
पटना। बिहार विधान परिषद चुनाव के नतीजों में बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला है। भारतीय जनता पार्टी के मजबूत गढ़ माने जाने वाले पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने शानदार जीत दर्ज की है। लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव की पार्टी के उम्मीदवार डॉ. संजीव कुमार ने भाजपा के दिग्गज नेता और निवर्तमान विधान पार्षद नवल किशोर यादव को 1,057 मतों से पराजित कर दिया। नवल किशोर यादव इस सीट पर लगातार पांच बार चुनाव जीत चुके थे और करीब तीन दशक से उनका दबदबा कायम था। लेकिन इस बार शिक्षक मतदाताओं ने बदलाव के पक्ष में फैसला सुनाया। इस जीत को राजद के लिए बड़ी राजनीतिक उपलब्धि माना जा रहा है। वहीं, भाजपा के लिए यह हार इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि नवल किशोर यादव को इस निर्वाचन क्षेत्र का मजबूत उम्मीदवार माना जाता था।
1,057 वोटों से जीते RJD के डॉ. संजीव कुमार
पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना मंगलवार, 27 अक्टूबर को शुरू हुई थी और देर रात तक चली। बुधवार सुबह सामने आए अंतिम परिणामों में राजद प्रत्याशी डॉ. संजीव कुमार विजयी घोषित हुए।
अंतिम मतगणना के अनुसार, डॉ. संजीव कुमार को कुल 4,487 वोट प्राप्त हुए, जबकि भाजपा उम्मीदवार नवल किशोर यादव को 3,430 मत मिले।
इस प्रकार राजद प्रत्याशी ने भाजपा के दिग्गज नेता को 1,057 वोटों से शिकस्त दी।
इस चुनाव में जन सुराज पार्टी की उम्मीदवार डॉ. दिव्या ज्योति तीसरे स्थान पर रहीं। हालांकि, मुख्य मुकाबला भाजपा और राजद के बीच ही देखने को मिला।
राजद उम्मीदवार की जीत के साथ पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में लंबे समय से कायम राजनीतिक वर्चस्व समाप्त हो गया।
30 साल से जीत रहे थे नवल किशोर यादव
भाजपा नेता नवल किशोर यादव बिहार विधान परिषद की राजनीति में एक जाना-पहचाना नाम हैं। पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में उनका लगभग तीन दशकों से प्रभाव रहा है।
वह लगातार पांच बार इस निर्वाचन क्षेत्र से विधान पार्षद चुने गए थे। लंबे समय से शिक्षकों और शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े रहने के कारण उनका मजबूत जनाधार माना जाता था।
भाजपा को उम्मीद थी कि इस बार भी नवल किशोर यादव अपना राजनीतिक अनुभव और पुराने संपर्कों के दम पर जीत हासिल करेंगे।
हालांकि, डॉ. संजीव कुमार ने चुनाव में उन्हें कड़ी चुनौती दी। परिणाम सामने आने के बाद नवल किशोर यादव की लगातार जीत का सिलसिला समाप्त हो गया।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इतने लंबे समय से निर्वाचित नेता की हार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में बदलते राजनीतिक समीकरणों की ओर संकेत करती है।
शुरुआती बढ़त के बाद पिछड़ गए भाजपा उम्मीदवार
पटना शिक्षक एमएलसी सीट पर मतगणना शुरू होने के बाद मुकाबला बेहद रोमांचक रहा।
पहले राउंड में भाजपा के नवल किशोर यादव को 1,273 वोट मिले थे, जबकि राजद उम्मीदवार डॉ. संजीव कुमार को 1,271 मत प्राप्त हुए। इस तरह भाजपा उम्मीदवार ने महज दो वोटों की बढ़त बनाई थी।
दूसरे राउंड में स्थिति बदल गई और संजीव कुमार आगे निकल गए। हालांकि, तीसरे राउंड में नवल किशोर यादव ने दोबारा बढ़त हासिल कर ली।
मतगणना के दौरान कभी भाजपा तो कभी राजद उम्मीदवार आगे चल रहे थे। इससे दोनों दलों के कार्यकर्ताओं में उत्सुकता बनी रही।
लेकिन अंतिम चरण की गिनती में डॉ. संजीव कुमार निर्णायक बढ़त हासिल करने में सफल रहे और उन्होंने भाजपा उम्मीदवार को पराजित कर दिया।
मतगणना के दौरान हुआ हंगामा
पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना के दौरान विवाद और हंगामे की स्थिति भी सामने आई।
मंगलवार रात भाजपा और राजद प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच मतगणना को लेकर कहासुनी हुई। विवाद बढ़ने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को हस्तक्षेप करना पड़ा।
रिपोर्ट के अनुसार, पटना के आईजी मतगणना केंद्र पहुंचे और दोनों पक्षों को समझाकर स्थिति शांत कराई।
