
मोतिहारी। बिहार में शराबबंदी के बीच अवैध शराब निर्माण के लिए स्प्रिट की तस्करी करने वालों के खिलाफ मद्य निषेध विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। पूर्वी चंपारण जिले के मेहसी थाना क्षेत्र में विशेष छापेमारी दल ने एक महिंद्रा बोलेरो पिकअप वाहन से 1144 लीटर अवैध स्प्रिट बरामद की है। यह खेप मुजफ्फरपुर की ओर से मोतिहारी लाई जा रही थी। मद्य निषेध विभाग ने कार्रवाई करते हुए वाहन चालक समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। तलाशी के दौरान पिकअप में रखे 44 डिब्बों से स्प्रिट बरामद हुई। अधिकारियों के अनुसार, जब्त स्प्रिट का इस्तेमाल अवैध शराब बनाने के लिए किया जाना था। गिरफ्तार दोनों आरोपी पटना जिले के निवासी बताए गए हैं। विभाग अब उनसे पूछताछ कर स्प्रिट की आपूर्ति करने वालों और इसे मंगवाने वाले लोगों के बारे में जानकारी जुटा रहा है।
गुप्त सूचना पर मद्य निषेध विभाग ने की कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, मोतिहारी मद्य निषेध विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि मुजफ्फरपुर की तरफ से एक पिकअप वाहन में भारी मात्रा में अवैध स्प्रिट लाकर मोतिहारी की ओर भेजी जा रही है।
सूचना मिलने के बाद विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष छापेमारी दल को कार्रवाई के लिए लगाया।
टीम ने संभावित मार्ग पर वाहनों की जांच करने की योजना बनाई। इसके बाद मेहसी थाना क्षेत्र के बथना में वाहनों की निगरानी शुरू की गई।
जांच के दौरान एक संदिग्ध महिंद्रा बोलेरो पिकअप वाहन को रोका गया। वाहन की तलाशी लेने पर उसमें बड़ी मात्रा में स्प्रिट रखी मिली।
इसके बाद विभाग ने वाहन को जब्त कर उसमें सवार दो लोगों को हिरासत में लिया।
सहनी लाइन ढाबा के पास की गई घेराबंदी
मद्य निषेध विभाग की टीम ने मेहसी के बथना स्थित सहनी लाइन ढाबा के समीप वाहनों की जांच शुरू की थी।
गुप्त सूचना के आधार पर अधिकारियों ने संबंधित मार्ग पर घेराबंदी कर रखी थी।
इसी दौरान मुजफ्फरपुर की ओर से आ रही महिंद्रा बोलेरो पिकअप की जांच की गई।
तलाशी में वाहन के अंदर डिब्बों में भरी स्प्रिट मिलने के बाद टीम ने तत्काल कार्रवाई की।
वाहन के साथ उसमें सवार दो लोगों को भी पकड़ा गया।
इस कार्रवाई से अवैध शराब निर्माण के लिए भेजी जा रही स्प्रिट की एक बड़ी खेप अपने गंतव्य तक पहुंचने से पहले ही जब्त कर ली गई।
44 डिब्बों में भरी थी 1144 लीटर स्प्रिट
जब्त पिकअप वाहन की तलाशी के दौरान अधिकारियों को कुल 44 डिब्बे मिले।
इन डिब्बों में 1144 लीटर स्प्रिट भरी हुई थी।
मद्य निषेध विभाग के अनुसार, यह स्प्रिट अवैध शराब निर्माण के उद्देश्य से ले जाई जा रही थी।
स्प्रिट की इतनी बड़ी मात्रा बरामद होने के बाद विभाग ने यह पता लगाने की प्रक्रिया शुरू की कि इसकी आपूर्ति कहां से की गई थी।
इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि मोतिहारी में इसे किस व्यक्ति या समूह तक पहुंचाया जाना था।
फिलहाल स्प्रिट के वास्तविक आपूर्तिकर्ता और इसे मंगाने वाले व्यक्ति की पहचान का विस्तृत आधिकारिक विवरण सामने नहीं आया है।
पटना जिले के रहने वाले हैं दोनों आरोपी
मद्य निषेध विभाग की पूछताछ में गिरफ्तार दोनों आरोपियों के पटना जिले के निवासी होने की जानकारी सामने आई है।
अधिकारियों के अनुसार, दोनों पटना जिले के जमन बिगहा गांव के रहने वाले हैं।
इनमें एक व्यक्ति पिकअप वाहन चला रहा था, जबकि दूसरा उसके साथ मौजूद था।
विभाग दोनों की भूमिका और अवैध स्प्रिट के परिवहन में उनकी संलिप्तता की जांच कर रहा है।
हालांकि, गिरफ्तार आरोपियों के नाम और उनकी उम्र का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है।
इस मामले में यह भी पता लगाया जा रहा है कि दोनों पहले से ऐसे किसी कारोबार से जुड़े थे या नहीं।
अवैध शराब बनाने के लिए ले जाई जा रही थी स्प्रिट
मद्य निषेध विभाग के अनुसार, बरामद स्प्रिट का उपयोग अवैध शराब के निर्माण में किया जाना था।
बिहार में शराबबंदी लागू होने के कारण अवैध शराब के निर्माण और आपूर्ति पर रोक लगाने के लिए लगातार कार्रवाई की जाती है।
स्प्रिट विभिन्न औद्योगिक और अन्य वैध उपयोगों में भी काम आती है, लेकिन इसके अनधिकृत परिवहन और शराब बनाने में इस्तेमाल से संबंधित मामले कानून के दायरे में आते हैं।
