बिहार

नालंदा: मासूम के अपहरण से मचा हड़कंप

Ashish verma
27 Jun 2026 8:29 PM IST
नालंदा: मासूम के अपहरण से मचा हड़कंप
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नालंदा/छबिलापुर। बिहार के नालंदा जिले के छबिलापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत कंचनपुर गांव में आठ माह के एक मासूम बच्चे के रहस्यमय अपहरण से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। घटना के बाद पुलिस ने बड़े पैमाने पर जांच अभियान शुरू किया है, लेकिन अब तक बच्चे का कोई सुराग नहीं मिल सका है। जानकारी के अनुसार, कंचनपुर निवासी महेश मांझी का आठ माह का बेटा जनसुराज गुरुवार और शुक्रवार की मध्यरात्रि अपने माता-पिता के साथ घर के बरामदे में सो रहा था। इसी दौरान अज्ञात बदमाशों ने बच्चे का अपहरण कर लिया। सुबह जब परिजनों को इसकी जानकारी मिली तो पूरे गांव में हड़कंप मच गया और लोग बड़ी संख्या में खोजबीन में जुट गए।

परिजनों के अनुसार, रात लगभग 12 बजे तक बच्चा अपनी मां के पास सुरक्षित था, लेकिन करीब 1 बजे के आसपास वह अचानक बिस्तर से गायब हो गया। इसके बाद परिजन और ग्रामीण रातभर टॉर्च लेकर खेतों, झाड़ियों और आसपास के इलाकों में बच्चे की तलाश करते रहे, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। घटना के बाद गांव में मातम और आक्रोश का माहौल है। परिजनों का कहना है कि बिना किसी अंदरूनी मिलीभगत के सोते हुए माता-पिता के बीच से बच्चे का अपहरण संभव नहीं है। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

सूचना मिलते ही छबिलापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने पूरे गांव में सघन तलाशी अभियान चलाया और लगभग 31 घरों की जांच की। इसके साथ ही गांव के आसपास के इलाकों में भी छानबीन की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। जांच को तेज करने के लिए डीएसपी संजीत कुमार गुप्ता के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पटना से डॉग स्क्वाड और फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम भी मौके पर पहुंची है। वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाने का काम किया जा रहा है।

पुलिस ने गांव के निकास मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। साथ ही संदिग्ध लोगों के मोबाइल लोकेशन की भी जांच की जा रही है। डीएसपी ने कहा है कि बच्चे की सुरक्षित बरामदगी प्राथमिकता है और जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा। फिलहाल, इस घटना से पूरे कंचनपुर गांव में दहशत का माहौल है और ग्रामीण लगातार बच्चे की तलाश में जुटे हुए हैं। प्रशासन और पुलिस पर जल्द कार्रवाई कर बच्चे को सुरक्षित बरामद करने का दबाव बढ़ गया है।

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