
सुपौल। कोसी नदी के जलस्तर में शुक्रवार को लगातार गिरावट दर्ज की गई। पिछले दिनों बढ़े जलप्रवाह के बाद अब नदी के पानी में कमी आने लगी है। गुरुवार को जहां कोसी नदी में जलप्रवाह 2,48,865 क्यूसेक तक पहुंच गया था, वहीं शुक्रवार सुबह तक इसमें काफी गिरावट दर्ज की गई।
जलस्तर में कमी आने के बावजूद प्रशासन और सिंचाई विभाग की ओर से नदी की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। कोसी बराज के फाटकों के संचालन और डाउन स्ट्रीम में पानी के प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
रात से घटने लगा था जलप्रवाह
जानकारी के अनुसार, गुरुवार रात आठ बजे के बाद से ही कोसी नदी के जलप्रवाह में कमी आने लगी थी। शुक्रवार सुबह आठ बजे बराहक्षेत्र में जलप्रवाह घटकर 1,29,800 क्यूसेक दर्ज किया गया।
वहीं, कोसी बराज पर जलप्रवाह 2,24,530 क्यूसेक रिकॉर्ड किया गया। लगातार घटते जलस्तर से नदी किनारे रहने वाले लोगों और प्रशासन को कुछ राहत मिली है।
हालांकि, बरसात के मौसम को देखते हुए विभागीय अधिकारी अभी भी सतर्क हैं और नदी की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।
कोसी बराज के 21 फाटक खोले गए
जलप्रवाह को नियंत्रित करने के लिए कोसी बराज के 21 फाटक खोलकर पानी डाउन स्ट्रीम में छोड़ा जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, नदी में पानी की मात्रा को देखते हुए फाटकों का संचालन किया जा रहा है, ताकि किसी भी तरह की समस्या उत्पन्न न हो।
शुक्रवार सुबह 10 बजे बराहक्षेत्र में जलप्रवाह और घटकर 1,23,500 क्यूसेक रह गया, जबकि कोसी बराज पर यह 1,99,255 क्यूसेक दर्ज किया गया।
इसके बाद कोसी बराज से कुल 1,95,355 क्यूसेक पानी डाउन स्ट्रीम में छोड़ा गया।
सिंचाई के लिए नहर में छोड़ा गया पानी
कोसी बराज से छोड़े जा रहे पानी में से पश्चिमी कोसी मुख्य नहर (डब्ल्यूकेएमसी) को सिंचाई के उद्देश्य से 3,900 क्यूसेक पानी दिया गया।
इसके बाद शेष 1,95,355 क्यूसेक पानी नदी के डाउन स्ट्रीम क्षेत्र में प्रवाहित किया गया। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पानी के वितरण और प्रवाह को नियंत्रित रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
नदी किनारे के क्षेत्रों पर नजर
कोसी नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव को देखते हुए नदी किनारे बसे इलाकों में प्रशासन सतर्क है। अधिकारियों की ओर से स्थानीय स्तर पर स्थिति की जानकारी ली जा रही है।
कोसी क्षेत्र में हर साल मानसून के दौरान नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाती है। नदी के प्रवाह में अचानक वृद्धि होने पर बाढ़ जैसी स्थिति पैदा होने की संभावना रहती है।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। लोगों को नदी के पास जाने से बचने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचना देने को कहा गया है।
अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन मानसून के दौरान लगातार निगरानी जरूरी है।
जलप्रवाह में कमी से मिली राहत
कोसी नदी के जलस्तर में गिरावट से आसपास के क्षेत्रों में राहत महसूस की जा रही है। पिछले दिनों बढ़े जलप्रवाह के कारण नदी किनारे रहने वाले लोगों में चिंता बढ़ गई थी।
अब पानी कम होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है। हालांकि, मौसम विभाग के पूर्वानुमान और बारिश की स्थिति को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क बना हुआ है।
विभागीय अधिकारी कर रहे निगरानी
सिंचाई विभाग और प्रशासनिक अधिकारी कोसी नदी की स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। बराज के फाटकों का संचालन जलप्रवाह के अनुसार किया जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि नदी के जलस्तर में होने वाले हर बदलाव की निगरानी की जा रही है, ताकि समय रहते जरूरी कदम उठाए जा सकें।
फिलहाल कोसी नदी का जलस्तर घट रहा है, लेकिन मानसून के दौरान संभावित परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बनाए रखने का निर्णय लिया है।