मतगणना में दोनों प्रत्याशियों के बीच बेहद कम अंतर होने के कारण प्रत्येक राउंड के परिणाम पर समर्थकों की नजर बनी हुई थी।
हालांकि, विवाद के बीच मतगणना की प्रक्रिया जारी रही और अंतिम परिणाम में राजद उम्मीदवार को विजेता घोषित किया गया।
जीत के बाद संजीव कुमार ने शिक्षकों को दिया भरोसा
चुनाव जीतने के बाद डॉ. संजीव कुमार ने शिक्षक मतदाताओं के प्रति आभार जताया।
उन्होंने कहा कि मतगणना के दौरान कई तरह की परिस्थितियां सामने आईं, लेकिन वह मुकाबले के लिए पूरी तरह तैयार थे।
संजीव कुमार ने भरोसा दिलाया कि वह शिक्षकों की समस्याओं और उनकी मांगों को विधान परिषद में मजबूती से उठाएंगे।
उन्होंने शिक्षक समुदाय से किए गए वादों को पूरा करने और उनके हितों की रक्षा के लिए काम करने की बात कही।
राजद समर्थक इस जीत को लंबे समय से स्थापित राजनीतिक वर्चस्व के खिलाफ शिक्षक मतदाताओं के फैसले के रूप में देख रहे हैं।
बिहार विधान परिषद में एक साथ नजर आएंगे दो भाई
पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. संजीव कुमार की जीत का एक दिलचस्प पहलू भी सामने आया है।
डॉ. संजीव कुमार के भाई राजीव कुमार पहले से बिहार विधान परिषद के सदस्य हैं। ऐसे में अब दोनों भाई एक साथ विधान परिषद में नजर आएंगे।
इस उपलब्धि की चर्चा बिहार के राजनीतिक गलियारों में हो रही है।
पटना शिक्षक सीट जीतने के बाद डॉ. संजीव कुमार को राज्य की राजनीति में अपनी नई पहचान मजबूत करने का अवसर मिला है।
तिरहुत और अन्य सीटों पर भी आए चुनाव परिणाम
बिहार विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की कुल आठ सीटों के लिए चुनाव कराए गए थे।
इनमें चार शिक्षक और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में पटना से राजद उम्मीदवार डॉ. संजीव कुमार ने जीत दर्ज की।
तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में एनडीए समर्थित नरेंद्र सिंह को सफलता मिली। वहीं, दरभंगा शिक्षक सीट पर जन सुराज समर्थित उम्मीदवार ने जीत हासिल की।
सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में निर्दलीय राहुल राज विजयी रहे।
इन परिणामों ने स्पष्ट किया है कि बिहार के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में अलग-अलग राजनीतिक दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों को समर्थन मिला है।
तेजस्वी यादव के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जीत
पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में राजद की सफलता को पार्टी के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
तेजस्वी यादव के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनता दल राज्य में अपना समर्थन बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। ऐसे में भाजपा के पांच बार के विजेता को हराना पार्टी के कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने वाला परिणाम है।
हालांकि, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव सामान्य विधानसभा चुनावों से अलग होते हैं। इनमें केवल पात्र और पंजीकृत शिक्षक मतदाता हिस्सा लेते हैं।
इसलिए इस परिणाम को पूरे बिहार के मतदाताओं के राजनीतिक रुझान का सीधा संकेत नहीं माना जा सकता।
इसके बावजूद राजद ने भाजपा के मजबूत गढ़ में जीत हासिल कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है।
भाजपा के सामने मजबूत गढ़ वापस पाने की चुनौती
नवल किशोर यादव की हार ने पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के संगठन और चुनावी रणनीति को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
लगातार पांच चुनाव जीतने वाले नेता को हराकर डॉ. संजीव कुमार ने साबित किया कि लंबे समय से स्थापित राजनीतिक वर्चस्व को भी चुनौती दी जा सकती है।
अब भाजपा के सामने शिक्षक मतदाताओं के बीच अपना समर्थन दोबारा मजबूत करने की चुनौती होगी। दूसरी ओर राजद इस जीत के जरिए अपने राजनीतिक आधार का विस्तार करने की कोशिश करेगी।
पटना शिक्षक एमएलसी चुनाव का परिणाम बिहार की विधान परिषद राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में दर्ज हो गया है।





