बिहार

60 हजार करोड़ की परियोजना से जाम से छुटकारा

Saba Naaz
6 July 2026 5:02 PM IST
60 हजार करोड़ की परियोजना से जाम से छुटकारा
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Bihar में 60 हजार करोड़ रुपये की लागत से बन रहे रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। यह लगभग 719 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे कई राज्यों से होकर गुजरेगा और बिहार के कई जिलों की कनेक्टिविटी को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखता है। इस परियोजना के तहत गंगा नदी पर एक विशाल पुल और कई एप्रोच रोड बनाए जाने की तैयारी तेज हो गई है, जिससे लंबे समय से जाम और आवागमन की समस्या झेल रहे इलाकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

इस मेगा प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा लाभ बेगूसराय जिले के शाम्हो दियारा क्षेत्र को मिलने वाला है, जहां लोगों का जिला मुख्यालय तक पहुंचने का रास्ता अब तक कठिन रहा है। प्रस्तावित योजना के तहत गंगा नदी पर बनने वाले पुल से शाम्हो के लिए अलग एप्रोच रोड तैयार किया जाएगा, जिससे लोगों को सीधे और आसान कनेक्टिविटी मिल सकेगी। इसके अलावा मटिहानी प्रखंड के नया गांव क्षेत्र में भी एप्रोच रोड बनाने की योजना पर काम चल रहा है।

प्रशासनिक स्तर पर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शाम्हो सर्किल ऑफिस को पत्र भेजकर पुल और एप्रोच रोड के दायरे में आने वाली जमीनों का पूरा ब्योरा मांगा गया है। इसके बाद संबंधित गांवों में सरकारी और निजी भूमि का विवरण एकत्र किया जा रहा है, ताकि निर्माण कार्य में देरी न हो।

यह एक्सप्रेसवे एनएच-31 को पार करते हुए आगे गंगा और क्यूल नदी पर बड़े पुलों के जरिए सूर्यगढ़ा और मुंगेर रूट (NH-80) से जोड़ेगा। इससे बिहार के कई इलाकों के बीच सीधा और तेज संपर्क स्थापित होगा।

परियोजना पूरी होने के बाद शाम्हो और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बेगूसराय जिला मुख्यालय तक पहुंचने में काफी आसानी होगी। फिलहाल उन्हें लंबा और जटिल रास्ता तय करना पड़ता है, लेकिन एक्सप्रेसवे बनने के बाद यह दूरी और समय दोनों काफी कम हो जाएंगे।

रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेसवे को केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है और इसकी डीपीआर भी स्वीकृत हो चुकी है। परियोजना का लक्ष्य वर्ष 2028 तक पूरा करने का रखा गया है, हालांकि जमीन अधिग्रहण और निर्माण की प्रक्रिया को देखते हुए समय में बदलाव संभव है।

यह एक्सप्रेसवे न सिर्फ बिहार के इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करेगा, बल्कि व्यापार, परिवहन और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति देगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना से क्षेत्रीय विकास को बड़ा बढ़ावा मिलेगा और जाम जैसी समस्याओं में भारी कमी आएगी।

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