बिहार

डूबी कॉलोनी में पहुंचे मंत्री, जनता ने जताई नाराजगी

Saba Naaz
9 July 2026 7:19 PM IST
डूबी कॉलोनी में पहुंचे मंत्री, जनता ने जताई नाराजगी
x

मुजफ्फरनगर। लगातार तीन दिनों से हो रही भारी बारिश ने मुजफ्फरनगर शहर में नगर पालिका के जल निकासी व्यवस्था के दावों की पोल खोल दी है। तेज बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में भीषण जलभराव हो गया। सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं और कई घरों व दुकानों में गंदा पानी घुस गया, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जलभराव की स्थिति का जायजा लेने के लिए राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल शहर के प्रभावित इलाकों में पहुंचे। उन्होंने रामलीला टिल्ला क्षेत्र सहित कई स्थानों का निरीक्षण किया और हालात की जानकारी ली। इस दौरान स्थानीय लोगों ने मंत्री के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की। लोगों ने कहा, "मंत्री जी, अब आए हो... जब हमारी कॉलोनी डूब गई।"

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बारिश से पहले नगर पालिका और प्रशासन की ओर से नालों की सफाई और जल निकासी को लेकर बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन पहली ही तेज बारिश में सारी व्यवस्थाएं ध्वस्त हो गईं। लोगों का कहना है कि लंबे समय से जलभराव की समस्या बनी हुई है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया गया।

भारी बारिश के कारण शहर के कई मोहल्लों में पानी भर गया। नालों का गंदा पानी सड़कों से होते हुए घरों और दुकानों तक पहुंच गया। इससे लोगों के सामान को नुकसान पहुंचा और रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हुई। बाजारों में भी जलभराव के कारण व्यापारियों को परेशानी झेलनी पड़ी। नगर पालिका प्रशासन ने मानसून से पहले जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने का दावा किया था। अधिकारियों का कहना था कि नालों की सफाई और जलभराव रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए गए हैं, लेकिन बारिश के बाद जमीनी हकीकत कुछ और ही नजर आई।

लोगों ने आरोप लगाया कि शहर में अनियोजित विकास और कमजोर जल निकासी व्यवस्था के कारण हर साल बारिश के मौसम में यही समस्या सामने आती है। कई इलाकों में पानी की निकासी नहीं होने से घंटों तक जलभराव बना रहता है। राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने मौके पर पहुंचकर अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली और जल्द समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करते हुए जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही।

वहीं, स्थानीय लोगों की नाराजगी से साफ है कि बारिश से पहले किए गए इंतजामों पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती जलभराव से प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचाना और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए ठोस योजना तैयार करना है।

Next Story