
कटिहार: बिहार का कटिहार जिला एक बार फिर कौमी एकता और सांप्रदायिक सौहार्द का गवाह बना है। शुक्रवार को जिले में मुहर्रम का पावन पर्व पूरी अकीदत, शांति और आपसी भाईचारे के साथ मनाया गया। इमाम हुसैन की शहादत की याद में शहर के विभिन्न अखाड़ों की ओर से एक भव्य जुलूस निकाला गया, जिसमें हजारों की संख्या में मुस्लिम धर्मावलंबियों ने शिरकत की। इस वर्ष कटिहार का यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि इसने देश के संविधान के प्रति सम्मान और गंगा-जमुनी तहजीब की एक ऐसी अनूठी मिसाल पेश की, जिसकी सराहना पूरे सूबे में हो रही है।
रानी सती मंदिर के सामने बनी सुरक्षा की मानव श्रृंखला
मुहर्रम जुलूस के दौरान कटिहार की धरती से देश को सामाजिक समरसता का सबसे बड़ा संदेश तब मिला, जब जुलूस शहर के व्यस्ततम दौलत राम चौक स्थित ऐतिहासिक रानी सती मंदिर के समीप पहुंचा। जैसे ही अखाड़े की भारी भीड़ और ताजिया मंदिर मार्ग से गुजरने लगे, मुस्लिम समुदाय के दर्जनों जिम्मेदार नौजवानों ने तुरंत आगे आकर रानी सती मंदिर के मुख्य द्वार के सामने एक मजबूत मानव श्रृंखला (Human Chain) बना दी। युवाओं का उद्देश्य जुलूस की भीड़ को पूरी तरह अनुशासित रखना, मंदिर परिसर की गरिमा व सुरक्षा को बनाए रखना और वहां से गुजरने वाले किसी भी आम राहगीर या श्रद्धालु को असुविधा न होने देना था। नफरत के दौर में मोहब्बत और जिम्मेदारी की इस खूबसूरत तस्वीर ने वहां मौजूद हर शख्स का दिल जीत लिया और इस पहल की हर तरफ जमकर तारीफ हो रही है।
ताजिया में दिखा ‘मेरा भारत महान’ और भारतीय संविधान का स्वरूप
इस वर्ष गर्ल्स स्कूल रोड से निकाले गए ताजिया ने हर वर्ग के लोगों का ध्यान विशेष रूप से अपनी ओर आकर्षित किया। इस बार ताजिया को पूरी तरह राष्ट्रीय भावना के रंग में रंगा गया था। ताजिया के ऊपर ‘मेरा भारत महान’ के नारे के साथ-साथ भारत के नक्शे के बीचों-बीच भारतीय संविधान की एक सुंदर छवि और राष्ट्रध्वज तिरंगे को प्रदर्शित किया गया था। जुलूस में शामिल युवाओं ने देश को एकता का पैगाम देते हुए कहा कि इस्लाम और मुहर्रम का असली संदेश इंसानियत, न्याय और भाईचारा है, और हमारे देश का संविधान हमें इसी एकता के सूत्र में बांधकर रखता है।
अड़गड़ा चौक पर सजे अखाड़े में कलाकारों ने दिखाए हैरतअंगेज करतब
शहर के अड़गड़ा चौक पर मुख्य अखाड़े का आयोजन किया गया, जहां विभिन्न खेल कमेटियों के लाठीबाजों और जांबाज कलाकारों ने हिस्सा लिया। ढोल-ताशे की गूंज और ‘या हुसैन’ के नारों के बीच कलाकारों ने लाठी-भाला, तलवारबाजी और पारंपरिक मार्शल आर्ट का ऐसा हैरतअंगेज प्रदर्शन किया कि देखने वाले लोग दंग रह गए। इस ऐतिहासिक अखाड़े का हौसला बढ़ाने के लिए कटिहार के सांसद तारिक अनवर, महापौर (मेयर) उषा देवी अग्रवाल और सांसद प्रतिनिधि सुनील यादव सहित मुहर्रम कमेटी के अध्यक्ष व सचिव मुख्य रूप से मौजूद रहे। अतिथियों ने शांतिपूर्ण और अनुशासित आयोजन के लिए सभी कमेटियों को बधाई दी।
ड्रोन कैमरों से रखी गई नजर, चाक-चौबंद रही सुरक्षा
इस विशाल जुलूस में बच्चे, बूढ़े और नौजवानों का हुजूम उमड़ पड़ा था, जिसे देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जगह-जगह दंडाधिकारियों (Magistrates) के साथ भारी संख्या में पुलिस बल और त्वरित कार्य बल के जवानों को तैनात किया गया था। संवेदनशील इलाकों में भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के लिहाज से ड्रोन कैमरों से लगातार डिजिटल निगरानी की जा रही थी। शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में मुहर्रम संपन्न होने पर सेंट्रल मुहर्रम कमेटी ने जिला प्रशासन, पुलिस बल और कटिहार की जनता का सहृदय आभार व्यक्त किया है।





