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नीतीश के करीबी हरेंद्र सिंह को नई जिम्मेदारी

Kavita2
1 Sept 2026 11:13 AM IST
नीतीश के करीबी हरेंद्र सिंह को नई जिम्मेदारी
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पटना: बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री और राज्यसभा सदस्य नीतीश कुमार के लंबे राजनीतिक सफर के दौरान कई लोग उनके साथ जुड़े और समय के साथ अलग भी हुए। लेकिन कुछ ऐसे चेहरे भी रहे, जिन्होंने बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच अपनी जगह बनाए रखी। इन्हीं में शामिल हैं हरेंद्र बहादुर सिंह, जिन्हें अब बिहार राज्य नागरिक परिषद के महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

सोमवार को उनकी नियुक्ति की घोषणा की गई। हरेंद्र बहादुर सिंह लंबे समय से नीतीश कुमार के करीबी सहयोगियों में माने जाते हैं। करीब तीन दशक से अधिक समय तक वह नीतीश कुमार के साथ जुड़े रहे हैं और कई महत्वपूर्ण दौर के गवाह रहे हैं।

सिपाही से शुरू हुआ सफर

हरेंद्र बहादुर सिंह का राजनीतिक और प्रशासनिक सफर काफी अलग रहा है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बिहार पुलिस में एक सिपाही के रूप में की थी। मेहनत और अनुभव के दम पर वह आगे बढ़ते गए और बाद में सब इंस्पेक्टर के पद तक पहुंचे।

पुलिस सेवा के दौरान उन्हें नीतीश कुमार की सुरक्षा में तैनाती का अवसर मिला। इसी दौरान दोनों के बीच संपर्क बढ़ा और धीरे-धीरे भरोसे का रिश्ता मजबूत होता गया।

नीतीश कुमार के साथ लंबे समय से जुड़े

नीतीश कुमार के राजनीतिक जीवन में कई उतार-चढ़ाव आए। सरकार बदली, गठबंधन बदले और राजनीतिक परिस्थितियां भी बदलती रहीं। लेकिन हरेंद्र बहादुर सिंह लगातार उनके साथ बने रहे।

उनकी पहचान केवल सुरक्षा अधिकारी तक सीमित नहीं रही, बल्कि समय के साथ वह नीतीश कुमार के विश्वसनीय सहयोगियों में शामिल हो गए।

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, नीतीश कुमार अपने पुराने और भरोसेमंद लोगों को लंबे समय तक साथ रखने के लिए जाने जाते हैं। हरेंद्र बहादुर सिंह भी ऐसे ही लोगों में शामिल हैं।

बिहार राज्य नागरिक परिषद में नई भूमिका

अब हरेंद्र बहादुर सिंह को बिहार राज्य नागरिक परिषद का महासचिव बनाया गया है। यह जिम्मेदारी मिलने के बाद उनके समर्थकों में खुशी का माहौल है।

नागरिक परिषद का उद्देश्य सरकार और जनता के बीच संवाद को मजबूत करना तथा जनहित से जुड़े मुद्दों पर काम करना होता है। महासचिव के रूप में हरेंद्र सिंह के सामने संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।

तीन दशक का भरोसे का रिश्ता

हरेंद्र बहादुर सिंह और नीतीश कुमार के बीच करीब 30 वर्षों से अधिक का जुड़ाव रहा है। इस दौरान उन्होंने नीतीश कुमार के राजनीतिक सफर के कई महत्वपूर्ण चरणों को करीब से देखा है।

जब नीतीश कुमार केंद्र की राजनीति में सक्रिय थे और बाद में बिहार की सत्ता में लौटे, तब भी हरेंद्र सिंह उनके साथ जुड़े रहे।

उनकी नियुक्ति को नीतीश कुमार के पुराने सहयोगियों और भरोसेमंद लोगों को महत्व देने की रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा

हरेंद्र बहादुर सिंह की नई जिम्मेदारी मिलने के बाद बिहार के राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा शुरू हो गई है। लंबे समय से नीतीश कुमार के साथ रहने वाले व्यक्ति को महत्वपूर्ण पद मिलना राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है।

हालांकि, हरेंद्र सिंह की भूमिका हमेशा संगठन और प्रशासनिक समन्वय से जुड़ी रही है।

अनुभव का मिलेगा लाभ

जानकारों का मानना है कि पुलिस सेवा और लंबे प्रशासनिक अनुभव के कारण हरेंद्र बहादुर सिंह को संगठनात्मक कामकाज समझने में मदद मिलेगी।

जनता और प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल बनाने में उनका अनुभव उपयोगी साबित हो सकता है। बिहार राज्य नागरिक परिषद के महासचिव के रूप में उनके सामने परिषद की गतिविधियों को प्रभावी तरीके से संचालित करने की चुनौती होगी।

नीतीश कुमार की टीम के पुराने सदस्य

नीतीश कुमार की राजनीति में भरोसेमंद सहयोगियों की अहम भूमिका रही है। कई लोग समय के साथ अलग हुए, लेकिन कुछ सहयोगी लगातार उनके साथ बने रहे।

हरेंद्र बहादुर सिंह उन्हीं चुनिंदा लोगों में शामिल हैं, जिन्होंने लंबे समय तक नीतीश कुमार के साथ काम किया और अब उन्हें एक नई जिम्मेदारी मिली है।

बिहार की राजनीति में हरेंद्र बहादुर सिंह की नियुक्ति इस बात का संकेत भी मानी जा रही है कि पुराने और भरोसेमंद चेहरों को संगठन में महत्वपूर्ण स्थान दिया जा रहा है। अब देखना होगा कि वह नई जिम्मेदारी को किस तरह निभाते हैं और नागरिक परिषद को किस दिशा में आगे बढ़ाते हैं।

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