
अररिया। बिहार के अररिया जिले में भारत-नेपाल सीमा पर मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और सिकटी थाना पुलिस की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता मिली है। बुधवार को सुरक्षा बलों ने कार्रवाई करते हुए पांच कथित तस्करों को 33.05 ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 31 हजार 835 नेपाली रुपये भी बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई एसएसबी की 52वीं वाहिनी की सिकटी कंपनी के कृष्णा कुमार मीणा और सिकटी थाने के प्रशिक्षु पुलिस अवर निरीक्षक सौरभ कुमार के नेतृत्व में की गई। सीमा क्षेत्र में नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियान के दौरान हुई इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से बरामद मादक पदार्थ और नेपाली मुद्रा के संबंध में जांच की जा रही है।
एसएसबी और पुलिस की संयुक्त टीम ने की कार्रवाई
भारत-नेपाल सीमा पर मादक पदार्थों की अवैध तस्करी को रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियां विशेष अभियान चला रही हैं। इसी क्रम में सिकटी क्षेत्र में एसएसबी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की।
इस अभियान में एसएसबी 52वीं वाहिनी की सिकटी कंपनी और सिकटी थाना पुलिस के जवान शामिल रहे।
संयुक्त कार्रवाई का नेतृत्व एसएसबी के कृष्णा कुमार मीणा और प्रशिक्षु पुलिस अवर निरीक्षक सौरभ कुमार ने किया।
टीम ने पांच संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़कर उनकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान उनके पास से 33.05 ग्राम स्मैक और नेपाली मुद्रा बरामद होने की जानकारी सामने आई।
इसके बाद पांचों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।
पांच आरोपियों के कब्जे से 33.05 ग्राम स्मैक बरामद
सुरक्षा बलों की कार्रवाई में सबसे महत्वपूर्ण बरामदगी 33.05 ग्राम स्मैक की है।
स्मैक एक अत्यधिक नशीला पदार्थ है, जिसकी अवैध खरीद-बिक्री और तस्करी पर कानून के तहत सख्त प्रतिबंध हैं।
अधिकारियों के अनुसार, संयुक्त टीम ने पांच आरोपियों के कब्जे से यह मादक पदार्थ जब्त किया।
हालांकि, बरामद सामग्री की बाजार कीमत और इसे कहां से लाया गया था, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
यह भी स्पष्ट नहीं है कि पांचों आरोपी एक ही गिरोह से जुड़े थे या उनकी भूमिकाएं अलग-अलग थीं।
इन सवालों का जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
31 हजार 835 नेपाली रुपये भी मिले
गिरफ्तार आरोपियों के पास से भारतीय मुद्रा के बजाय 31 हजार 835 नेपाली रुपये बरामद होने की जानकारी भी सामने आई है।
सीमावर्ती क्षेत्र में नेपाली मुद्रा की बरामदगी जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू हो सकती है।
हालांकि, केवल नेपाली मुद्रा मिलने से यह साबित नहीं होता कि आरोपियों ने नेपाल से मादक पदार्थ की तस्करी की थी।
इसके लिए मादक पदार्थ के स्रोत, परिवहन मार्ग, लेनदेन और आरोपियों की गतिविधियों से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जरूरत होगी।
जांच में यह पता लगाया जाना महत्वपूर्ण होगा कि बरामद रकम का कथित नशीले पदार्थों के कारोबार से कोई संबंध है या नहीं।
सिकटी क्षेत्र में चल रहा विशेष अभियान
अररिया जिले का सिकटी इलाका भारत-नेपाल सीमा के निकट स्थित है।
सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण यहां सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी महत्वपूर्ण रहती है।
भारत और नेपाल के बीच खुली सीमा व्यवस्था है, जिससे वैध आवागमन और स्थानीय व्यापार को सुविधा मिलती है।
वहीं सुरक्षा एजेंसियां इस व्यवस्था का दुरुपयोग करके होने वाली अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए निगरानी करती हैं।
