
खगड़िया: बिहार में बाढ़ का खतरा फिलहाल कुछ कम हुआ है, लेकिन खगड़िया जिले में कोसी और बागमती नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। जल संसाधन विभाग ने मंगलवार को कोसी बराज (भीमनगर बराज) से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने की संभावना जताई थी, लेकिन वास्तविक डिस्चार्ज अनुमान से काफी कम रहा। इसके बावजूद नदी किनारे बसे इलाकों में चिंता बनी हुई है।
विभाग ने मंगलवार दोपहर 12 बजे कोसी बराज से करीब 3 लाख 38 हजार 317 क्यूसेक पानी के डिस्चार्ज की संभावना जताई थी। हालांकि, दोपहर 12 बजे वास्तविक डिस्चार्ज 1 लाख 89 हजार 125 क्यूसेक दर्ज किया गया। इससे तत्काल बड़े खतरे की आशंका कुछ कम हुई है।
कोसी बराज से कम हुआ पानी का दबाव
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कोसी बराज से पानी का डिस्चार्ज अनुमान से कम रहने के कारण स्थिति कुछ नियंत्रित हुई है।
हालांकि, इसका असर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, क्योंकि कोसी बराज से छोड़ा गया पानी 24 से 36 घंटे के भीतर खगड़िया क्षेत्र में पहुंचता है।
ऐसे में आने वाले समय में नदी के जलस्तर में और बढ़ोतरी की संभावना बनी हुई है।
कोसी और बागमती में जारी है उफान
खगड़िया जिले में कोसी और बागमती नदियां अभी भी उफान पर हैं। पिछले तीन दिनों से दोनों नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है।
30 अगस्त से शुरू हुआ जलस्तर बढ़ने का सिलसिला अभी थमता नजर नहीं आ रहा है। प्रशासन और जल संसाधन विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
निचले इलाकों में बढ़ी चिंता
नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण नदी किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।
ग्रामीणों को डर है कि यदि जलस्तर में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही तो बाढ़ का खतरा और बढ़ सकता है।
कई इलाकों में लोग प्रशासन की ओर से जारी अलर्ट पर नजर बनाए हुए हैं।
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
नदी के तटबंधों की निगरानी की जा रही है और संवेदनशील इलाकों में अधिकारियों को तैनात किया गया है।
आपदा प्रबंधन विभाग भी संभावित स्थिति से निपटने की तैयारी में जुटा है।
कोसी-बागमती का बढ़ता पानी चुनौती
कोसी और बागमती बिहार की प्रमुख नदियों में शामिल हैं। मानसून के दौरान इन नदियों के जलस्तर में वृद्धि से हर साल कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति पैदा होती है।
इस बार भी लगातार बारिश और ऊपरी इलाकों से पानी आने के कारण नदियों में उफान देखने को मिल रहा है।
राहत और बचाव की तैयारी
प्रशासन ने संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए राहत और बचाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, राहत शिविर लगाने और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना बनाई जा रही है।
ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील
अधिकारियों ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
लोगों से कहा गया है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें।
आने वाले घंटे अहम
फिलहाल कोसी बराज से अनुमान से कम पानी छोड़े जाने के कारण राहत मिली है, लेकिन खगड़िया में कोसी और बागमती का बढ़ता जलस्तर चिंता का कारण बना हुआ है।
क्योंकि बराज का पानी पहुंचने में 24 से 36 घंटे लगते हैं, इसलिए आने वाले कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
प्रशासन और जल संसाधन विभाग की नजर अब नदी के जलस्तर में होने वाले बदलाव पर टिकी हुई है। यदि जलस्तर में तेजी जारी रहती है तो प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो सकती है।





