बिहार

नवल किशोर यादव का तीन दशक का वर्चस्व टूटा, पटना शिक्षक क्षेत्र में राजद की जीत

nidhi
28 Oct 2026 8:50 AM IST
नवल किशोर यादव का तीन दशक का वर्चस्व टूटा, पटना शिक्षक क्षेत्र में राजद की जीत
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पटना: बिहार विधान परिषद के पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में बड़ा चुनावी उलटफेर हुआ है। राष्ट्रीय जनता दल के प्रत्याशी डॉ. संजीव कुमार ने भाजपा के नवल किशोर यादव को पराजित कर दिया है। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, डॉ. संजीव कुमार को 4,487 मत मिले, जबकि नवल किशोर यादव को 3,430 मत प्राप्त हुए। दोनों के बीच जीत-हार का अंतर 1,057 मत रहा। इस परिणाम के साथ सीट पर नवल किशोर यादव के करीब तीन दशक पुराने चुनावी वर्चस्व को झटका लगा है। नवल किशोर यादव लगातार पांच बार इस निर्वाचन क्षेत्र से जीत दर्ज कर चुके थे। इस बार वह अपना स्थान बरकरार नहीं रख सके। लंबे समय से सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे नेता की हार के कारण यह परिणाम विशेष चर्चा में है। यहां तीन दशक का संदर्भ नवल किशोर यादव के व्यक्तिगत चुनावी वर्चस्व से है। इसे पूरे तीस वर्ष तक भाजपा के लगातार कब्जे के रूप में प्रस्तुत करना सही नहीं होगा।
देर रात तक बदलता रहा मुकाबले का रुख
पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना मंगलवार, 27 अक्टूबर को शुरू हुई और देर रात तक चली। शुरुआती चरणों में मुकाबला बेहद करीबी दिखाई दिया। अलग-अलग दौर में दोनों प्रमुख प्रत्याशियों के बीच बढ़त का अंतर कम रहा। नवल किशोर यादव और डॉ. संजीव कुमार के समर्थक लगातार मतगणना की जानकारी पर नजर बनाए हुए थे। अंतिम चरण तक स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार बना रहा। अमर उजाला के लाइव अपडेट के अनुसार, दूसरे दौर की गिनती के बाद डॉ. संजीव कुमार को मामूली बढ़त मिली थी। बाद के दौर में नवल किशोर यादव आगे दिखाई दिए। शुरुआती दौर की इस बढ़त को अंतिम परिणाम नहीं माना जा सकता था। देर रात जारी मतगणना के बाद राजद प्रत्याशी की जीत की खबर सामने आई और सुबह प्रकाशित रिपोर्टों में जीत के विस्तृत आंकड़े दिए गए।
वरीयता वाले मतों की गिनती रही महत्वपूर्ण
फर्स्ट बिहार की मंगलवार रात की रिपोर्ट में बताया गया था कि पहली वरीयता के मतों की गिनती के बाद भी जीत-हार तय नहीं हुई थी। उस समय भाजपा प्रत्याशी को मामूली बढ़त मिलने की जानकारी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, आगे दूसरी और तीसरी वरीयता के मतों की गिनती के बाद परिणाम स्पष्ट होना था। इसलिए शुरुआती मतगणना और अंतिम संख्या में अंतर सामने आया। इस घटनाक्रम ने मुकाबले का रोमांच बनाए रखा। किसी दौर में आगे रहने वाला प्रत्याशी अंतिम परिणाम में भी विजेता रहेगा, यह निश्चित नहीं था। पटना शिक्षक सीट पर भी यही स्थिति देखने को मिली। अंतिम रिपोर्ट में डॉ. संजीव कुमार की जीत दर्ज हुई। शुरुआती चरणों की संख्या को अंतिम मतों के साथ मिलाकर देखने से भ्रम हो सकता है, इसलिए दोनों को अलग समझना जरूरी है।
मतगणना के दौरान समर्थकों में विवाद
मतगणना के बीच भाजपा और राजद प्रत्याशियों के समर्थकों में विवाद की खबर भी सामने आई। अमर उजाला ने मंगलवार रात के अपडेट में बताया कि स्थिति को देखते हुए पटना के पुलिस महानिरीक्षक मतगणना केंद्र पहुंचे। दोनों पक्षों के प्रत्याशियों को समझाया गया और स्थिति नियंत्रण में होने की जानकारी दी गई। इसके बाद मतगणना संबंधी प्रक्रिया पर नजर बनी रही। राजद की ओर से परिणाम घोषित करने में जानबूझकर देरी किए जाने का आरोप भी लगाया गया था। नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट में पार्टी के इस आरोप का उल्लेख है। हालांकि, यह राजनीतिक आरोप था और इसे प्रशासनिक गड़बड़ी की प्रमाणित घटना नहीं माना जा सकता। उपलब्ध रिपोर्टों में इस आरोप पर प्रशासन का विस्तृत पक्ष नहीं दिया गया है।
जीत के बाद संजीव कुमार ने शिक्षकों को दिया श्रेय
डॉ. संजीव कुमार ने जीत के बाद मीडिया से बातचीत में इसे शिक्षक समाज की जीत बताया। फर्स्ट बिहार की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि शिक्षकों ने लंबे समय से चले आ रहे चुनावी वर्चस्व को समाप्त किया है। उन्होंने राज्य सरकार और चुनावी व्यवस्था पर भी आरोप लगाए। उनके ये बयान राजनीतिक प्रतिक्रिया हैं, स्वतंत्र जांच के निष्कर्ष नहीं। देर रात की शुरुआती बातचीत में संजीव कुमार ने लगभग 900 मतों से जीतने का दावा किया था। इसके बाद सुबह की रिपोर्ट में अंतर 1,057 मत बताया गया। यह अंतर बताता है कि मतगणना केंद्र से बाहर दिए गए प्रारंभिक दावे और बाद में प्रकाशित अंतिम आंकड़ों को अलग रखना चाहिए। खबर में जीत का अंतर बाद की विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर दिया गया है।
नवल किशोर यादव की हार क्यों महत्वपूर्ण है?
लगातार पांच चुनाव जीत चुके नवल किशोर यादव की हार इस सीट पर प्रतिनिधित्व में महत्वपूर्ण बदलाव है। लंबे अनुभव और स्थापित पहचान के बावजूद इस बार मतदाताओं ने दूसरे उम्मीदवार को आगे किया। राजद के लिए यह जीत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत करने वाला परिणाम है, जबकि भाजपा को इस सीट पर हार का सामना करना पड़ा है। एक शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के परिणाम से पूरे बिहार के आम मतदाताओं के रुझान का अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। यह विशिष्ट मतदाता वर्ग का चुनाव है। फिलहाल स्पष्ट परिणाम यही है कि पटना शिक्षक सीट पर डॉ. संजीव कुमार विजयी रहे हैं और नवल किशोर यादव की लगातार जीत का सिलसिला टूटा है। अब नए प्रतिनिधि के कामकाज और शिक्षकों के मुद्दों पर उनकी भूमिका पर नजर रहेगी।
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