बिहार

महागठबंधन में बढ़ी अंदरूनी खींचतान

Saba Naaz
6 July 2026 5:10 PM IST
महागठबंधन में बढ़ी अंदरूनी खींचतान
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Bihar की बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर महागठबंधन में सीट शेयरिंग पर विवाद गहरा गया है। इस सीट पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस दोनों ने अपना-अपना दावा ठोक दिया है, जिससे गठबंधन के भीतर खींचतान खुलकर सामने आ गई है। उपचुनाव से पहले पैदा हुआ यह विवाद अब सियासी चर्चाओं का केंद्र बन गया है।

कांग्रेस ने पहले जहां प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज को समर्थन देने की बात कही थी, वहीं अब उसने खुद बांकीपुर सीट पर चुनाव लड़ने का दावा कर दिया है। दूसरी ओर, राजद ने भी साफ कर दिया है कि वह इस सीट से अपना उम्मीदवार उतारेगी। राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी को यहां करीब 44 हजार वोट मिले थे, इसलिए यह सीट उनकी मजबूत स्थिति में है।

वहीं कांग्रेस प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने बांकीपुर को कांग्रेस की पारंपरिक सीट बताते हुए दावा किया कि पार्टी यहां से पीछे नहीं हटेगी। कांग्रेस ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर गठबंधन के भीतर किसी भी दल ने बिना आपसी सहमति के सीट पर दावा किया, तो वह अपने स्तर पर निर्णय लेने को स्वतंत्र होगी। इस विवाद पर सत्ता पक्ष ने भी तंज कसा है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता प्रभाकर मिश्रा ने कहा कि विपक्षी गठबंधन पहले अपने अंदर ही लड़ाई लड़ रहा है, ऐसे में वह भाजपा को चुनौती कैसे देगा। वहीं जनता दल (यूनाइटेड) के प्रवक्ता महेश दास ने भी विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि गठबंधन में तालमेल की कमी साफ दिख रही है।

गौरतलब है कि बांकीपुर सीट भाजपा के विधायक नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। इस सीट पर भाजपा भी सक्रिय हो गई है और अजय आलोक, रणवीर नंदन और नील रतन घोष जैसे नामों पर विचार किया जा रहा है। अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा। उपचुनाव के लिए अधिसूचना जारी हो चुकी है और नामांकन प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि महागठबंधन में आखिरकार किस पार्टी को यह सीट मिलती है और क्या राजद-कांग्रेस के बीच का यह विवाद चुनावी रणनीति को प्रभावित करेगा।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर दोनों दलों में सहमति नहीं बनी तो इसका सीधा फायदा विरोधी दलों को मिल सकता है। फिलहाल बांकीपुर की यह सीट बिहार की राजनीति में एक अहम मुकाबले का केंद्र बन गई है।

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