नशीले पदार्थों की तस्करी रोकना भी सीमा सुरक्षा से जुड़ी प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल है।
बुधवार को हुई कार्रवाई इसी विशेष अभियान के अंतर्गत की गई।
गुप्त सूचना के आधार पर की गई घेराबंदी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार को संयुक्त टीम को सूचना मिली थी कि कुछ लोग बौका मजरख वार्ड संख्या एक के रास्ते स्मैक लेकर सिकटी की ओर जाने वाले हैं।
सूचना के बाद एसएसबी और पुलिस ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी। भारत-नेपाल सीमा से करीब 200 मीटर अंदर भारतीय क्षेत्र में घेराबंदी की गई।
इस दौरान पांच संदिग्ध लोगों को रोका गया। तलाशी लेने पर उनके पास से प्लास्टिक में रखा भूरे रंग का पाउडरनुमा पदार्थ मिला।
टीम ने प्रारंभिक जांच के लिए डीडी किट का इस्तेमाल किया, जिसमें बरामद पदार्थ के स्मैक होने का संकेत मिला।
गिरफ्तार आरोपियों में तीन नेपाली नागरिक
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार पांच आरोपियों में दो भारतीय और तीन नेपाली नागरिक शामिल हैं।
भारतीय आरोपियों की पहचान सिकटी थाना क्षेत्र के बौका मजरख वार्ड संख्या एक निवासी दयानंद पासवान (39) और विक्रम कुमार पासवान (19) के रूप में हुई है।
वहीं नेपाल के मोरंग जिले के डैनिया वार्ड संख्या नौ निवासी वासुदेव पंडित (27), आनंद कुमार राजवंशी तथा सोनवर्षी वार्ड संख्या पांच निवासी सतीश कुमार शर्मा (26) को भी गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस अब इनकी आपसी पहचान और कथित मादक पदार्थ तस्करी में उनकी भूमिकाओं की जांच कर रही है।
एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज
सिकटी थानाध्यक्ष आशुतोष कुमार मिश्रा के अनुसार, गिरफ्तार पांचों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
आरोपियों की चिकित्सकीय जांच कराने और निर्धारित न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई करने की जानकारी भी सामने आई है।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद स्मैक कहां से लाई गई थी और इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था।
इस मामले में किसी बड़े नेटवर्क की संलिप्तता का पता लगाना भी जांच का हिस्सा है।
सीमावर्ती इलाकों में पहले भी हुई है कार्रवाई
अररिया के सीमावर्ती इलाकों में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पहले भी कार्रवाई की गई है।
चार अक्टूबर 2026 को सिकटी क्षेत्र में एसएसबी और बिहार पुलिस की संयुक्त टीम ने एक नेपाली युवक को 5.10 ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार किया था।
इससे पहले अगस्त के अंत में भी इसी सीमा क्षेत्र में एक नेपाली नागरिक के पास से 8.43 ग्राम संदिग्ध स्मैक बरामद होने की सूचना सामने आई थी।
ये अलग-अलग घटनाएं हैं। इनके बीच किसी संगठित आपराधिक संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।
नशे के अवैध कारोबार पर निगरानी जारी
मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थानीय पुलिस और एसएसबी के बीच समन्वय महत्वपूर्ण है।
सुरक्षा एजेंसियां संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी, गश्त और सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करती हैं।
स्मैक जैसे नशीले पदार्थों का अवैध कारोबार कानून-व्यवस्था के साथ सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए भी चिंता का विषय है।
बुधवार की कार्रवाई में पांच आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस जांच में जुटी है।
फिलहाल 33.05 ग्राम स्मैक और 31,835 नेपाली रुपये की बरामदगी की जानकारी सामने आई है। जांच में यह स्पष्ट किया जाना बाकी है कि मादक पदार्थों की इस खेप का स्रोत क्या था और इसे कहां पहुंचाया जाना था।





