बिहार

Panchayat कर प्रस्ताव पर विपक्ष हमलावर, सरकार ने बताया भ्रम फैलाने वाला मुद्दा

Ratna Netam
21 July 2026 6:42 PM IST
Panchayat  कर प्रस्ताव पर विपक्ष हमलावर, सरकार ने बताया भ्रम फैलाने वाला मुद्दा
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Patna पटना : बिहार की पंचायतों में प्रस्तावित कर व्यवस्था को लेकर मंगलवार को विधानसभा और विधान परिषद में जमकर सियासी घमासान देखने को मिला। विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए सदन में जोरदार हंगामा किया। विपक्ष का आरोप था कि पंचायतों में नई कर व्यवस्था लागू होने से ग्रामीणों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा और आम लोगों की परेशानियां बढ़ेंगी।

विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने पंचायत कर व्यवस्था के प्रस्ताव को लेकर सरकार से जवाब मांगना शुरू कर दिया। विपक्ष ने इस मामले पर तत्काल चर्चा कराने की मांग की और कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पहले से ही लोग कई तरह की आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में पंचायत स्तर पर नए करों का भार डालना उचित नहीं होगा।

विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार पंचायतों के माध्यम से आम जनता पर अतिरिक्त बोझ डालने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों की आय सीमित होती है और नए कर लागू होने से उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। विपक्ष ने सरकार से इस प्रस्ताव को वापस लेने या सदन में विस्तार से चर्चा कराने की मांग की।

वहीं, सरकार की ओर से विपक्ष के आरोपों को खारिज किया गया। सरकार ने स्पष्ट किया कि गरीब और आम जनता पर किसी भी प्रकार का नया टैक्स लगाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। सरकार ने कहा कि पंचायत कर व्यवस्था को लेकर गलत जानकारी फैलाकर लोगों को भ्रमित किया जा रहा है।

सत्ता पक्ष ने कहा कि पंचायतों को मजबूत बनाने और स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को बेहतर तरीके से संचालित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं पर विचार किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाओं का विस्तार करना है, न कि आम लोगों पर आर्थिक दबाव बढ़ाना।

सरकार ने यह भी कहा कि किसी भी नई व्यवस्था को लागू करने से पहले उसके सभी पहलुओं पर विचार किया जाएगा। जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए ही कोई निर्णय लिया जाएगा। सरकार ने विपक्ष पर राजनीतिक लाभ के लिए मुद्दे को बढ़ाने का आरोप लगाया।

विधानसभा के साथ-साथ विधान परिषद में भी इस मुद्दे को लेकर विपक्ष ने अपनी आवाज बुलंद की। विपक्षी सदस्यों ने कहा कि पंचायत कर व्यवस्था से जुड़े हर पहलू को सदन के सामने रखा जाना चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।

मामले को लेकर सदन में पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। विपक्ष लगातार चर्चा की मांग करता रहा, जबकि सरकार अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए आरोपों को निराधार बताती रही। हंगामे के बीच पंचायत कर व्यवस्था का मुद्दा मंगलवार को बिहार की राजनीति में प्रमुख चर्चा का विषय बना रहा।

फिलहाल सरकार की ओर से यह साफ किया गया है कि गरीबों और आम नागरिकों पर कोई नया टैक्स लगाने की योजना नहीं है। वहीं विपक्ष इस मुद्दे को लेकर आगे भी सरकार को घेरने की तैयारी में है। पंचायत कर व्यवस्था को लेकर आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में यह मुद्दा और गर्मा सकता है।

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