बिहार
लखीसराय में दुर्गा पूजा ड्यूटी से गायब 21 अफसरों को नोटिस, DM का एक्शन
Rajeshwari Nishad
19 Oct 2026 9:03 PM IST

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लखीसराय: बिहार के लखीसराय जिले में दुर्गा पूजा के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने और भीड़ प्रबंधन की निगरानी के लिए तैनात किए गए 21 पदाधिकारी ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए। अनुपस्थित अधिकारियों में जिला स्तरीय पदाधिकारी भी शामिल हैं। त्योहार के दौरान सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए अधिकारियों की तैनाती की गई थी, लेकिन निर्धारित ड्यूटी पर उनकी गैरमौजूदगी सामने आने से प्रशासनिक जिम्मेदारी और निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
दुर्गा पूजा के दौरान जिले के विभिन्न पूजा पंडालों और प्रमुख स्थानों पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती है। ऐसे में विधि-व्यवस्था बनाए रखना, यातायात को नियंत्रित करना और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल होता है। इसी उद्देश्य से अधिकारियों को अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया गया था। लेकिन 21 पदाधिकारियों के अनुपस्थित मिलने से ड्यूटी व्यवस्था के पालन को लेकर चिंता पैदा हुई है।
भीड़ प्रबंधन के लिए की गई थी अधिकारियों की तैनाती
दुर्गा पूजा बिहार सहित देश के कई हिस्सों में बड़े उत्साह के साथ मनाई जाती है। इस दौरान पूजा पंडालों, मंदिरों और बाजारों में लोगों की भारी भीड़ उमड़ती है। लखीसराय में भी त्योहार के दौरान शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के लिए प्रशासन की ओर से व्यवस्था की जाती है।
भीड़ वाले स्थानों पर अधिकारियों की मौजूदगी इसलिए जरूरी होती है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से समय रहते निपटा जा सके। श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारु बनाए रखना, भीड़ को नियंत्रित करना और स्थानीय स्तर पर उत्पन्न होने वाली समस्याओं का समाधान करना तैनात अधिकारियों की जिम्मेदारी होती है।
ऐसे में ड्यूटी पर नियुक्त पदाधिकारियों की अनुपस्थिति प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावित कर सकती है। खासकर त्योहार के दौरान जब बड़ी संख्या में लोग घरों से निकलकर पूजा-अर्चना और मेला देखने पहुंचते हैं, तब प्रत्येक तैनात अधिकारी की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।
जिला स्तरीय पदाधिकारी भी सूची में शामिल
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए 21 पदाधिकारियों में जिला स्तरीय अधिकारी भी शामिल हैं। यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि जिला स्तर के अधिकारियों से प्रशासनिक कार्यों की निगरानी और जिम्मेदारियों के प्रभावी निर्वहन की अपेक्षा की जाती है।
त्योहार के दौरान अधिकारियों की तैनाती केवल औपचारिक व्यवस्था नहीं होती, बल्कि इसका सीधा संबंध आम लोगों की सुरक्षा और सुविधा से होता है। यदि निर्धारित स्थानों पर अधिकारी मौजूद नहीं रहते हैं, तो संबंधित क्षेत्रों में निगरानी और समन्वय प्रभावित होने की आशंका रहती है।
हालांकि, अनुपस्थित पाए गए सभी पदाधिकारियों के नाम, उनके विभाग, निर्धारित ड्यूटी स्थल और अनुपस्थिति के कारणों के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए यह स्पष्ट होना बाकी है कि संबंधित अधिकारी किन परिस्थितियों में ड्यूटी पर मौजूद नहीं थे और क्या किसी अधिकारी ने अनुपस्थिति को लेकर पूर्व अनुमति ली थी।
त्योहार के दौरान प्रशासनिक जिम्मेदारी अहम
दुर्गा पूजा जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों में प्रशासन की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है। पूजा पंडालों के आसपास भीड़ को नियंत्रित करना, यातायात व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई करना जरूरी होता है। इसके लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय होना चाहिए।
प्रशासन की ओर से पहले से ड्यूटी निर्धारित करने का उद्देश्य यह होता है कि प्रत्येक क्षेत्र की निगरानी सुनिश्चित की जा सके। अधिकारियों की तैनाती के साथ उनकी उपस्थिति की जांच भी जरूरी है, ताकि व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित न रहे।
यदि कोई अधिकारी निर्धारित समय पर ड्यूटी स्थल पर नहीं पहुंचता है, तो इसकी जानकारी संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचनी चाहिए। इससे जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्था की जा सकती है और किसी क्षेत्र में निगरानी का अभाव नहीं रहने दिया जाता।
अनुपस्थिति के कारणों की जानकारी का इंतजार
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि 21 पदाधिकारी ड्यूटी से अनुपस्थित क्यों पाए गए। क्या वे बिना सूचना दिए गैरहाजिर थे, या उनकी अनुपस्थिति के पीछे कोई प्रशासनिक अथवा व्यक्तिगत कारण था? फिलहाल उपलब्ध जानकारी से इन सवालों का स्पष्ट जवाब नहीं मिलता।
ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा जाना और ड्यूटी से जुड़ी परिस्थितियों की जांच करना प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है। हालांकि, किसी प्रकार की कार्रवाई, कारण बताओ नोटिस या अनुशासनात्मक कदम उठाए जाने की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
इसलिए मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले प्रशासन की आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना जरूरी है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि अनुपस्थिति लापरवाही का मामला थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण था।
सुरक्षा व्यवस्था में जवाबदेही जरूरी
त्योहारों के दौरान आम नागरिक प्रशासन से सुरक्षित और व्यवस्थित माहौल की अपेक्षा करते हैं। इसके लिए अधिकारियों का समय पर ड्यूटी पर पहुंचना और अपनी जिम्मेदारी निभाना आवश्यक है। भीड़ प्रबंधन जैसे संवेदनशील कार्यों में छोटी-सी चूक भी परेशानी बढ़ा सकती है।
लखीसराय में 21 पदाधिकारियों के अनुपस्थित मिलने का मामला प्रशासनिक जवाबदेही के महत्व को सामने लाता है। यदि ड्यूटी व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाए और जिम्मेदारियों का स्पष्ट निर्धारण हो, तो ऐसी समस्याओं को कम किया जा सकता है।
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