बिहार

बिहार फिल्म सिटी का सपना अधूरा, 9 साल बाद भी नहीं शुरू हुआ काम

Saba Naaz
21 July 2026 6:38 PM IST
बिहार फिल्म सिटी का सपना अधूरा, 9 साल बाद भी नहीं शुरू हुआ काम
x

बिहार: सिनेमा और मनोरंजन उद्योग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई राजगीर फिल्म सिटी परियोजना नौ साल बाद भी अधूरी पड़ी है। जिस जमीन पर फिल्मों की शूटिंग के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस फिल्म सिटी बनाने का सपना देखा गया था, वहां आज भी खेती हो रही है। परियोजना के लिए अधिग्रहित 20 एकड़ जमीन पर केवल चारदीवारी और जर्जर गेट दिखाई देते हैं, जबकि निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो पाया है।

राजगीर के छबिलापुर थाना क्षेत्र स्थित हिंदूपुर गांव के ठेरा मोड़ के पास फिल्म सिटी के लिए जमीन चिह्नित की गई थी। राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का शिलान्यास 8 अगस्त 2017 को तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया था। उस समय उम्मीद जताई गई थी कि राजगीर में बिहार की पहली फिल्म सिटी बनेगी और यह क्षेत्र सिनेमा व मनोरंजन उद्योग का नया केंद्र बनेगा।

परियोजना के तहत करीब 20 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया था। इस फिल्म सिटी को करीब 142 करोड़ रुपये की लागत से विकसित करने की योजना बनाई गई थी। इसमें अत्याधुनिक शूटिंग स्टूडियो, फिल्म निर्माण से जुड़ी सुविधाएं, प्रशिक्षण केंद्र और अन्य व्यवस्थाएं विकसित करने का लक्ष्य रखा गया था। इससे बिहार के कलाकारों, तकनीकी विशेषज्ञों और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद थी।

लेकिन शिलान्यास के बाद शुरुआती घेराबंदी के अलावा कोई बड़ा काम आगे नहीं बढ़ सका। वर्तमान में निर्माण स्थल पर चारदीवारी कई जगह से खराब हो चुकी है और गेट भी जर्जर हालत में है। अंदर की जमीन को स्थानीय लोग खेती के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि जिस दिन फिल्म सिटी निर्माण का काम शुरू होगा, वे स्वेच्छा से जमीन खाली कर देंगे।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि फिल्म सिटी बनने से क्षेत्र के युवाओं को रोजगार मिलता और राजगीर को नई पहचान मिलती। हिंदूपुर और ठेरा गांव के लोगों ने सरकार से जल्द निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि वर्षों से परियोजना का इंतजार किया जा रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है।

फिल्म सिटी परियोजना को लेकर पिछले साल फिर से पहल शुरू होने की बात सामने आई थी। बिहार सरकार ने इसके लिए केंद्र सरकार से करीब 200 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता की मांग की थी। तत्कालीन उपमुख्यमंत्री और कला एवं संस्कृति मंत्री ने बताया था कि फिल्म सिटी के साथ फिल्म टेलीविजन संस्थान और राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय जैसी सुविधाएं भी विकसित करने की योजना है। इससे राज्य में फिल्म उद्योग को बढ़ावा मिलने के साथ युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर मिल सकते हैं।

योजना के अनुसार फिल्म सिटी का निर्माण पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर आधुनिक तकनीक के साथ किया जाना था। पहले चरण में 53 करोड़ रुपये और दूसरे चरण में 89 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाई गई थी। परियोजना के पूरा होने से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद थी, क्योंकि राजगीर पहले से ही धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन स्थल के रूप में प्रसिद्ध है।

हालांकि, अब तक धन आवंटन और प्रशासनिक प्रक्रिया के कारण यह योजना कागजों तक सीमित नजर आ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार को जल्द कदम उठाकर निर्माण कार्य शुरू करना चाहिए, ताकि बिहार के कलाकारों को अपने ही राज्य में बेहतर मंच मिल सके।

राजगीर फिल्म सिटी को लेकर लोगों की उम्मीदें अभी भी कायम हैं। ग्रामीणों का मानना है कि अगर यह परियोजना पूरी होती है तो न केवल बिहार के सिनेमा जगत को नई दिशा मिलेगी, बल्कि राजगीर में पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव आएगा। फिलहाल, जिस जमीन पर कभी शूटिंग सेट और फिल्मी गतिविधियों की कल्पना की गई थी, वहां खेतों में फसलें लहलहा रही हैं।

Next Story