
बगहा। धनहा थाना क्षेत्र स्थित गौतम बुद्ध सेतु, जिसे धनहा पुल के नाम से भी जाना जाता है, से मंगलवार रात एक महिला को गंडक नदी में फेंके जाने का मामला सामने आया है। महिला ने अपने पति पर उसे पुल से नीचे नदी में फेंकने का आरोप लगाया है। गनीमत रही कि नदी की तेज धारा में बह रही महिला को सेमरबारी ठोकर के पास मछली पकड़ रहे मछुआरों और स्थानीय ग्रामीणों ने देख लिया और समय रहते उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
घटना की सूचना मिलते ही भितहा पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को अपने वाहन से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भितहा ले गई। वहां चिकित्सकों ने उसका उपचार किया। प्राथमिक उपचार के बाद महिला की हालत सामान्य बताई गई है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है और महिला के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
प्रभारी थानाध्यक्ष दीपा कुमारी ने बताया कि महिला ने अपना नाम प्रियंका साहनी बताया है। महिला के अनुसार उसके पति का नाम त्रिभुवन मद्धेशिया है और वह उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले के कोठीबारी थाना क्षेत्र के कोलूहा का रहने वाला है। महिला ने अपना मायका लवनहा, थाना पिपराइच बताया है।
पुलिस को दिए बयान में प्रियंका ने आरोप लगाया कि मंगलवार रात उसका पति त्रिभुवन मद्धेशिया उसे बाइक से लेकर धनहा पुल पहुंचा था। महिला का कहना है कि पुल पर पहुंचने के बाद उसके पति ने अचानक उसे उठाया और गंडक नदी में फेंक दिया। इसके बाद वह तेज धारा में बहने लगी।
रात का समय होने और नदी का बहाव तेज होने के कारण महिला की जान पर गंभीर खतरा पैदा हो गया था। वह पानी में बहते हुए सेमरबारी ठोकर के पास पहुंची। इसी दौरान वहां मौजूद मछुआरों और ग्रामीणों की नजर उस पर पड़ी। लोगों ने तत्काल उसे बचाने की कोशिश शुरू की और काफी मशक्कत के बाद महिला को नदी से सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
महिला को बाहर निकालने के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। भितहा पुलिस मौके पर पहुंची और महिला की स्थिति देखते हुए उसे तुरंत स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। चिकित्सकों ने उसकी जांच की और जरूरी उपचार दिया। राहत की बात यह रही कि नदी में गिरने और तेज बहाव में बहने के बावजूद महिला की जान बच गई और उपचार के बाद उसकी हालत सामान्य हो गई।
घटना के बाद पुलिस महिला से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ले रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि पति-पत्नी के बीच किसी तरह का विवाद था या घटना के पीछे कोई अन्य कारण है। महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की भी जांच की जा रही है।
मामले में आरोपी पति की भूमिका को लेकर पुलिस साक्ष्य जुटा रही है। महिला के बयान के अलावा घटनास्थल, आसपास मौजूद लोगों और संभावित प्रत्यक्षदर्शियों से भी जानकारी ली जा सकती है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि घटना के समय पुल पर अन्य लोग मौजूद थे या नहीं।
पुलिस के लिए इस मामले में महिला का बयान सबसे महत्वपूर्ण आधार है। महिला का आरोप है कि उसके पति ने जानबूझकर उसे नदी में फेंका। हालांकि घटना की पूरी सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल पुलिस महिला के आरोपों के आधार पर मामले को गंभीरता से देख रही है।
गंडक नदी का बहाव सामान्य दिनों में भी तेज रहता है और रात के समय किसी व्यक्ति का नदी में गिरना जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसे में मछुआरों और ग्रामीणों की सतर्कता ने महिला की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। यदि कुछ समय और देरी होती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।
स्थानीय लोगों ने महिला को बचाने वाले मछुआरों की सराहना की है। बताया जा रहा है कि महिला पानी में बहते हुए मदद की कोशिश कर रही थी। उसे देखकर मछुआरों ने बिना समय गंवाए नदी में बचाव का प्रयास शुरू किया और उसे किनारे तक लाने में सफल रहे।
घटना के बाद धनहा पुल और आसपास के इलाके में भी चर्चा का माहौल है। लोगों के बीच इस बात को लेकर हैरानी है कि पति-पत्नी के बीच ऐसा क्या हुआ कि मामला कथित तौर पर महिला को नदी में फेंकने तक पहुंच गया।
पुलिस महिला के परिवार और ससुराल पक्ष से भी संपर्क करने की तैयारी कर रही है। इससे दोनों के बीच पूर्व से चल रहे किसी विवाद या तनाव की जानकारी मिल सकती है। महिला के बयान की पुष्टि के लिए अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं।
प्रभारी थानाध्यक्ष दीपा कुमारी के अनुसार महिला की स्थिति अब सामान्य है और उससे पूछताछ की गई है। आगे की कानूनी कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।
यह मामला घरेलू विवाद की गंभीरता को भी सामने लाता है। पति-पत्नी के बीच विवाद चाहे किसी भी कारण से हो, हिंसा या जान से मारने की कोशिश किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकती। ऐसे मामलों में समय रहते परिवार, समाज और पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।
फिलहाल महिला सुरक्षित है और पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी है। आरोपी पति की तलाश और उसकी भूमिका की पुष्टि भी जांच का अहम हिस्सा होगी। पुलिस यह भी देख रही है कि घटना के बाद आरोपी कहां गया और उसने किसी से संपर्क किया या नहीं।
गंडक नदी से महिला को सुरक्षित बाहर निकालने वाले मछुआरों और ग्रामीणों की तत्परता ने एक बड़ी अनहोनी टाल दी। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती महिला के आरोपों की जांच कर घटना की वास्तविक वजह और आरोपी की भूमिका स्पष्ट करना है।





