बिहार

Medical Exam: लखीसराय में सॉल्वर गैंग का खुलासा

Saba Naaz
22 Jun 2026 5:15 PM IST
Medical Exam: लखीसराय में सॉल्वर गैंग का खुलासा
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Bihar: लखीसराय। देश की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 की पुनर्परीक्षा में बिहार के लखीसराय जिले से बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। पुलिस और प्रशासन ने दो परीक्षा केंद्रों पर छापेमारी कर संगठित सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़ किया है, जिसमें अब तक 30 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें एमबीबीएस छात्र, बायोमैट्रिक सुपरवाइजर, तकनीकी कर्मी और बिचौलिये शामिल हैं।

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि बायोमैट्रिक सिस्टम में फिंगरप्रिंट मैच न होने के बावजूद कई फर्जी परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश दे दिया गया। इस घटना ने परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पहला मामला हसनपुर उच्च विद्यालय परीक्षा केंद्र से सामने आया, जहां गुप्त सूचना के आधार पर एक फर्जी परीक्षार्थी पकड़ा गया। जांच में सामने आया कि मंतोष कुमार नाम का एमबीबीएस छात्र नालंदा निवासी असली अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने पहुंचा था। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि पूरे नेटवर्क का संचालन पावापुरी मेडिकल कॉलेज के एक छात्र द्वारा किया जा रहा था और इसके लिए लाखों रुपये की डील हुई थी।

इस मामले में बायोमैट्रिक सिस्टम से जुड़े छह कर्मियों और सुपरवाइजर को भी गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि इन्हें पैसे देकर सिस्टम में हेरफेर किया गया।

दूसरा मामला केआरके उच्च विद्यालय केंद्र से सामने आया, जहां एमबीबीएस छात्र विवेक कुमार को दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देते पकड़ा गया। उसके साथ सहयोगी अर्पित राज को भी गिरफ्तार किया गया।

पुलिस जांच में सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड रवि उर्फ रविशंकर उर्फ सम्राट है, जो कई अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर मेडिकल छात्रों को सॉल्वर के रूप में बैठाता था। इसके अलावा बायोमैट्रिक टेंडर से जुड़े प्रमोद कुमार यादव की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है।

पुलिस ने दोनों परीक्षा केंद्रों से कुल 34 मोबाइल फोन, फर्जी आधार कार्ड, एडिटेड एडमिट कार्ड और अन्य डिजिटल सबूत जब्त किए हैं। फॉरेंसिक टीम को जांच में लगाया गया है।

प्रशासन ने परीक्षा के दौरान जैमर, सख्त निगरानी और मोबाइल प्रतिबंध जैसी कड़ी व्यवस्था की थी, इसके बावजूद इतनी बड़ी संख्या में फर्जीवाड़ा सामने आना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है।

मामले में तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं और आरोपियों पर सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 2024 सहित कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

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