बिहार

पिता की जगह संभाली थी वर्दी, अब बेटे की मौत से गमगीन परिवार

Saba Naaz
18 July 2026 7:24 PM IST
पिता की जगह संभाली थी वर्दी, अब बेटे की मौत से गमगीन परिवार
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पश्चिम चंपारण। बिहार पुलिस के सहायक अवर निरीक्षक (ASI) बबलू प्रसाद की समस्तीपुर जिले में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की खबर से उनके पैतृक गांव कटैया में शोक की लहर दौड़ गई है। नौरंगिया थाना क्षेत्र के महुअवा कटहरवा पंचायत स्थित कटैया गांव में इस घटना के बाद मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। परिवार और ग्रामीणों के लिए यह घटना बेहद दुखद और अविश्वसनीय बनी हुई है।

समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर थाना क्षेत्र में एएसआई बबलू प्रसाद संदिग्ध हालत में मृत पाए गए थे। घटना की सूचना मिलते ही उनके गांव में रहने वाले परिजनों और ग्रामीणों के बीच अफरातफरी मच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।

बबलू प्रसाद के जीवन की कहानी भी काफी भावुक करने वाली है। वर्ष 2009 में उनके पिता के निधन के बाद उन्हें अनुकंपा के आधार पर बिहार पुलिस में नौकरी मिली थी। पिता की जगह उन्होंने पुलिस विभाग की जिम्मेदारी संभाली और अपनी मेहनत, ईमानदारी और व्यवहार से विभाग में अपनी पहचान बनाई। सहकर्मियों और ग्रामीणों के बीच वे काफी लोकप्रिय थे।

ग्रामीणों के अनुसार, बबलू प्रसाद मिलनसार और खुशमिजाज स्वभाव के व्यक्ति थे। वे हमेशा लोगों की मदद के लिए आगे रहते थे और सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभाते थे। उनके अचानक निधन की खबर से गांव के लोग स्तब्ध हैं। कई ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें अब भी विश्वास नहीं हो रहा कि हमेशा हंसते-मुस्कुराते रहने वाले बबलू प्रसाद अब उनके बीच नहीं हैं।

घटना की जानकारी मिलते ही उनके परिवार के सदस्य समस्तीपुर के लिए रवाना हो गए। नौरंगिया थानाध्यक्ष राज रोशन ने बताया कि पुलिस की ओर से परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई है। हालांकि परिवार की बुजुर्ग मां की तबीयत को देखते हुए उन्हें अभी तक इस दुखद घटना की पूरी जानकारी नहीं दी गई है।

बबलू प्रसाद के परिवार पर इस घटना से दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनकी पत्नी सुनीता कुमारी राजकीय प्राथमिक विद्यालय मटियरिया में शिक्षिका हैं। परिवार में उनके 16 वर्षीय पुत्र शुभम कुमार और 14 वर्षीय पुत्री सुनीधि कुमारी हैं। पिता के निधन के बाद दोनों बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।

परिवार के रिश्तेदार प्रशांत कुमार ने बताया कि बबलू प्रसाद बेहद अच्छे स्वभाव के इंसान थे। वे सभी से प्रेमपूर्वक व्यवहार करते थे और समाज में उनकी अच्छी छवि थी। उनके निधन से सिर्फ परिवार ही नहीं, बल्कि पूरा गांव और आसपास का क्षेत्र गम में डूब गया है।

बताया गया कि बबलू प्रसाद के परिवार में उनकी बड़ी बहन इंदू देवी, बड़े भाई मुन्ना कुमार, बहन रंभा कुमारी और छोटे भाई बागेश्वर प्रसाद हैं। सभी परिजन इस घटना से गहरे सदमे में हैं।

फिलहाल समस्तीपुर पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मौत के कारणों का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि एएसआई बबलू प्रसाद की मौत किन परिस्थितियों में हुई।

इस घटना ने एक बार फिर अनुकंपा नियुक्ति के जरिए परिवार की जिम्मेदारी संभालने वाले एक पुलिसकर्मी की दुखद कहानी सामने ला दी है। पिता की मृत्यु के बाद परिवार का सहारा बने बबलू प्रसाद के अचानक चले जाने से उनका परिवार टूट गया है और पूरा गांव शोक में डूबा हुआ है।

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