बिहार

खगड़िया में कोसी-बागमती उफान पर, खतरे के निशान से ऊपर जलस्तर

Saba Naaz
21 July 2026 4:00 PM IST
खगड़िया में कोसी-बागमती उफान पर, खतरे के निशान से ऊपर जलस्तर
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बिहार: खगड़िया जिले में लगातार बढ़ रहे जलस्तर ने चिंता बढ़ा दी है। जिले से होकर गुजरने वाली कोसी और बागमती नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। वहीं बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। हालांकि अभी तक किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन प्रशासन और जल संसाधन विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिले के संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। विभाग की ओर से सभी बांधों और तटबंधों की 24 घंटे निगरानी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल सभी तटबंध और संबंधित संरचनाएं सुरक्षित हैं।

जानकारी के अनुसार, खगड़िया में कोसी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। मंगलवार सुबह छह बजे बलतारा में कोसी नदी का जलस्तर 34.76 मीटर दर्ज किया गया। इससे पहले सोमवार शाम छह बजे कोसी का जलस्तर 34.67 मीटर था। यानी 12 घंटे के भीतर नदी के जलस्तर में करीब नौ सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई। विभाग ने कोसी के जलस्तर की प्रवृत्ति बढ़ने वाली बताई है।

कोसी नदी खगड़िया में खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही है। जिले में कोसी के लिए खतरे का निशान 33.85 मीटर निर्धारित है, जबकि नदी का जलस्तर इससे करीब 91 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच चुका है। इससे नदी किनारे बसे ग्रामीण इलाकों में चिंता बढ़ गई है।

वहीं बागमती नदी भी उफान पर है। खगड़िया के संतोष जलद्वार के पास मंगलवार सुबह छह बजे बागमती का जलस्तर 36.94 मीटर दर्ज किया गया। सोमवार सुबह यहां नदी का जलस्तर 36.92 मीटर था। पिछले 24 घंटे में बागमती के जलस्तर में दो सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। हालांकि वृद्धि कम है, लेकिन नदी अभी भी खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही है।

बागमती के लिए खतरे का निशान 35.63 मीटर निर्धारित है। वर्तमान जलस्तर खतरे के निशान से करीब एक मीटर 31 सेंटीमीटर ऊपर है। इससे नदी के आसपास के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

इसके अलावा बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। सोमवार सुबह छह बजे खगड़िया के अघोरी स्थान के पास बूढ़ी गंडक का जलस्तर 33.48 मीटर दर्ज किया गया था, जो मंगलवार सुबह छह बजे बढ़कर 33.80 मीटर हो गया। पिछले 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 32 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि बूढ़ी गंडक अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही है।

नदियों में बढ़ते पानी के पीछे लगातार हो रही बारिश और ऊपरी इलाकों से आने वाले पानी को मुख्य कारण माना जा रहा है। कोसी बराज से भी बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। मंगलवार सुबह सात बजे कोसी बराज (भीमनगर बराज) का डिस्चार्ज दो लाख तीन हजार 265 क्यूसेक दर्ज किया गया। वहीं सुबह आठ बजे डिस्चार्ज दो लाख एक हजार 660 क्यूसेक रहा।

बराह क्षेत्र से भी पानी का बहाव लगातार जारी है। मंगलवार सुबह सात और आठ बजे यहां डिस्चार्ज एक लाख 28 हजार क्यूसेक दर्ज किया गया। पानी की लगातार आवक के कारण कोसी नदी के जलस्तर में वृद्धि जारी है।

जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले के सभी प्रमुख बांधों और तटबंधों की नियमित निगरानी की जा रही है। संवेदनशील स्थानों पर कर्मचारियों को तैनात किया गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है।

प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और नदी किनारे या निचले इलाकों में अनावश्यक आवाजाही से बचें। साथ ही किसी भी तरह की समस्या आने पर तुरंत स्थानीय प्रशासन को सूचना देने की अपील की गई है।

फिलहाल खगड़िया में बाढ़ की स्थिति पर प्रशासन की पैनी नजर बनी हुई है। कोसी और बागमती के बढ़ते जलस्तर के बीच आने वाले दिनों में स्थिति कैसी रहती है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

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