इस दौरान लगातार धमाकों और फायरिंग की आवाजें सुनाई देने का दावा किया गया है। हमलावरों ने ईंट-पत्थर भी फेंके, जिससे आसपास अफरा-तफरी का माहौल बन गया।अचानक हुई इस घटना से स्थानीय निवासी दहशत में आ गए। लोगों को समझ नहीं आ रहा था कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में हथियारबंद लोग मोहल्ले में क्यों पहुंचे हैं।
घरों पर बमबाजी और फायरिंग, सामान भी तोड़ा
हमलावरों पर आरोप है कि उन्होंने केवल बमबाजी और फायरिंग ही नहीं की, बल्कि घरों के बाहर रखे सामान को भी निशाना बनाया। बदमाशों ने कुर्सियों और अन्य संपत्तियों को तोड़कर नुकसान पहुंचाया।घटना के दौरान ईंट-पत्थर से भी हमला किया गया। बड़ी संख्या में बदमाशों की मौजूदगी और हथियारों के इस्तेमाल के आरोपों ने मामले को गंभीर बना दिया है।जिस तरह से एक साथ कई लोगों ने मोहल्ले में पहुंचकर हमला किया, उससे वारदात के पीछे सुनियोजित साजिश होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, इसकी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई पूरी वारदात
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि घटना इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। कैमरों की फुटेज में हमलावरों की गतिविधियां दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
सीसीटीवी फुटेज पुलिस के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकती है। इसके माध्यम से हमलावरों की संख्या, उनके आने-जाने के रास्तों और घटना में शामिल लोगों की पहचान करने में मदद मिल सकती है।पुलिस जांच में यह भी स्पष्ट हो सकेगा कि हमले में किन हथियारों का इस्तेमाल किया गया और वारदात को अंजाम देने के पीछे किन लोगों की भूमिका रही।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस
घटना की जानकारी मिलने के बाद चंदौती थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू कर दी। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती हमलावरों की पहचान करने और जमीन विवाद से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करने की है।
जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और घटनास्थल से मिलने वाले साक्ष्य महत्वपूर्ण हो सकते हैं। इसके साथ ही यह पता लगाना भी जरूरी होगा कि इतनी बड़ी संख्या में बदमाशों को किसने एकत्र किया और हमले की योजना कहां तैयार की गई।फिलहाल उपलब्ध जानकारी में किसी आरोपी की गिरफ्तारी या हमले में किसी व्यक्ति के घायल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
भू-माफिया की दबंगई से उठे कानून-व्यवस्था पर सवाल
गांधीनगर मोहल्ले में हुई इस घटना ने जमीन विवाद से जुड़े मामलों में हिंसा और दबंगई को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि जांच में यह साबित होता है कि अदालत में मुकदमा हारने के बाद दूसरे पक्ष को डराने के लिए हमला कराया गया, तो यह कानून को खुली चुनौती देने जैसा मामला होगा।
जमीन से संबंधित विवादों का समाधान कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से होना चाहिए, लेकिन इस मामले में हथियारबंद लोगों द्वारा कथित तौर पर हिंसा का सहारा लेने की बात सामने आई है।इतनी बड़ी संख्या में नकाबपोश बदमाशों का एक साथ पहुंचना और दिनदहाड़े हमला करना सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी चिंता का विषय है।
आरोपियों की पहचान और हमले की वजह की जांच जारी
अब पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि हमले में वास्तव में कितने लोग शामिल थे, किसके निर्देश पर वारदात को अंजाम दिया गया और जमीन विवाद से इसका क्या संबंध है।इस मामले में सीसीटीवी फुटेज अहम भूमिका निभा सकती है। साथ ही अदालत में चल रहे जमीन विवाद से संबंधित दस्तावेज भी जांच की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
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