विशेष रूप से अनियंत्रित परिस्थितियों में तैयार की गई शराब स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है।
विभाग अब जब्त स्प्रिट के स्रोत और उसके निर्धारित गंतव्य की जानकारी जुटाने का प्रयास कर रहा है।
उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज
मद्य निषेध विभाग ने गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ उत्पाद अधिनियम की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है।
इसके बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपियों से स्प्रिट की खरीद, परिवहन और आपूर्ति से जुड़ी जानकारी प्राप्त की जा रही है।
जब्त वाहन से संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की जा सकती है।
हालांकि, वाहन के मालिक की पहचान और उसकी भूमिका को लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।
आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।
छापेमारी दल में ये अधिकारी रहे शामिल
इस कार्रवाई में मद्य निषेध विभाग के अधिकारियों और जवानों की टीम शामिल रही।
विशेष छापेमारी दल में सहायक अवर निरीक्षक विजय पंडित और संतोष कुमार शामिल थे।
इसके अलावा मद्य निषेध सिपाही हाकिम आलम और अरविंद कुमार सहित अन्य जवानों ने कार्रवाई में सहयोग किया।
टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर वाहनों की जांच की और संदिग्ध पिकअप को रोककर तलाशी ली।
तलाशी में बड़ी मात्रा में अवैध स्प्रिट मिलने के बाद वाहन सहित दोनों आरोपियों को पकड़ा गया।
गिरोह के अन्य संपर्कों की तलाश
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर विभाग अब अवैध स्प्रिट के परिवहन से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रहा है।
अधिकारियों का प्रयास है कि इस खेप को भेजने वाले और प्राप्त करने वाले लोगों की पहचान की जाए।
जांच का एक महत्वपूर्ण विषय यह भी है कि स्प्रिट की आपूर्ति किसी संगठित नेटवर्क के माध्यम से की जा रही थी या नहीं।
फिलहाल किसी अन्य आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।
मद्य निषेध विभाग के सामने इस खेप से जुड़े पूरे घटनाक्रम को स्पष्ट करने की चुनौती है।
बिहार में शराबबंदी के बीच जारी अभियान
बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और परिवहन से संबंधित मामलों में कार्रवाई की जाती रही है।
इस तरह के मामलों में केवल तैयार शराब की बरामदगी ही नहीं, बल्कि अवैध शराब निर्माण के लिए लाई जा रही सामग्री की जब्ती भी महत्वपूर्ण होती है।
मोतिहारी के मेहसी में की गई कार्रवाई इसी प्रकार के अवैध परिवहन को रोकने से जुड़ी है।
विभाग ने स्प्रिट से भरे वाहन को उसके गंतव्य तक पहुंचने से पहले जब्त कर लिया।
अब आगे की जांच में यह स्पष्ट होगा कि इस खेप का संबंध किन लोगों से था।
अवैध शराब से स्वास्थ्य को भी खतरा
अवैध रूप से तैयार शराब का सेवन गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है।
विशेष रूप से यदि इसमें जहरीले रसायन या मिथेनॉल जैसे पदार्थ मौजूद हों, तो इससे जानलेवा विषाक्तता हो सकती है।
हालांकि, मेहसी में जब्त स्प्रिट की रासायनिक संरचना और उसमें किसी विशेष हानिकारक पदार्थ की मौजूदगी की प्रयोगशाला पुष्टि सामने नहीं आई है।
इसलिए बरामद सामग्री को बिना परीक्षण के किसी निश्चित रासायनिक श्रेणी में रखना उचित नहीं होगा।
मद्य निषेध विभाग की जांच में स्प्रिट की प्रकृति और उसके परिवहन से जुड़ी जानकारी महत्वपूर्ण होगी।
अब सप्लायर और खरीदार की पहचान पर नजर
मोतिहारी के मेहसी थाना क्षेत्र में 1144 लीटर स्प्रिट की बरामदगी के बाद विभाग की जांच जारी है।
विशेष छापेमारी दल ने मुजफ्फरपुर की ओर से आ रही पिकअप को बथना स्थित सहनी लाइन ढाबा के पास रोककर तलाशी ली थी।
वाहन में 44 डिब्बों में भरी स्प्रिट मिली। मौके से चालक समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
मद्य निषेध विभाग ने दोनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
अब जांच में यह पता लगाया जाएगा कि इतनी बड़ी मात्रा में स्प्रिट किसने भेजी थी और इसे मोतिहारी में किसके पास पहुंचाया जाना था।
फिलहाल विभाग ने 1144 लीटर स्प्रिट और एक पिकअप वाहन जब्त करने के साथ दो आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने के लिए पूछताछ जारी है।





