
Bihar बिहार: यूपी-बिहार सीमा पर स्थित बरवा घाट में बासी नदी पर बने पुल के एप्रोच पथ के टूटने से स्थानीय लोगों और वाहन चालकों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पुल के दोनों ओर सड़क का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को खतरे में डालकर आवागमन करना पड़ रहा है।
स्थानीय पंचायत समिति के सदस्यों ने बताया कि हाल की लगातार हुई बारिश और नदी के कटाव के कारण एप्रोच पथ का एक हिस्सा बह गया है। इस वजह से पुल तक पहुंचने या पुल पार करने में बड़ी मुश्किल हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग के टूटने से आवागमन पर गंभीर असर पड़ा है, क्योंकि यह सड़क उत्तर प्रदेश और बिहार के कई गांवों के लिए मुख्य संपर्क मार्ग है।
स्थानीय निवासी मनोज तिवारी ने कहा, “यह पुल हमारे लिए जीवन रेखा की तरह है। अब सड़क टूट जाने के कारण लोग जोखिम लेकर ही आवागमन कर रहे हैं। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।” वहीं, पंचायत सदस्य प्रमोद गुप्ता ने बताया कि दुर्घटना की आशंका लगातार बनी हुई है और तुरंत इस पथ की मरम्मत की आवश्यकता है।
भनुप्रताप और अशोक कुमार ने बताया कि क्षतिग्रस्त पथ के कारण छोटे वाहन जैसे स्कूटर और बाइक सहित पैदल चलने वाले लोग भी सुरक्षित नहीं हैं। राहगीरों को पुल तक जाने के लिए नदी के किनारे असुरक्षित रास्तों से गुजरना पड़ रहा है। स्थानीय लोग डर और असुरक्षा की स्थिति में हैं।
राहगीरों और ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि पुल के एप्रोच पथ की मरम्मत के लिए तुरंत कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय पर मरम्मत नहीं हुई, तो किसी बड़े हादसे की संभावना बनी रहेगी।
पंचायत समिति के सदस्यों ने बताया कि यह पुल उत्तर प्रदेश और बिहार के कई लोगों के लिए रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं तक पहुंच का मुख्य मार्ग है। इसलिए इसे सुरक्षित रखना अति आवश्यक है।
स्थानीय लोगों की चिंता इस बात को लेकर भी है कि बारिश का सीजन अभी जारी है और नदी का जलस्तर बढ़ने से एप्रोच पथ पर और नुकसान होने का खतरा है। उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया कि पुल के दोनों ओर सुरक्षा संकेतक और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं ताकि लोग सुरक्षित रूप से मार्ग पार कर सकें।
ग्रामीणों ने कहा कि पुल टूटने की वजह से छोटे वाहन और पैदल लोग नदी के किनारे से होकर पुल तक पहुंचने के लिए मजबूर हैं, जिससे हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है।





