
वैशाली: टीबी मुक्त भारत अभियान को गति देने के उद्देश्य से वैशाली जिले के लालगंज रेफरल अस्पताल में मंगलवार को निक्षय मित्र पोषण योजना के तहत टीबी मरीजों के बीच पोषण किट का वितरण किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन नंदराज नर्सिंग होम के सहयोग से किया गया, जिसमें 10 टीबी मरीजों को आवश्यक पोषण सामग्री उपलब्ध कराई गई।
निक्षय मित्र योजना के तहत मिला पोषण सहयोग
कार्यक्रम के दौरान मरीजों को चावल, दाल, अंडा, चना, राजमा, सोयाबीन, गुड़ सहित अन्य पौष्टिक खाद्य सामग्री की किट दी गई। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, टीबी मरीजों को दवा के साथ संतुलित आहार मिलने से उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और वे तेजी से स्वस्थ हो सकते हैं।
दवा के साथ पौष्टिक आहार भी जरूरी
रेफरल अस्पताल के प्रभारी डॉ. नवीन कुमार ने कहा कि टीबी का उपचार केवल दवाओं से पूरा नहीं होता, बल्कि मरीजों को सही पोषण भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि संतुलित आहार से शरीर की इम्युनिटी मजबूत होती है, जिससे इलाज का असर बेहतर होता है।
समाज से आगे आने की अपील
स्वास्थ्य अधिकारियों ने कार्यक्रम में निक्षय मित्र योजना की जानकारी दी और समाज के सक्षम लोगों, सामाजिक संगठनों व संस्थाओं से टीबी मरीजों की मदद के लिए आगे आने की अपील की। अधिकारियों ने कहा कि जनभागीदारी से ही टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
नंदराज नर्सिंग होम की पहल
नंदराज नर्सिंग होम के संचालक सुबोध कुमार ने कहा कि टीबी मरीजों की सहायता करना सामाजिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पोषण और दवा दोनों मिलकर मरीजों के स्वस्थ होने की प्रक्रिया को तेज करते हैं। इसी उद्देश्य से यह सहायता दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने जताया आभार
अस्पताल प्रशासन ने नंदराज नर्सिंग होम के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि यदि अन्य संस्थाएं भी इस तरह आगे आएं, तो टीबी उन्मूलन अभियान को और मजबूती मिलेगी। अधिकारियों ने इस पहल को सराहनीय बताया। कार्यक्रम में डॉ. मुकेश पंकज, डॉ. अंजलि, डॉ. नीतू, अस्पताल प्रबंधक राजीव कुमार, एसटीएस रूबी कुमारी सहित कई स्वास्थ्यकर्मी और प्रतिनिधि मौजूद रहे।





